सोशल मीडिया: सुप्रीम कोर्ट ने दिए आपत्तिजनक कमेंट पर गिरफ़्तारी के नियम

पिछले दिनों में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों के कई मामलों में लोगों की गिरफ्तारी की गई है.
इमेज कैप्शन, पिछले दिनों में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों के कई मामलों में लोगों की गिरफ्तारी की गई है.

<link type="page"><caption> सुप्रीम कोर्ट</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/05/130506_cbi_sc_afidavit_ml.shtml" platform="highweb"/></link> ने कहा है कि सोशल नेटवर्किंग साइटों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की अनुमति के बिना गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए.

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को केंद्र सरकार के दिशा निर्देश का पालन करना चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज़ की आंध्र प्रदेश शाखा की महासचिव जया विंध्याला की गिरफ्तारी संबंधी याचिका पर सुनवाई के दौरान यह बात कही है.

<link type="page"><caption> जया विंध्याला</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/05/130513_facebook_comment_leads_to_jail_rd.shtml" platform="highweb"/></link> को <link type="page"><caption> फेसबुक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/05/130508_facebook_figures_skj.shtml" platform="highweb"/></link> पर तमिलनाडु के गवर्नर, के रोसैया और कांग्रेस के विधायक, अमांची कृष्ण मोहन के ख़िलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी लिखने के आरोप में 12 मई को गिरफ्तार किया गया था.

केंद्र सरकार ने नौ जनवरी को एक दिशा निर्देश जारी कर कहा था कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में किसी को गिरफ्तार करने से पहले वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति ली जानी चाहिए.

निर्देश

सुप्रीम कोर्ट
इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी राज्यों को केंद्र सरकार के दिशा निर्देश का पालन करना चाहिए

जस्टिस बीएस चौहान और दीपक मिश्रा की खंडपीठ ने इसी दिशा निर्देश का हवाला देते हुए कहा, ‘‘ हम सभी राज्य सरकारों को निर्देश देते हैं कि वो इस तरह की किसी भी गिरफ्तारी से पहले केंद्र सरकार की सलाह को माने.’’

खंडपीठ का कहना था कि अदालत इस तरह के मामलों में गिरफ्तारी करने पर प्रतिबंध नहीं लगा सकती क्य़ोंकि सुप्रीम कोर्ट सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 ए की संवैधानिक वैधता पर विचार कर रहा है.

केंद्र सरकार ने फेसबुक पर पोस्टों को लाइक करने और कमेंट करने के मामले में हुई एक गिरफ्तारी के मद्देनज़र नौ जनवरी को निर्देश जारी किए थे.

केंद्र द्वारा जारी निर्देश में कहा गया था कि राज्य सरकार धारा 66 ए के तहत किसी को भी गिरफ्तार करने से पहले वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की अनुमति ले.

इसके लिए बड़े शहरों में पुलिस महानिरीक्षक से अनुमति ली जाए. यह अनुमति पुलिस अधीक्षक या पुलिस उपायुक्त या उनसे ऊपर के रैंक के अधिकारी ही दे सकते हैं.

<italic>(क्या आपने बीबीसी हिन्दी का नया एंड्रॉएड मोबाइल ऐप देखा? डाउनलोड करने के लिए यहां <link type="page"><caption> क्लिक</caption><url href="): http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. अपनी राय देने के लिए आप हमारे क्लिक करें <link type="page"><caption> फेसबुक</caption><url href="http://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> पन्ने पर आ सकते हैं और क्लिक करें <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</italic>