अंधविश्वास विरोधी कार्यकर्ता दाभोलकर की हत्या

पुलिस के मुताबिक़ अंधविश्वास और काले जादू के ख़िलाफ़ मुहिम चलाने वाले नरेन्द्र दाभोलकर की पुणे में दो अज्ञात हमलावरों ने मंगलवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि दाभोलकर सुबह की सैर के लिए निकले थे कि तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो हमलावरों ने उनके सिर पर क़रीब से गोलियां दाग दी.
उन्हें शहर के ओंकारेश्वर पुल पर घायल अवस्था में पाया गया. बाद में उन्होंने ससून अस्पताल में दम तोड़ा.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री शरद पवार सहित कई राजनेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दाभोलकर की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें प्रगतिवादी सोच के लिए समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता बताया है.
पवार ने कहा, “दाभोलकर जिस प्रगतिवादी सोच के लिए महाराष्ट्र में काम कर रहे थे वो जारी रहेगी.”
प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने भी दाभोलकर की हत्या की निंदा करते हुए उनके हत्यारों का सुराग बताने वाले को दस लाख रुपए इनाम की घोषणा की है.
राज्य के गृह मंत्री आरआर पाटिल ने दाभोलकर की हत्या पर क्षोभ और दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस के शीर्ष अधिकारियों को इस मामले की तह में जाने का निर्देश दिया है.
पुणे के पुलिस आयुक्त गुलाबराव पोल ने दाभोलकर की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस हत्या के कारणों की जांच की जा रही है लेकिन अभी तक किसी हमलावर की पहचान नहीं हुई है.
पुलिस ने बताया कि 69 साल के दाभोलकर को कुल चार गोलियां मारी गई थीं जिनमें दो उनके सिर पर लगी थीं.
समाज में व्याप्त अंधविश्वासों को खत्म करने और वैज्ञानिक चेतना जगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की अगुवाई की थी. साथ ही वो प्रगतिवादी विचारधारा की पत्रिका ‘साधना’ के संपादक भी थे.
महाराष्ट्र के सतारा ज़िले के रहने वाले दाभोलकर सामाजिक कुप्रथाओं और अंधविश्वास के ख़िलाफ क़ानून लाने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा में एक विधेयक लाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन कुछ लोग उनकी इस मुहिम के ख़िलाफ थे.
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