सऊदी अरब को भारत ने तेल बेचने के मामले में कैसे पीछे छोड़ा - प्रेस रिव्यू

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यूक्रेन पर हमले के बाद से अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिम ने रूस के ख़िलाफ़ कड़े प्रतिबंध लगाए थे. यहाँ तक कि जी-7 देशों ने रूसी तेल के आयात पर प्राइस कैप लगा दिया था. इसके बावजूद यूरोप रूसी तेल भारत के ज़रिए ख़रीद रहा है. कहा जा रहा है कि यूरोप रूस का तेल भारत के ज़रिए ख़रीद अपने ही प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा है.

अंग्रेज़ी अख़बार द हिन्दू ने चार अप्रैल को अपने ओपिनियन पन्ने पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है और उसमें बताया है कि कैसे यूरोप भारत और चीन का इस्तेमाल कर रहा है.

आज की प्रेस रिव्यू में पहली ख़बर के रूप में यही रिपोर्ट पढ़िए.

यूक्रेन जंग के बाद से भारत का रूस से तेल आयात 1,350 फ़ीसदी बढ़ा है और भारत यूरोप का सबसे बड़ा ईंधन निर्यातक देश बन गया है.

द सेंटर फ़ॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर की ओर से एक डेटा आधारित स्टडी हुई है. इसमें बताया गया है कि कैसे यूरोपियन यूनियन, जी-7 और ऑस्ट्रेलिया रूसी तेल सीधे रूस से ना लेकर भारत और चीन से ले रहे हैं.

ईयू रूसी तेल के आयात को रोकने वाले प्राइस कैप गठजोड़ का हिस्सा है. पश्चिम के देशों ने रूसी तेल के लिए 60 डॉलर प्रति बैरल की प्राइस कैप लगाई है.

यह प्राइस कैप पिछले साल पाँच दिसंबर से प्रभावी है. इसके बावजूद यूरोप रूस का तेल अप्रत्यक्ष रूप से भारत और चीन से ख़रीद रहा है. चीन और भारत यूक्रेन पर हमले को लेकर रूस के ख़िलाफ़ पश्चिमी प्रतिबंध में शामिल नहीं हुए थे. ऐसे में दोनों देश न केवल रूस से तेल ख़रीदते रहे बल्कि ख़रीदारी की मात्रा भी बढ़ती गई.

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यूरोप भारत और चीन से रूस का रिफ़ाइंड किया तेल ख़रीद रहा है. कहा जा रहा है कि यूरोप के इस रुख़ से रूस के ख़िलाफ़ प्रतिबंध कमज़ोर साबित होगा.

यूरोप ने रूस से तेल की ख़रीदारी पर प्रतिबंध लगाया तो रूस ने भारत और चीन को सस्ता तेल बेचना शुरू किया था. इस वजह से दोनों देशों का रूस से तेल आयात बढ़ता गया.

जो देश रूस से सस्ता तेल ख़रीदने के बाद उसे रिफ़ाइंड कर यूरोप और अन्य जी-7 देशों को बेच रहे हैं, उन्हें 'लौनड्रोमैट' देश कहा जा रहा है. 'लौनड्रोमैट' देश के रूप में भारत, चीन, सिंगापुर, यूएई और तुर्की का नाम लिया जा रहा है. 'लौनड्रोमैट' का मतलब वॉशिंग मशीन से है. इस शब्द के ज़रिए तंज़ किया गया है कि भारत समेत ये पाँच देश रूस की गंदगी साफ़ कर यूरोप में साफ़ तेल दे रहे हैं.

'लौनड्रोमैट' देश यूक्रेन युद्ध के बाद से रूस से जमकर तेल आयात कर रहे हैं. रूस से चीन का तेल आयात एक साल में 3.98 करोड़ टन से बढ़कर 5.77 करोड़ टन हो गया है. वहीं पिछले एक साल में भारत का भी रूस से तेल आयात 30.85 लाख टन से बढ़कर 5.59 करोड़ टन हो गया है. रूस से चीन, भारत, सिंगापुर, यूएई और तुर्की का तेल आयात 140 प्रतिशत बढ़ा है. अगर इसे क़ीमत के रूप में देखा जाए तो 48.2 अरब डॉलर का है.

पुतिन

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'लौनड्रोमैट' देश रूस तेल ख़रीदकर अपने घर में रिफ़ाइन कर रहे हैं और प्राइस कैप गठजोड़ वाले देशों के यहाँ निर्यात कर रहे हैं. रूस के ख़िलाफ़ कच्चा तेल आयात प्रतिबंध की शुरुआत पाँच दिसंबर, 2022 से हुई थी और प्राइस कैप पॉलिसी इसी साल 24 फ़रवरी से लागू की गई थी. इस अवधि में प्राइस कैप कोअलिशन वाले देशों ने 'लौनड्रोमैट' देशों से 1.29 करोड़ टन तेल ख़रीदे हैं. दिसंबर-जनवरी 2023 में प्राइस कैप कोअलिशन देशों की 'लौनड्रोमैट' देशों से रूसी तेल की ख़रीदारी सबसे ज़्यादा थी.

रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने प्राइस कैप लगने के बाद सबसे ज़्यादा रूसी तेल यूरोप को बेचा है. भारत 30.7 टन प्राइस कैप कोअलिशन वाले देशों को बेचा है. इसके बाद चीन ने 30 लाख टन रूसी तेल यूरोप को बेचा है. पिछले एक साल में ईयू से सबसे ज़्यादा 2.1 करोड़ टन तेल लौनड्रोमैट देशों से ख़रीदा है जबकि ऑस्ट्रेलिया ने एक देश के रूप में सबसे ज़्यादा 90.1 लाख टन तेल इन देशों से ख़रीदा है. वहीं अमेरिका ने भी 80.5 लाख टन तेल लौनड्रोमैट देशों से ख़रीदा है.

भारत ने यूरोप को रिफाइंड तेल निर्यात करने के मामले में सऊदी अरब को पीछे छोड़ दिया है. फ़रवरी महीने में रूस ने भारत में कच्चा तेल निर्यात करने के मामले में सऊदी अरब को पीछे छोड़ दिया था. इराक़ अब भी भारत में शीर्ष का तेल आपूर्तिकर्ता देश है. लेकिन रूस अब इराक़ के आसपास पहुँच गया है. कहा जा रहा है कि भारत मौक़े का फ़ायदा उठा रहा है और इसमें कुछ भी ग़लत नहीं है.

विराट कोहली

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गंभीर ने कोहली से कहा- तो अब तू मुझे सिखाएगा

हिन्दी अख़बार दैनिक भास्कर ने पहले पन्ने पर एक ख़बर लगाई है- गंभीर ने कोहली से कहा- 'तो अब तू मुझे सिखाएगा'. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और लखनऊ सुपरजायंट्स के मैच के बाद गौतम गंभीर और विराट कोहली में तीखी बहस हुई थी. सोमवार रात को हुई घटना का ब्यौरा अब सामने आया है. मौक़े पर मौजूद एक खिलाड़ी के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने दावा किया है कि दोनों दिग्गजों में बहस इतनी बढ़ गई थी कि बीच-बचाव करना पड़ा.

दरअसल, कोहली ने लखनऊ टीम के खिलाड़ियों पर कुछ कॉमेंट किए थे. इस पर लखनऊ टीम के मेंटॉर गौतम गंभीर ने कोहली से कहा, ''क्या बोल रहा है बोल? कोहली ने जवाब दिया- ''मैंने आपको कुछ नहीं बोला, आप क्यों बीच में घुस रहे हो?'' गंभीर बोले- ''तूने अगर मेरे प्लेयर को बोला है, मतलब तूने मेरे परिवार को गाली दी है.''

कोहली ने जवाब दिया, ''तो आप अपने परिवार को संभालकर रखिए.''

इस पर गंभीर ने ग़ुस्से में कहा, ''तो अब तू मुझे सिखाएगा?'' तभी अन्य खिलाड़ियों ने बीच-बचाव किया और मामला शांत हुआ. लेकिन आईपीएल प्रबंधन ने इस मामले में कड़ा रुख़ अपनाया. दोनों से जवाब तलब हुए. दोनों ने अपनी ग़लती भी मान ली. दोनों पर पूरी मैच फ़ीस का जुर्माना लगा है.

बेअंत सिंह

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बेअंत सिंह के हत्यारे को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे बलवंत सिंह राजोआना की फांसी की सज़ा पर माफ़ी संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपनी ओर से कोई राहत देने से बुधवार को इनकार कर दिया. हिन्दी अख़बार जनसत्ता ने पहले पन्ने पर इस ख़बर को जगह दी है.

जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संजय करोल की पीठ ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को दया याचिका पर जल्द फ़ैसला लेने के लिए कहा है. राजोआना क़रीब 27 सालों से जेल में बंद हैं. उनकी दया याचिका भी 10 साल ज़्यादा समय से केंद्र सरकार के पास लंबित है. दो मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने बलवंत सिंह राओआना की अर्जी पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था.

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