सीबीआई: कोयला घोटाले की रिपोर्ट में क़ानून मंत्री ने किए थे बदलाव

केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने <link type="page"><caption> सुप्रीम कोर्ट</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/04/130426_cbi_director_in_court_rd.shtml" platform="highweb"/></link> में नया शपथ पत्र दाखिल कर स्वीकार किया है कि कोयला आवंटन घोटाला मामले में क़ानून मंत्री अश्वनी कुमार ने स्टेटस रिपोर्ट में बदलाव किए थे.
शपथ पत्र में कहा गया है कि कोयला घोटाले पर स्टेटस रिपोर्ट को न सिर्फ कानून मंत्री के साथ साझा किया गया बल्कि अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी दस्तावेज़ के मसौदे में काफी बदलाव कराए हैं.
<link type="page"><caption> सीबीआई </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/04/130430_sc_on_cbi_rd.shtml" platform="highweb"/></link>ने कहा है कि जो भी परिवर्तन किए गए, उन सभी संशोधनों को सीबीआई बंद लिफाफे में अदालत के सामने रख रही है.
बैठकों की जानकारी देते हुए सीबीआई ने कहा है कि संशोधनों पर सलाह मशविरा के लिए खुद कानून मंत्री, अटार्नी जनरल, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल, प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के साथ-साथ कोयला मंत्रालय के अधिकारियों ने भी बैठकों में हिस्सा लिया था.
अदालत की अवमानना
याचिकाकर्ता की ओर से वकील प्रशांत भूषण का कहना था कि ये शुद्ध रुप से अदालत की अवमानना का मामला है क्योंकि अटार्नी जनरल ने अदालत में दो बार बयान में कहा था कि उन्होंने न तो उन्होंने <link type="page"><caption> स्टेटस रिपोर्ट </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/04/130430_sc_on_cbi_rd.shtml" platform="highweb"/></link>देखी और न ही कोई बदलाव किए गए.
उनका कहना था कि तीन चरणों में बैठकें हुईं.
सीबीआई निदेशक ने रंजीत सिन्हा ने कहा है कि ये याद करना बेहद मुश्किल है कि किसने किस तरह का सुझाव दिया. सीबीआई के अधिकारियों ने भी बदलाव किए लेकिन किसी का भी नाम नहीं हटाया गया.
प्रशांत भूषण का कहा है कि ये तभी पता चलेगा जब सभी सीबीआई अधिकारियों के कंप्यूटर जब्त किए जाएं ताकि अपराध विज्ञानी ये जाँच कर सकें कि किसने क्या परिवर्तन किए.












