ओडिशा ट्रेन दुर्घटना: रातभर और आज सुबह घटनास्थल पर क्या कुछ हुआ

रविवार सुबह घटनास्थल पर मौजूद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

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इमेज कैप्शन, रविवार सुबह घटनास्थल पर मौजूद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

ओडिशा के बालासोर ज़िले के पास शुक्रवार की शाम करीब सात बजे भीषण ट्रेन हादसा हुआ, जिसमें अब तक 288 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और करीब 800 लोग घायल हुए हैं.

दुर्घटना स्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो चुका है. घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है. इसके साथ ही पटरियों की मरम्मत का काम अभी भी जारी है.

शनिवार की पूरी रात अलग अलग टीमों के सैकड़ों लोग मरम्मत के काम में लगे रहे. खुद रेल मंत्री घटना के बाद से मौके पर मौजूद हैं और कार्य का जायज़ा ले रहे हैं.

रविवार सुबह समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि हादसे की जांच पूरी हो गई है और इसकी मुख्य वजह का भी पता लगा लिया गया है.

उन्होंने कहा, "इनक्वायरी पूरी कर ली गई है. कमिश्नर (रेल सेफ़्टी) अपनी पूरी इन्क्वायरी रिपोर्ट जल्दी से जल्दी देंगे. जैसे ही ये रिपोर्ट आएगी सारे तथ्य पता चलेंगे, लेकिन इतने दर्दनाक हादसे की बुनियादी वजह का पता चल चुका है."

रविवार सुबह, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ओडिशा ट्रेन दुर्घटना के घायलों को दी जा रही मेडिकल सहायता का जायज़ा लेने के लिए जा रहे हैं.

रविवार की सुबह कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी भी घटनास्थल पहुंचे हैं. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने रेस्क्यू अभियान में लगी सभी टीमों की सराहना की है. उन्होंने कहा कि घटना घटने के बाद जिस तेज़ी के साथ चीज़ें हो रही हैं, अगर वह पहले होतीं तो आज हमें ऐसा हादसा न देखने को मिलता.

ओडिशा में ट्रेन हादसा

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बीबीसी हिंदी

कैसे हुआ हादसा?

ओडिशा ट्रेन दुर्घटना, तीन ट्रेनों के चपेट में आने की वजह से हुई.

  • 12841- शालीमार (हावड़ा के नज़दीक) से चेन्नई जा रही थी कोरोमंडल एक्सप्रेस
  • 12864- सर एम. विश्वेश्वरैया-हावड़ा सुपरफ़ास्ट एक्सप्रेस ट्रेन यशवंतपुर से हावड़ा जा रही थी.
  • बाहानगा बाज़ार स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी

यह हादसा कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन के एक मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मारने की वजह से हुआ.

रेलवे की तकनीकी भाषा में इसे हेड ऑन कॉलिजन कहते हैं. ऐसे हादसे आमतौर पर बहुत कम देखने को मिलते हैं.

ग्राफ़िक्स

इस दुर्घटना में कोरोमंडल एक्सप्रेस के 12 डिब्बे पटरी से उतर गए. इनमें से कुछ डिब्बे दूसरी पटरी पर चले गए. दूसरी पटरी पर ठीक उसी वक़्त बेंगलुरु से आ रही यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस गुज़र रही थी.

पटरी से उतरने के बाद कोरोमंडल एक्सप्रेस के जो डिब्बे दूसरी पटरी पर गए थे वो वहां से गुज़र रही यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस से जा टकराई. इसके साथ ही यह भीषण हादसा हुआ.

ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फ़ेडरेशन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने बीबीसी को बताया है कि किसी तकनीकी ख़राबी की वजह से कोरोमंडल एक्सप्रेस को हरा सिग्नल दिया गया या फिर तकनीकी गड़बड़ी से ही यह ट्रेन मेन लाइन को छोड़कर लूप लाइन पर चली गई, जिससे यह हादसा हुआ है.

नरेंद्र मोदी

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इमेज कैप्शन, बालासोर में दुर्घटना स्थल पर अधिकारियों से जानकारी लेते हुए पीएम मोदी.
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पीएम मोदी ने लिया जायज़ा

हादसे की अगली सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले दिल्ली में रिव्यू मीटिंग ली और इसके बाद घटनास्थल पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया.

इस दौरान पीएम मोदी मोबाइल फोन पर किसी से बात करते हुए भी नजर आए. उनके साथ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे.

रेस्क्यू ऑपरेशन

रेस्क्यू ऑपरेशन का जायज़ा लेने के बाद पीएम मोदी ने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की.

पीएम मोदी ने कहा, "यह एक दर्दनाक घटना है. सरकार घायलों के इलाज के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी."

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यह एक गंभीर घटना है, हर एंगल से जांच के निर्देश जारी किए गए हैं. दोषी पाए जाने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी. रेलवे ट्रैक बहाली की दिशा में काम कर रहा है.
नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री
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रेल मंत्री के इस्तीफ़े की मांग

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के इस्तीफ़े की मांग की है.

एक कार्यक्रम के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा, "रेल मंत्री बार-बार इस बात को कहते हैं कि हमारा सिस्टम इतना फुल प्रूफ़ है कि इस प्रकार का हादसा नहीं हो सकता. रेल मंत्री जी रिटायर्ड आईएएस ऑफ़िसर हैं, ओडिशा काडर के ही हैं और ओडिशा में ही ये रेल हादसा हुआ."

"वैसे तो पूर्व उदाहरण है कि एक रेल हादसे में लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. हमें मोदी जी के मंत्रिमंडल के किसी भी मंत्री से कोई उम्मीद नहीं है, लेकिन मंत्री जी (अश्विनी वैष्णव) में थोड़ी-बहुत शर्म भी होगी तो उन्हें इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. जिनकी इस हादसे में मृत्यु हुई है, उनको हम श्रद्धांजलि देते हैं."

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अगर ज़मीर की आवाज़ बची है तो रेल मंत्री तत्काल इस्तीफ़ा दें.
अभिषेक बनर्जी
नेता, टीएमसी
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महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम और एनसीपी नेता अजित पवार का कहना था, "रेलवे को लोगों की जान की कीमत समझनी चाहिए. पहले कभी ऐसे ट्रेन हादसे हुआ करते थे तो रेल मंत्री इस्तीफ़ा दे दिया करते थे लेकिन अब कोई आगे आने को तैयार नहीं.''

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी लाल बहादुर शास्त्री के इस्तीफ़े की तस्वीर को री-ट्वीट करते हुए लिखा, ''पहले हमारे पास ऐसे नेता थे, जो भारत में ज़िम्मेदारी लेते थे. जय हिंद.''

1956 में लाल बहादुर शास्त्री ने महबूब नगर में हुए ट्रेन हादसे के बाद रेल मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. हालांकि इस इस्तीफ़े को स्वीकार नहीं किया गया था.

बाद में एक और ट्रेन हादसा हुआ तो शास्त्री का ये इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया गया था

हालांकि घटनास्थल पर जब रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस बारे में पूछा गया तो वो सीधा जवाब देने से बचते दिखे. उन्होंने कहा, "मैं यही कहूंगा कि सबसे पहला फोकस लोगों की जान बचाने और राहत कार्य पर रखें.''

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक रेलमंत्री से बात करते हुए हुए.

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इमेज कैप्शन, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक रेलमंत्री से बात करते हुए हुए.
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मुआवजे की घोषणा

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को दो लाख रुपये और मामूली रुप से घायलों को 50,000 रुपये देने की घोषणा की.

पीएमओ ने प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये दिए जाने की घोषणा की.

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मृतकों के परिवार को 5-5 लाख रुपये और गंभीर रुप से घायल लोगों को एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही है.

इसके अलावा ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए पांच लाख रुपये के मुआवज़े का एलान किया.

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मृतकों के परिवार के लिए पांच लाख रुपये और घायलों के लिए एक लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.

हेल्पलाइन नंबर

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कितनी ट्रेनें रद्द?

यह हादसा रेलवे के साउथ इस्टर्न ज़ोन के खड़गपुर डिविज़न में ब्राड गेज नेटवर्क पर हुआ है.

खड़गपुर डिविज़न ने बताया कि रविवार, 4 जून को 103 ट्रेनें रद्द और 55 ट्रेनों का रास्ता बदला गया है. इसके अलावा 5 ट्रेनों को कम दूरी तक चलाया गया है.

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किसने क्या कहा

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ओडिशा में हुए ट्रेन हादसे से व्यथित हूं. दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं परिवार के साथ हैं...मैंने रेल मंत्री से बात की है और हालात के बारे में जानकारी ली है.
नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री
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ये बहुत दुखद ट्रेन हादसा है. मैं स्थानीय लोगों, स्थानीय टीमों और अन्य लोगों को शुक्रिया कहना चाहता हूं जिन्होंने मलबे से लोगों को बचाने के लिए पूरी रात काम किया है.
नवीन पटनायक
मुख्यमंत्री, ओडिशा
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कोरोमंडल एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर सुनकर बहुत दुखी हूं. मैं कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से आग्रह करता हूं कि वे बचाव कार्य में हर संभव मदद करें.
राहुल गांधी
नेता, कांग्रेस
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बहुत बड़ी लापरवाही हुई है. ये हादसा लापरवाही की वजह से हुआ है और इसकी जांच होनी चाहिए. इसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, इसमें जो भी दोषी हैं, उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए.
लालू प्रसाद यादव
प्रमुख, राष्ट्रीय जनता दल
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विदेश से आई क्या प्रतिक्रिया

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हमारी संवेदनाएं उन लोगों के साथ है जिन्होंने इस हादसे में अपनों को खोया और जो घायल हुए हैं. इस शोक के समय में पूरे अमेरिका के लोग भारत के लोगों के साथ हैं.
जो बाइडन
राष्ट्रपति, अमेरिका
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ओडिशा में ट्रेन हादसे की रिपोर्ट और दृश्य देख कर मेरा दिल टूट गया. मुसीबत की इस घड़ी में कनाडा के लोग भारत के लोगों के साथ खड़े हैं
जस्टिन ट्रूडो
प्रधानमंत्री, कनाडा
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भारत में ट्रेन हादसे में सैकड़ों लोगों की जान जाने से गहरा दुख हुआ. अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति मेरी संवेदना है. घायलों के जल्द ठीक होने की दुआ करता हूं.
शहबाज़ शरीफ़
प्रधानमंत्री, पाकिस्तान
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मैं जापान और उसके लोगों की ओर से हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना जताता हूं. मैं घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं.
फुमियो किशिदा
प्रधानमंत्री, जापान
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