अफ़ज़ल के लिए बनी कब्र से पत्थर हटाया गया

उत्तर श्रीनगर के एक कब्रिस्तान में बनाई गई थी अफ़ज़ल गुरु की कब्र.
इमेज कैप्शन, उत्तर श्रीनगर के एक कब्रिस्तान में बनाई गई थी अफ़ज़ल गुरु की कब्र.

भारत प्रशासित कश्मीर में अधिकारियों ने उस कब्र के ऊपर लगे पत्थर को हटा दिया है, जिसे <link type="page"> <caption> अफ़ज़ल गुरु</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/02/130209_afzal_profile_pk.shtml" platform="highweb"/> </link> के लिए बनाया गया था.

अफ़ज़ल गुरु को भारतीय संसद पर 13 दिसंबर, 2001 के हमले के मामले में नौ फरवरी को दिल्ली स्थित <link type="page"> <caption> तिहाड़ जेल में फांसी</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/02/130209_afzal_guru_hanged_pk.shtml" platform="highweb"/> </link> पर लटका दिया गया था.

मंगलवार को कुछ चरमपंथियों ने एक कब्र पर लगाए गए पत्थर पर अफ़ज़ल गुरू का भी नाम लिखा था.

इस कब्र में बीते दो दशक के दौरान चरमपंथ के शिकार हुए लोगों को दफ़नाया गया है. इस कब्र को शहीद-ए-वतन का नाम दिया गया था.

इलाके में पुलिस का घेरा

ये कब्र फांसी पर लटकाए गए एक अन्य चरमपंथी मक़बूल बट की कब्र में बगल में था. मक़बूल के लिए बना कब्र भी 28 सालों से खाली है.

लेकिन इस पत्थर को हटा लिया गया है और इसके इर्द गिर्द आवाजाही पर पाबंदी लगा दी गई है.

मक़बूल बट को भारत सरकार के ख़ुफि़या अधिकारी की हत्या के आरोप में फांसी दी गई थी. उन्हें 11 फरवरी, 1984 को तिहाड़ जेल में ही फांसी दी गई थी और बाद में उन्हें वहीं दफ़ना दिया गया था.

कब्रिस्तान पर कुछ दूरी से नजर रख रहे कुछ युवाओं ने बताया, “देर रात पुलिस ने अफ़ज़ल गुरु के नाम वाले पत्थर को हटा दिया.”

परिवार वाले फिर आहत

श्रीनगर से दो मील उत्तर पूर्व स्थित इस कब्रिस्तान की निगरानी अब सीआरपीएफ के जवान कर रहे हैं. सीआरपीएफ के एक इंस्पेक्टर ने बताया कि इस इलाके में किसी को आने जाने की अनुमति नहीं है.

वहीं अफ़ज़ल गुरु के परिवार वालों ने <link type="page"> <caption> अफ़ज़ल के शव की मांग</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/02/130212_afzal_family_pp.shtml" platform="highweb"/> </link> फिर से दोहराई है.

अफ़ज़ल गुरु के भाई यासीन गुरु ने कहा, “हम अपनी मांग पर कायम हैं. हम जेल में जाकर अंतिम प्रार्थना नहीं करेंगे.”

यसीन इस बात से भी नाराज हैं कि पुलिस ने अफ़ज़ल के लिए बनी कब्र से पत्थर को हटाया है.

उन्होंने कहा, “एक ओर तो सरकार हमें जेल में आकर अंतिम प्रार्थना करने को कह रही है दूसरी ओर अफ़ज़ल की कब्र के साथ छेड़छाड़ करते हुए उसके पत्थर को हटाकर वह अफ़ज़ल के साथ अपमानजनक तरीके से पेश आ रही है.”