चारा घोटाला मामले में लालू को हाई कोर्ट का झटका

झारखंड हाईकोर्ट ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की चारा घोटाले से संबंधित याचिकाओं को रद्द कर दिया है. लालू ने एक मामले को सीबीआई जज प्रवास कुमार सिंह की अदालत से सीबीआई की अन्य विशेष अदालत में तबादला करने और एक अन्य गवाह को पेश करने की मांग की थी.
जज आरआर प्रसाद की अदालत ने 28 जून को सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. अदालत के सामने राम जेठमलानी ने लालू प्रसाद यादव का पक्ष रखा था.
चारा घोटाला मामले में 15 जुलाई को फैसला आ आएगा. लालू ने केस संख्या आरसी20ए का तबादला वर्तमान जज प्रवास कु्मार सिंह की अदालत से सीबीआई की अन्य विशेष अदालत में करने की मांग की थी. <link type="page"><caption> (पढ़िए: मलेशिया में भी चारा घोटाला</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2012/03/120312_malaysia_cowgate_ar.shtml" platform="highweb"/></link>)
लालू की दलील
जज प्रवास कुमार सिंह पर लालू के राजनीतिक प्रतिद्वंदी जनता दल के दो नेताओं से संबंध रखने के आरोपों के बाद लालू ने तर्क दिया था कि उन्हें वर्तमान जज से न्याय की आशा नहीं है.
लालू की ओर से अधिवक्ता राम जेठमलानी ने अदालत से कहा था कि इस आधार पर पशु पालन संबंधित मामले का तबादला जज प्रवास कुमार की अदालत से कर दिया जाए.
उन्होंने अदालत से आग्रह किया था कि पशु पालन मामले में कुल 76 गवाहों में से 17 गवाह ही पेश हुए हैं और एक अन्य गवाह को भी पेश किया जाए.
इससे पहले 24 जून को अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार सिंह ने प्रवास कुमार सिंह की अदालत के समक्ष कहा था कि उनके मुवक्किल के मामले में हाई कोर्ट का फैसला आने तक सुनवाई रोक दी जाए. <link type="page"><caption> (पढ़िए: एक मुलाकात लालू प्रसाद यादव के साथ)</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2007/01/070120_ekmulaqat_lalu.shtml" platform="highweb"/></link>
फैसला
चारा घोटाला मामले में सीबीआई अदालत पिछले महीने से सुनवाई कर रही है और 20 जून को अदालत ने प्रसाद समेत 45 आरोपियों को एक जुलाई तक सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया था.
चाइबासा कोषागार से 90 के दशक में 37.7 करोड़ रुपये निकालने के घोटाले से संबंधित मामले (आरसी20ए 96) पर 15 जुलाई को प्रवास कुमार सिंह अपना फैसला देंगे.
इस केस के कुल 56 आरोपियों में से 45 अब भी आरोपी हैं. बाकी या तो गवाह बन गए हैं या अब जीवित नहीं हैं.
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