ईसाई लड़की से बात करने पर मुसलमान युवक के साथ मारपीट, चार गिरफ़्तार- प्रेस रिव्यू

दक्षिण कन्नड का वीडियो

इमेज स्रोत, Twitter

कर्नाटक के मेंगलुरु में ईसाई समुदाय की एक युवती से बात करने पर एक मुसलमान युवक की पिटाई का मामला सामने आया है.

इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू ने इस ख़बर को अपने पन्ने पर जगह दी है.

अख़बार लिखता है कि दक्षिण कन्नड पुलिस ने ईसाई समुदाय की एक लड़की से बात करने पर एक युवक को कथित तौर पर पीटने के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. यह घटना मंगलवार को बेलतांगड़ी तालुका के उजिरे नाम की एक जगह के पास हुई थी.

पुलिस का कहना है कि इस मामले में तोताताड़ी गांव के दिनेश और नीतेश, सोमन्तडक्का गांव के अविनाश और मुन्दाजे गांव के सचिन को गिरफ्तार किया गया है. ये तीनों गांव बेलतांगड़ी तालुका में हैं.

शिकायत करने वाले मोहम्मद ज़हीर का कहना है कि मेंगलुरु में अपना काम ख़त्म करने के बाद उन्होंने चिक्कमंगलुरु जा रही सरकारी बस में चारमाड़ी-कक्किन्जे गांव के लिए टिकट लिया था. बस में वो एक ईसाई लड़की की बगल वाली सीट में बैठकर सफर कर रहे थे. नीतेश भी इसी बस में सवार था.

ये लड़की बेलतांगड़ी में बस से उतर गई जिसके बाद बस आगे जाकर उजिरे में पेट्रोल पंप के पास रुकी. यहां नीतेश के साथ कुछ और युवक बस में चढ़े और उन्होंने मोहम्मद ज़हीर को बस से नीचे उतारा. ज़हीर ने आरोप लगाया कि इन युवकों ने उनके साथ मारपीट की.

छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 1

अख़बार लिखता है कि ज़हीर का कहना है कि इन युवकों ने उन्हें धमकी देते हुए कहा, "इस बार तो तुम बच गए लेकिन अगर एक और बार ऐसा किया तो तुमको नहीं छोड़ेंगे."

इस घटना से जुड़ा एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

दक्षिण कन्नड के पुलिस अधीक्षक विक्रम अमाते के हवाले से अख़बार लिखता है कि लड़की और सभी अभियुक्त एक ही इलाक़े से हैं और एक दूसरे को जानते हैं

ग़ुलाम नबी आज़ाद

इमेज स्रोत, ANI

मेरे कांग्रेस छोड़ने के लिए राहुल गांधी ज़िम्मेदार- ग़ुलाम नबी आज़ाद

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे ग़ुलाम नबी आज़ाद ने बुधवार को कहा है कि उनके कांग्रेस से विदा लेने का मूल कारण राहुल गांधी है. उन्होंने कहा कि देश की इस पुरानी पार्टी में रहने के लिए व्यक्ति को 'बिना रीढ़ की हड्डी के' होना चाहिए.

अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार अपनी आत्मकथा "आज़ाद" के विमोचन पर ग़ुलाम नबी आज़ाद ने साफ़ किया कि वो एक बार फिर कांग्रेस में शामिल नहीं होंगे.

समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से अख़बार लिखता है कि ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि केवल वह ही नहीं बल्कि कई और नेताओं के कांग्रेस छोड़ने का कारण राहुल गांधी हैं. उन्होंने कहा, "अगर आप कांग्रेस में हैं तो आप मान लें कि आपकी रीढ़ की हड्डी नहीं है और आपको ऑपरेशन की ज़रूरत है."

उन्होंने यूपीए के दूसरे कार्यकाल की बात याद करते हुए कहा कि सांसदों और विधायकों को अयोग्य करार देने से जुड़े सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश के ख़िलाफ़ सरकार संसद में एक ऑर्डिनेंस आया था, जिसे राहुल गांधी ने फाड़ दिया था, उस वक़्त प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को झुकना नहीं चाहिए था.

उन्होंने कहा कि यूपीए कैबिनेट "कमज़ोर थी" राहुल गांधी की आपत्ति के बाद भी इस मामले में आगे नहीं बढ़ी.

अख़बार लिखता है कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव के बाद बीजेपी के साथ हाथ मिलाने की संभावना से ग़ुलाम नबी आज़ाद ने इनकार नहीं किया है, बल्कि उन्होंने कहा है कि राजनीति ने कोई भी ऐसा नहीं जिससे "हाथ मिलाया न जा सके".

संयुक्त राष्ट्र स्टेटिस्टिकल कमिशन

इमेज स्रोत, unstats.un.org

यूएन स्टेटिस्टिकल कमिशन में भारत का चुनाव

संयुक्त राष्ट्र स्टेटिस्टिकल कमिशन यानी संयुक्त राष्ट्र सांख्यिकी आयोग के लिए चार सालों के लिए भारत को चुना गया है.

इसके लिए हुए मतदान में दक्षिण कोरिया, चीन और संयुक्त अरब अमीरात को पीछे छोड़कर भारत ने यह अहम उपलब्धि हासिल की है.

अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक ख़बर के मुताबिक़ इसके लिए हुई वोटिंग में भारत को कुल 53 वोटों में से 46 वोट मिले. अब इसमें दूसरे सदस्य के लिए दक्षिण कोरिया और चीन के बीच मुक़ाबला होना है.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर बधाई दी है और कहा है कि एक जनवरी 2024 से शुरू होने वाले चार साल के कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च सांख्यिकी निकाय के लिए भारत को चुना गया है.

छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 2

अख़बार लिखता है कि एक गुप्त मतदान के ज़रिये भारत को इसके लिए चुना गया जबकि अर्जेंटीना, सिएरा लियोन, स्लोवेनिया, यूक्रेन, यूनाइटेड रिपब्लिक ऑफ़ तंजानिया और अमेरिका को मौखिक मतदान के ज़रिए चुना गया.

संयुक्त राष्ट्र सांख्यिकी कमिशन में 24 सदस्य देश शामिल होते हैं, जिन्हें जियोग्राफ़िकल डिस्ट्रीब्यूशन के आधार पर संयुक्त राष्ट्र की इकोनॉमिक और सोशल काउंसिल की ओर से चुना जाता है.

इसमें अफ्रीकी देशों ने पांच सदस्य, एशिया-प्रशांत क्षेत्र से चार, पूर्वी यूरोप से चार, लैटिन अमेरिका और कैरिबियाई क्षेत्र से चार और पश्चिम यूरोप से सात देश शामिल होते हैं.

वीडियो कैप्शन, बिहार शरीफ़ में रामनवमी की हिंसा में जिस घर का 'गुलशन' मारा गया

हनुमान जयंती से पहले गृह मंत्रालय ने जारी की एडवाज़री

रामनवमी के मौक़े पर देश के कुछ हिस्सों में हुए सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए गृह मंत्रालय ने हनुमान जयंती से पहले सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एडवाइज़री जारी की है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक ख़बर के अनुसार गृह मंत्रालय ने कहा कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्थिति पर निगरानी रखें और ये सुनिश्चित करें कि इस दौरान क़ानून व्यवस्था बरकरार रहे और कोई अप्रिय घटना न हो.

मंत्रालय ने कहा है कि बंगाल सरकार 'संवेदनशील इलाक़ों' में शांति बनाए रखने के लिए पैरामिलिटरी की मदद ले सकती है.

वहीं दूसरी तरफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष महमूद मदनी के तेतृत्व में मुसलमान नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह से मिला.

द हिंदू में छपी एक ख़बर के अनुसार इन नेताओं ने अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हो रही हिंसा की घटनाओं के बारे में गृह मंत्री से बात की.

अख़बार लिखता है कि प्रतिनिधिमंडल ने रामनवमी के मौक़े पर हुई हिंसा, मॉब लिंचिंग की घटनाओं और कर्नाटक में मुसलमानों के लिए आरक्षण ख़त्म करने को लेकर बात की. उन्होंने यूनिफ़ॉम सिविल कोड को लेकर अपनी चिंताएं रखी और मदरसों पर कुछ बीजेपी नेताओं द्वारा हो रहे हमलों का ज़िक्र किया.

अख़बार लिखता है कि गृहमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को 'स्पेसिफ़िक शिकायतें' लाए जाने पर तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिलाया है.

जम्मू कश्मीर

इमेज स्रोत, Getty Images

जम्मू कश्मीर में तीन साल में 185 बाहरी लोगों ने ख़रीदी ज़मीन

बुधवार को सरकार ने संसद को बताया है कि जम्मू कश्मीर में तीन साल में 185 बाहरी लोगों ने ज़मीन खरीदी है.

अख़बार जनसत्ता में छपी एक ख़बर के अनुसार गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि जम्मू कश्मीर सरकार की तरफ से मिली सूचना के अनुसार 2020, 2021 और 2022 में कुल 185 लोगों ने जम्मू कश्मीर में ज़मीन ख़रीदी है.

उन्होंने बताया कि 2020 में एक बाहरी व्यक्ति, 2021 में 57 और और 2022 में 127 बाहरी लोगों ने जम्मू कश्मीर में ज़मीन ख़रीदी है. वहीं लद्दाख में बीते तीन सालों में किसी बाहरी व्यक्ति ने ज़मीन नहीं खरीदी है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)