बिहार बर्बाद हुआ जातिवादी नेताओं से: मोदी

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गुजरात में चुनावी बिगुल फूंकते हुए नरेंद्र मोदी ने साफ संकेत दिए कि अब वो अपनी जंग राष्ट्रीय राजनीति के मैदान में लड़ेगें.
राजकोट में भारतीय जनता पार्टी की दो दिन की राज्य इकाई के सम्मलेन को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि गुजरात ने पूरे देश की राजनीति को विकास के ऊपर केंद्रित कर दिया.
'बिहार तबाह'
बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, "हिंदुस्तान ने देखा है कि जो राज्य जातिवाद के जहर में उलझ गए उनका क्या हुआ. बिहार किसी समय कितना शानदार राज्य था लेकिन वहां के जातिवादी नेताओं ने उस राज्य को तबाह कर के रख दिया."
नितीश कुमार जो कि पिछले करीब सात सालों से बिहार के मुख्यमंत्री हैं नरेंद्र मोदी से हमेशा दूरी बनाए रखने की कोशिश की है.
नितीश कुमार ने नरेंद्र मोदी के बिहार चुनाव प्रचार के लिए आने पर गठबंधन तोड़ने की धमकी तक दे दी थी. और तो और उन्होंने गुजरात राज्य की तरफ से बिहार में बाढ़ रहत के लिए जो पैसे आए थे वह भी लौटा दिए थे.
नरेंद्र मोदी ने साथ ही साथ उत्तर प्रदेश का भी जिक्र किया जहां के जातिवादी नेताओं ने "उत्तर प्रदेश का क्या हाल कर के रखा है."
यूं तो यह गुजरात भारीय जनता पार्टी राज्य इकाई का सम्मलेन था लेकिन मोदी ने भाषण के लिए गुजराती को नहीं हिंदी को चुना. उन्होंने कहा कि गुजरात ने पूरे देश में विकास को राजनीति का केंद्रीय मुद्दा बना दिया.
केंद्र में यूपीए के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के बारे में बोलते हुए मोदी ने कहा, "कांग्रेस बचने वाली नहीं है क्यों कि वो बचने का सामर्थ्य खो चुकी है और जो खुद बचने का सामर्थ्य खो दे वह देश को कैसे बचाएगी?"
मोदी ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार, महंगाई और आर्थिक कुप्रबंधन का आरोप भी लगाया.
अंतर्कलह
गुजरात में दिसंबर 2012 में चुनाव होने वाले हैं. रविवार के भाषण पर लोगों की निगाह इसलिए भी थी क्योंकि मोदी भारतीय जनता पार्टी से अपने विरोधी संजय जोशी को निकाले जाने के कारण सुर्खियों में हैं.
राजकोट सहित गुजरात के अन्य हिस्सों में संजय जोशी के पोस्टर लगे हुए थे. साथ ही गुजरात भाजपा में मोदी विरोधी, पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल, और सुरेश मेहता जैसे नेताओं ने इस सम्मलेन से दूरी बना कर रखी. बीती 16 मई को एक राजनितिक सम्मलेन में बोलते हुए केशुभाई पटेल ने नरेंद्र मोदी के दौर को "आतंक का राज" बताया था. पटेल ने यह बयान महागुजरात जनता पार्टी के मंच से दिया था. यह पार्टी पूर्व भाजपा नेता और धुर मोदी विरोधी गोवर्धन झड़फिया ने बनाई है.
केशुभाई पटेल कद्दावर पटेल नेता के रूप में पहचाने जाते हैं.
उन्होंने कहा था "केवल पटेल ही नहीं, गुजरात में हर वर्ग के लोग वर्तमान सरकार के राज में भयग्रस्त होकर जीवन बिता रहे हैं."
लेकिन नरेंद्र मोदी ने अपने पूरे भाषण के दौरान कहीं भी अपने किसी भी विरोधी का नाम नहीं लिया.
मोदी ने अपने भाषण को पूरी तरह से विकास के मुद्दों पर केंद्रित रखा. हां उन्होंने केंद्र सरकार को "दिल्ली की सल्तनत" कह कर एक बार पुकारा.
नरेंद्र मोदी पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान अपनी हर चुनावी सभा में यूपीए की सरकार को दिल्ली की सल्तनत कह कर पुकारते थे. उस दौरान नरेंद्र मोदी सोहराबुद्दीन शेख के फर्जी एंकाउन्टर को लेकर को दबाव में थे.












