मुस्लिम वोट बैंक पर है नीतीश की नज़र: लालू

आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव ने नीतीश कुमार के क़दम को अवसरवादी करार दिया है.
इमेज कैप्शन, आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव ने नीतीश कुमार के क़दम को अवसरवादी करार दिया है.

बीजेपी और जेडीयू का 17 साल पुराना गठबंधन टूटने के बाद एनडीए में शामिल शिवसेना ने जहां इसे जेडीयू का गैर ज़रूरी क़दम बताया है वहीं बिहार में प्रमुख विपक्षी दल आरजेडी ने कहा है कि नीतीश कुमार की नज़र मुस्लिम वोट बैंक पर है.

राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा कि, "बीजेपी और जेडीयू दोनों ने बिहार की जनता को धोखा दिया है और बिहार की जनता दोनों को सबक सिखा देगी."

उन्होंने कहा कि "मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कहना चाहता हूँ कि नीतीश कुमार ने यह कदम लालकृष्ण आडवाणी के कहने पर उठाया है."

पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं.

जेडीयू के साथ किसी तरह के समीकरण को लेकर पूछ गए एक सवाल के जवाब में कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा, "पहले उन्हें आपस में तय करने दीजिए."

कांग्रेस नेता शकील अहमद ने कहा है कि देर से ही सही, यह सही कदम है. उन्होंने कहा, "हम नीतीश कुमार को बधाई देते हैं. वह देश का अहित करने वाले गठबंधन से बाहर आए हैं."

'दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण'

दूसरी ओर एनडीए की प्रमुख साझीदार भारतीय जनता पार्टी ने इस फैसले को दुखद बताया है.

बीजेपी नेता सुषमा स्वाराज ने कहा है कि एनडीए का टूटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है.
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साथ ही भाजपा ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह नरेन्द्र मोदी के फैसले पर किसी तरह का समझौता करने के लिए तैयार नहीं है.

भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने एनडीए के टूटने को दुखद बताया है.

उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि, “<link type="page"><caption> एनडीए</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/11/121120_nda_motion_ac.shtml" platform="highweb"/></link> का टूटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है.”

दूसरी ओर भाजपा प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि भाजपा नरेन्द्र मोदी के मसले पर कोई समझौता नहीं करेगी.

उन्होंने कहा कि, “हम अपने फैसले स्वयं करेंगे. एनडीए के फैसले की जब बात आएगी तो एनडीए से बात की जाएगी.”

उन्होंने कहा, “जो भी फैसला नरेन्द्र मोदी के बारे में भारतीय जनता पार्टी ने किया है, उस पर किसी तरह से पीछे हटने का सवाल नहीं है.”

शिव सेना-अकाली दल साथ

एनडीए के प्रमुख घटक शिव सेना ने कहा है कि जद-यू के इस फैसले से कांग्रेस को फायदा होगा.
इमेज कैप्शन, एनडीए के प्रमुख घटक शिव सेना ने कहा है कि जद-यू के इस फैसले से कांग्रेस को फायदा होगा.

एनडीए के प्रमुख घटक <link type="page"><caption> शिवसेना</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/12/121213_shivsena_memorial_vv.shtml" platform="highweb"/></link> के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा है कि इस फैसले से एनडीए को नुकसान होगा और कांग्रेस फायदे में रहेगी.

नरेन्द्र मोदी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने पर उन्होंने कहा कि यह भाजपा का आंतरिक मामला है.

उन्होंने कहा कि"प्रधानमंत्री का उम्मीदवार तय करने के लिए एनडीए को अभी विचार करना है."

एनडीए के दूसरे साझेदार अकाली दल ने भी जद-यू के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. पार्टी के नेता नरेश गुजराल ने कहा है कि जद-यू ने यह कदम मुस्लिम वोट बैंक को बचाने के लिए उठाया है, लेकिन इससे पार्टी को कोई फायदा मिलने नहीं जा रहा है.

उन्होंने कहा कि, "भाजपा पहले ही यह साफ कर चुकी है कि प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा सबसे बातचीत के आधार पर की जाएगी, इसलिए गठबंधन टूटने के लिए भाजपा को दोष देना ठीक नहीं होगा. "