'जल्द ही पूरा होगा राहत और बचाव अभियान'

उत्तराखंड सरकार के अनुसार अगर मौसम ने साथ दिया तो एक-दो दिन में प्रभावित इलाकों से लोगों को निकाल कर सुरक्षित जगह पंहुचाने का काम पूरा हो जाएगा.
राज्य के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने ये दावा भी किया है कि अब तक करीब एक लाख लोगों को निकाल लिया गया है और घांघरिया, केदारनाथ, जंगलचट्टी और गंगोत्री में कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जो कि फंसा हुआ हो.
मुख्यमंत्री ने बताया कि गंगोत्री घाटी में हवाई मार्ग के जरिये लोगों को निकाला गया लेकिन बद्रीनाथ में इसमें कुछ बाधा आई. कई लोग पैदल मार्ग और ट्रैंकिंग करते हुए बद्रीनाथ से जोशीमठ पंहुचे.
खाद्य सामग्री, दवाइयां और राहत सामग्री पंहुचाने के लिये गोचर, मातली और जोशीमठ में बेसकैंप बनाए गए हैं. मुख्यमंत्री ने ये भी कहा है कि एक महीने तक प्रभावित इलाकों में हेलfकॉप्टर सेवा जारी रहेगी, खासतौर पर वहां जहां सड़क संपर्क धराशायी हो चुका है.
हादसा
इस बीच मंगलवार को हुए हेलfकॉप्टर हादसे के बाद वायुसेनाध्यक्ष एनएके ब्राउन भी गोचर पंहुचे. उन्होंने कहा, “खराब मौसम और ये हादसा इस मिशन में लगे वायुसेना के जवानों का मनोबल नहीं डिगा सकता और पूरा देश देख रहा है कि वायुसेना कितनी प्रतिबद्धता से काम कर रही है.”
इस बीच प्रभावित इलाकों में डायरिया फैलने की खबरें आ रही हैं क्योंकि लोग इतने दिनों से गंदा पानी पीने को मजबूर हैं. केदारनाथ घाटी में पड़े हुए पार्थिव शरीरों से भी वातावरण में कई तरह की बीमारी फैलने की आशंका हो गई है. इसीलिये इनकी जल्दी से जल्दी अंत्येष्टि करने की कोशिश की जा रही है.
सरकार का कहना है कि बीमारी की स्थितियों की निगरानी की जा रही है और 304 डॉक्टर और 5000 पैरामेडिकलकर्मी तैनात किए गए हैं.
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दो दिनों में मौसम प्रतिकूल बना रहेगा.
पूर्वानुमान के अनुसार एक कम दबाव का क्षेत्र और साइक्लोनिक सिस्टम बन रहा है जिससे पिथौरागढ़ सहित कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है.
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