दूरदर्शन की सोशल मीडिया 'दूरदर्शिता'

दूरदर्शन और आकाशवाणी अपनी छवि बदलने की कोशिश में काफ़ी गंभीरता से लगे हैं और इस दिशा में जिन योजनाओं पर विचार हो रहा है उनमें एक 'क्राउड सोर्सिंग' भी है.
क्राउड सोर्सिंग यानी लोगों की मदद से कार्यक्रम तैयार करना या लोगों से कार्यक्रम बनवाना.
भारत में सार्वजनिक प्रसारण का नियमन करने वाली संस्था प्रसार भारती ने साथ ही सोशल मीडिया के लिए एक सलाहकार कमिटी भी गठित की है जिसमें प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज पचौरी भी शामिल हैं.
पंकज पचौरी ने बीबीसी से बातचीत में बताया कि <link type="page"><caption> पब्लिक ब्राडकास्टर्स को सोशल मीडिया </caption><url href="https://twitter.com/PBCSocialMedia" platform="highweb"/></link>से जोड़ने की कोशिशों के तहत ये प्रयास किया जा रहा है.
इन्टरैक्टिव
उनका कहना था, ‘‘हमारी पहली बैठक हुई है जिसमें गूगल, फेसबुक और ट्विटर के प्रतिनिधि थे. सब युवा लोग हैं. और बैठकें भी होंगी. लोगों ने भी सुझाव भेजे हैं. ट्विटर पर. फेसबुक पर और वेबसाइट पर भी सुझाव आ रहे हैं.’’
अच्छा तो सुझाव किस तरह के हैं.
पंकज बताते हैं, ‘‘सबसे अधिक सुझाव तो इसी बात के हैं कि हमें और इंटरैक्टिव होना चाहिए यानी लोगों तक पहुंचना चाहिए उनकी बात सुननी चाहिए. एक दिन में ही सौ-डेढ़ सौ सुझाव आ गए हैं. मई में हमें रिपोर्ट देनी है तब तक और सुझाव आएंगे.’’
'क्राउड सोर्सिंग'
तो आगे की क्या योजना होगी, वो बताते हैं कि कई बातों पर विचार हो रहा है जिनमें से एक क्राउड सोर्सिंग भी है.
अब अगर दूरदर्शन और आकाशवाणी 'क्राउड सोर्सिंग' की योजना पर अमल करने का फ़ैसला करते हैं तो छोटे शहरों और गांवों के लोग भी कोई कार्यक्रम बना सकते हैं या उसमें किसी प्रकार की मदद कर सकते हैं.
आइडिया तो अच्छा है लेकिन क्या दूरदर्शन और आकाशवाणी ऐसा कर पाएंगे ये एक बड़ा सवाल है.
<link type="page"><caption> फेसबुक पर डीडी के नाम से कई पन्ने हैं </caption><url href="http://www.facebook.com/search/results.php?q=doordarshan&typeaheadResults=[%22100000211954731%22%2C%22100002558994045%22%2C%22105437142823313%22%2C%22379784828740377%22%2C%22110909512259174%22%2C%2282339844226%22%2C%22200584933310898%22]&init=quick&tas=0.8786252101246641" platform="highweb"/></link>और एकबारगी पता भी नहीं चलता कि कौन सा पन्ना असली डीडी का फेसबुक पन्ना है.
हालांकि ट्विटर पर स्थिति बेहतर है. <link type="page"><caption> डीडीन्यूज़ लाइव</caption><url href="https://twitter.com/DDNewsLive" platform="highweb"/></link> के नाम से अकाउंट वेरिफाइड है और लगातार ट्वीट्स होते हैं.
ऐसा शायद इसलिए भी है क्योंकि पिछले कुछ दिनों में सरकारी महकमे ट्विटर पर सूचना प्रसारित करने के मामले में सक्रिय हुए हैं.
अब आगे देखने वाली बात ये होगी कि सलाहकार समिति किन सुझावों पर गौर करती है और आने वाले समय में सार्वजनिक प्रसारकों को लोगों से और कितना जोड़ पाती है.
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