नीतीश-मोदी विवाद पर बँटी बिहार में भाजपा

- Author, मणिकांत ठाकुर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, पटना
नीतीश कुमार- नरेंद्र मोदी विवाद के सिलसिले में जनता दल यूनायटेड (जदयू) के ताजा आक्रामक रुख पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बिहार इकाई बंटी हुई दिख रही है.
एक तरफ उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी के बयानों में नरेंद्र मोदी के बजाय नीतीश कुमार का समर्थन साफ़ झलकता है वहीं दूसरी तरफ राज्य में भाजपा के एक वरिष्ठ मंत्री गिरिराज सिंह जदयू नेताओं के बयानों का मुखर विरोध करते हुए नरेंद्र मोदी के पक्ष में खड़े दिखते हैं.
इन्हीं परस्पर विरोधी धाराओं में बंटी प्रदेश भाजपा की एक आपात बैठक गुरुवार शाम पटना में हुई. पार्टी सूत्रों के मुताबिक़ जदयू पर जवाबी हमले के मूड को सुशील मोदी खेमे ने कुंद कर दिया.
फिर भी यहाँ के कुछ भाजपा नेताओं ने नीतीश कुमार के 'सेक्युलर पी एम' वाले बयान की खुलकर खिंचाई की है.
खिंचाई
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ सी. पी. ठाकुर ने व्यंग्य करते हुए कहा, '' क्या सेक्युलरिज्म की डिग्री किसी विश्वविद्यालय से मिलती है कि उसे धारण करके कोई प्रधानमंत्री पद के योग्य हो जाय?"
सबसे तीखा हमला गिरिराज सिंह ने किया है.
उन्होंने कहा,''सेक्युलर कौन है और सेकुलरिज्म क्या है, ये हमें किसी दल का नेता बताएगा या सिखाएगा? ये तो जनता तय करेगी और जहां तक नरेंद्र मोदी की बात है, तो वो सौ नहीं दो सौ प्रतिशत सेक्युलर हैं. जाकर देखिये गुजरात में उनका सेकु्युलरिज्म. जदयू के शिवानन्द तिवारी को भूत पकड़ लिया है जो धमकी और गाली दे रहे है! ''
मौका देख राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने नीतीश कुमार के साथ-साथ लालकृष्ण आडवाणी को भी लपेट लिया है.
उनका कहना है, "जब गुजरात में दंगा हुआ था तो नीतीश कुमार रेल मंत्री थे और दो-ढाई साल तक वो इस पद पर रहते हुए नरेंद्र मोदी की साम्प्रदायिकता के खिलाफ चूँ शब्द तक नहीं बोले. ये सब आडवाणी जी के इशारे पर हो रहा है और नीतीश जी को उन्होंने कह रखा है कि मैं पीएम नहीं बना तो तुम्हें बनवा दूंगा.''
धमकी

उधर, जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवानन्द तिवारी ने भाजपा के नरेंद्र मोदी समर्थकों पर हमला और तेज कर दिया है. उन्होंने गठबंधन तोड़ लेने तक की धमकी दी है.
उनका कहना है ''जिस क्षण ये लगेगा कि भाजपा असल में सिर्फ नरेंद्र मोदी की पार्टी रह गई है, या मौजूदा भाजपा नेतृत्व ये बात खुलकर मान लेगा, उसी क्षण जदयू इस गठबंधन से अलग हो जायेगा, भले ही इस कारण बिहार की सत्ता छोडनी पड़े.''
इस तरह की बयानबाजी से एक बार फिर यहाँ का सत्ता पक्ष उसी तरह अंतर्कलह में फंसा हुआ दिख रहा है, जिस तरह भाजपा के पटना सम्मलेन के समय उभरे विवाद के बाद दिखा था.
मोदी-नीतीश की एक तस्वीर वाला विज्ञापन छपने से नाराज़ नीतीश कुमार ने भाजपा नेताओं को भोज पर आमंत्रित करने के बाद उस भोज को रद्द कर दिया था.
लेकिन पर्यवेक्षक मानते हैं कि इस बार का झगड़ा जदयू नेतृत्व की सुनियोजित रणनीति के तहत उछाला गया है, इसलिए कोई परिणाम निकलेगा ही.












