ओडिशा ट्रेन दुर्घटना: बालासोर में कैसे हुआ ट्रेन हादसा, किस ट्रेन ने किसे टक्कर मारी? - प्रेस रिव्यू

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ओडिशा के बालासोर में शुक्रवार शाम करीब सात बजे भीषण ट्रेन हादसा हुआ. तीन ट्रेनों के चपेट में आने से हुए इस हादसे में मरने वालों की संख्या 233 पहुंच गई है.
घायलों की संख्या भी 900 के क़रीब पहुंच गई है. हादसे वाली जगह से जिस तरह की तस्वीरें आ रही हैं, वो शायद कुछ लोगों को विचलित कर सकती हैं.
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने दुर्घटना को देखते हुए एक दिन के राजकीय शोक का आदेश दिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्री इस भीषण हादसे पर दुख ज़ाहिर कर चुके हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से लेकर कई आला अफ़सर मौके पर मौजूद हैं.
ट्रेन हादसे के बाद टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने रेल मंत्री से इस्तीफ़े की मांग भी की है.
देश के लगभग सभी बड़े अख़बारों ने इस ख़बर को मुख्य पन्ने पर जगह दी है.
कैसे हुआ हादसा

इंडियन एक्सप्रेस अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि चेन्नई को जा रही कोरोमंडल एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से उतर कर नज़दीक के ट्रैक पर जा गिरे, जहां से बेंगलुरु हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस जा रही थी.
अख़बार ने दक्षिण पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता के हवाले से लिखा है कि कोरोमंडल ट्रेन के बोगी नंबर बी2 से बी9, ए1 से ए2, बी1 और इंजन हादसे का शिकार हुए हैं, वहीं ट्रेन नंबर 12864 (यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस) की एक जनरल बोगी को नुक़सान पहुंचा है. जनरल बोगी और बोगी नंबर 2 पीछे की तरफ से पटरी से उतरी हैं.
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी ने अख़बार को बताया कि बहनागा बाज़ार रेलवे स्टेशन से गुज़रते हुए शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल ट्रेन के 12 डिब्बे पटरी से उतर गए. ये डिब्बे साथ के ट्रैक से गुज़र रही हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन से जा टकराए. इसके बाद हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के भी तीन डिब्बे पटरी से उतर गए.
सूत्रों ने अख़बार को बताया कि बहनागा बाज़ार स्टेशन पर चार ट्रैक हैं. एक लूप ट्रैक पर मालगाड़ी खड़ी थी. दो मुख्य लाइनों पर आमने-सामने से दो ट्रेनों को पास करना था.

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अख़बार का कहना है कि कोरोमंडल ट्रेन के डिब्बे जब पटरी से उतरे तो उनकी टक्कर मालगाड़ी से भी हुई.
ख़बर में स्थानीय स्टेशन अधिकारियों के हवाले से हादसे का दूसरा विवरण भी बताया गया है, जिसमें कोरोमंडल ट्रेन की जगह बेंगलुरु-हावड़ा ट्रेन के पहले पटरी से उतरने की बात कही गई है.
हिंदू अखबार ने भी ट्रेन हादसे को मुख्य पन्ने पर जगह दी है. इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के उलट द हिंदू का कहना है कि पहले यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से उतरे.
अख़बार का कहना है कि शाम करीब सात बजे बहनागा बाज़ार रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन नंबर 12864 (यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस) के दो डिब्बे पटरी से उतर गए और साथ के ट्रैक पर सामने से आ रही तेज़ रफ्तार ट्रेन नंबर 12841 (कोरोमंडल एक्सप्रेस) से जा टकराए, जिसके चलते कोरोमंडल ट्रेन के 17 डिब्बे पटरी से उतरे.
हिंदू अखबार का कहना है कि हादसे में एक मालगाड़ी भी शामिल है. अख़बार ने ओडिशा के चीफ सेक्रेटरी पीके जेना के हवाले से बताया कि कोरोमंडल ट्रेन के डिब्बे जब पटरी से उतरे तो वे मालगाड़ी से जा टकराए.
कोरोमंडल एक्सप्रेस पश्चिम बंगाल को तमिलनाडु से जोड़ती है. ट्रेन ने हादसे से कुछ समय पहले ही शालीमार स्टेशन को पार किया था. अख़बार के मुताबिक कोरोमंडल ट्रेन में ज्यादातर वे लोग होते हैं जो काम के सिलसिले में या बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तमिलनाडु जाते हैं.
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक शाम 6 बजकर 55 मिनट पर कोरोमंडल एक्सप्रेस के 15 डिब्बे पटरी से उतरे और साथ के ट्रैक पर जा गिरे. सात बजे हावड़ा एक्सप्रेस की टक्कर इन पटरी से उतरे हुए डिब्बों के साथ हुई और ऐसे में हावड़ा एक्सप्रेस के भी दो डिब्बे पटरी से उतर गए.

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चश्मदीदों ने क्या बताया

कोरोमंडल एक्सप्रेस के एक यात्री ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, "हम शालीमार से चेन्नई जा रहे थे. हम एस5 बोगी में थे और जिस समय हादसा हुआ उस उस समय मैं सोया हुआ था."
"हमने देखा कि किसी का सिर नहीं था, किसी का पैर नहीं था तो किसी का हाथ नहीं था. सब ऐसे ही पड़े थे. हादसे के समय दिमाग भी काम नहीं कर रहा था. हमारी सीट के नीचे एक दो साल का बच्चा था. हमने उसे निकालकर परिवार को दिया. उसे कुछ नहीं हुआ था. "
कोरोमंडल एक्सप्रेस में ही सवार दूसरे यात्री ने बताया, "हम लोग चेन्नई जा रहे थे. शाम सात बजे से दस मिनट पहले यह हादसा हुआ. हम लोग एस5 बोगी में यात्रा कर रहे थे. एस5 बोगी के लोगों को बहुत समस्या नहीं हुई. थोड़ी-थोड़ी चोट आई है."

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खाप पंचायत का केंद्र सरकार को अल्टीमेटम

शुक्रवार को पहलवानों के समर्थन में हरियाणा के कुरुक्षेत्र में खाप महापंचायत हुई.
इस ख़बर को द हिंदू अखबार ने पहले पन्ने पर जगह दी है. अख़बार के मुताबिक़, खाप महापंचायत ने केंद्र सरकार को पहलवानों से बात शुरू करने और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है.
अख़बार का कहना है कि खाप नेताओं ने केंद्र सरकार को 9 जून तक का अल्टीमेटम दिया है और कहा कि अगर सरकार ने बात नहीं मानी तो 9 जून के बाद पहलवान फिर से जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे.
खाप महापंचायत में शामिल राकेश टिकैत ने सरकार से पहलवानों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है.
उन्होंने कहा, "पहलवानों के परिवारों को धमकियां मिल रही हैं. उनकी भी सिक्योरिटी का इंतज़ाम करना चाहिए. 9 जून को हम अपना फैसला करेंगे, अगर सरकार नहीं सुनती है तो बच्चों को वापस जंतर-मंतर पर लेकर जाएंगे. सरकार उसे (बृजभूषण शरण सिंह) गिरफ्तार करे."
खाप महापंचायत कुरुक्षेत्र की जाट धर्मशाला में हुई थी. अखबार के मुताबिक महापंचायत में हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के खाप नेताओं और उनके समर्थकों ने हिस्सा लिया.
महिला पहलवानों ने कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं. दिल्ली पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ दो एफ़आईआर भी दर्ज की हैं.

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पहलवानों की मांग है कि बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार किया जाए, जिसके चलते 23 अप्रैल से पहलवान प्रदर्शन कर रहे हैं.
पहलवानों के समर्थन में उतरी 1983 वर्ल्ड कप की टीम की खबर को द टाइम्स ऑफ इंडिया ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
अखबार के मुताबिक 1983 में वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के खिलाड़ियों ने पहलवानों का साथ देते हुए कहा कि उनके साथ जिस तरीके से हाथापाई हुई, उसे देखकर वे परेशान हैं.
पूर्व क्रिकेटरों ने पहलवानों से गंगा में मेडल न बहाने की अपील की है.

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गुजरात में टाटा का नया प्रोजेक्ट

टाटा समूह ने लिथियम आयन सेल फैक्ट्री लगाने के लिए गुजरात सरकार के साथ समझौता किया है. इस प्रोजेक्ट में टाटा समूह करीब 13 हज़ार करोड़ रुपये निवेश करेगा.
इस ख़बर को बिजनेस स्टैंडर्ड अखबार ने पहले पन्ने पर जगह दी है. अख़बार ने इस मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया कि गुजरात के सानंद में ईवी बैटरी प्लांट लगाने का फैसला इस हफ्ते की शुरुआत में टाटा संस की बोर्ड मीटिंग में लिया गया था.
अख़बार के मुताबिक टाटा मोटर्स का पहले से ही एक एक प्लांट सानंद में चल रहा है और कंपनी ने फोर्ड मोटर्स के प्लांट का भी अधिग्रहण किया है और दोनों प्लांट को एक करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. इसे पूरा होने में एक साल का समय लग सकता है.
टाटा की इकाई अग्रतास एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस और गुजरात सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) के बाद संयुक्त बयान में कहा गया है कि प्लांट पर तीन साल से कम समय में काम शुरू हो जाएगा.

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