अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए क्या कर रही है पंजाब पुलिस, अब तक क्या-क्या हुआ है: प्रेस रिव्यू

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पंजाब पुलिस अब तक 'वारिस पंजाब दा' संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह को पकड़ने में कामयाब नहीं हुई है. इस मामले में ताज़ा जानकारियां आना जारी हैं.
जालंधर के डीआईजी स्वप्न शर्मा ने बताया है कि अमृतपाल सिंह को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी है, अब तक सात अवैध हथियार, तीन सौ से ज़्यादा बुलेट मोटर बाइक और तीन गाड़ियां बरामद की गयी हैं.
पंजाब पुलिस ने ये भी बताया है कि अब तक इस मामले में कुल दस लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में सोमवार सुबह प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, पंजाब पुलिस की एक 27 सदस्यीय टीम रविवार सुबह चार लोगों को लेकर असम के डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल पहुंची.
इन चार लोगों में दलजीत सिंह कलसी भी शामिल हैं जिन्हें अमृतपाल सिंह का क़रीबी और वारिस पंजाब दा संगठन का फ़ाइनेंसर बताया जाता है.
वायुसेना की एक विशेष फ़्लाइट से असम पहुंचाए गए शेष तीन लोग भगवंत सिंह, गुरमीत सिंह और प्रधानमंत्री बाजेका हैं.
इस टीम का नेतृत्व अमृतसर (ग्रामीण) के एसपी तेजबीर सिंह हुंडल कर रहे हैं.
पंजाब सरकार ने अब तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि इन लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून की धाराओं के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है या नहीं.
पंजाब पुलिस की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक़, अमृतपाल सिंह को अब तक पकड़ा नहीं जा सका है.
हालांकि, उनके संगठन का दावा है कि अमृतपाल सिंह को पकड़कर अवैध ढंग से हिरासत में रखा गया है.
इस संगठन ने पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय में हेबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका भी दाखिल की है.
जस्टिस एनएस शेखावत की अध्यक्षता वाली पीठ ने पंजाब सरकार और पुलिस विभाग को नोटिस जारी करके 21 मार्च तक अपना पक्ष रखने को कहा है.
अमृतपाल सिंह के अंकल हरजीत सिंह का दावा है कि जब पुलिस उनके काफ़िले का पीछा कर रही थी तो वह अमृतपाल सिंह के साथ थे. और उन्हें लगा कि पुलिस उन्हें 'खालसा वहीर' नामक धार्मिक जुलूस निकालने से रोकना चाहती है.
उन्होंने कहा कि जब मैं गाड़ी से निकलकर पुलिस के पास पहुंचा और वापस आया तो अमृतपाल सिंह और उसके सुरक्षाकर्मी गाड़ी में मौजूद नहीं थे.
वह कहते हैं, "मैंने कुछ वीडियोज़ देखे हैं और मुझे लगता है कि उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया है."
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विश्व-भारती ने अमर्त्य सेन को जारी किया कारण बताओ नोटिस
केंद्रीय विश्वविद्यालय विश्व भारती ने बीते शुक्रवार ज़मीन विवाद में नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया है.
टेलीग्राफ़ अख़बार में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, यूनिवर्सिटी ने अमर्त्य सेन से पूछा है कि उनके ख़िलाफ़ एविक्शन ऑर्डर यानी निकाले जाने का आदेश क्यों नहीं जारी किया जाए.
कवि और साहित्यकार रविंद्र नाथ टैगोर की ओर से स्थापित किए गए इस विश्वविद्यालय और अमर्त्य सेन के बीच शांति निकेतन की 13 डेसिमल ज़मीन को लेकर विवाद जारी है.
यूनिवर्सिटी ने अपने इस नोटिस में सेन से कहा है कि वह आगामी 29 मार्च को यूनिवर्सिटी संपत्ति अधिकारी के समक्ष पेश हों या किसी शख़्स को इसके लिए अधिकृत करें.
अर्थशास्त्री सेन इस समय अमेरिका में हैं और आगामी जुलाई में शांतिनिकेतन स्थित अपने आवास प्रतीची पहुंचेंगे.
विश्व भारती ने इससे पहले जनवरी में तीन पत्र जारी करके अमर्त्य सेन से 13 डेसिमल ज़मीन खाली करने को कहा था जो उनके परिवार को लीज़ पर दी गयी 125 डेसिमल से अलग है.
सेन की ओर से अवैध ढंग से ज़मीन क़ब्ज़ाए जाने से जुड़े सभी आरोपों का खंडन किया गया है.
महाराष्ट्र में पिछले चार महीनों में कम से कम 50 लव जिहाद रैलियां
महाराष्ट्र के अलग-अलग 36 ज़िलों में पिछले साल नवंबर के बाद से अब तक कम से कम पचास हिंदू जन आक्रोश मोर्चा रैलियां होती देखी गयी हैं.
अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, इन सभी रैलियों में एक पैटर्न देखा जा सकता है.
पहले शहर के बीचोंबीच पदयात्रा निकाली जाती है जिसमें भगवा झंडों और टोपियों का एक समंदर सा दिखाई पड़ता है.
इसके बाद एक रैली आयोजित की जाती है जिसमें लव जिहाद, लैंड जिहाद, और जबरन धर्म परिवर्तन जैसे मुद्दों पर बयानबाज़ी के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय का आर्थिक बहिष्कार करने की बात की जाती है.
बीजेपी ने ख़ुद को इन रैलियों से अलग रखते हुए इन्हें सकल हिंदू समाज की रैलियां बताया है.
हालांकि, इनमें से लगभग सभी रैलियों में बीजेपी नेताओं के साथ-साथ स्थानीय बीजेपी विधायक और सांसद शामिल होते दिखाई दिए हैं.
लेकिन इन रैलियों में भाषण देने का काम मुख्य रूप से धुर दक्षिणपंथी नेता कर रहे हैं जिनमें निलंबित बीजेपी नेता और तेलंगाना विधायक टी राजा सिंह, कालीचरण महाराज और काजल हिंदुस्तानी आदि शामिल हैं.
इनमें से दो लोगों राजा सिंह और कालीचरण के ख़िलाफ़ नफ़रती भाषण देने के मामले में मामले लंबित हैं.

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जापानी प्रधानमंत्री फ़ुमियो किशिदा पहुंचे भारत
जापान के प्रधानमंत्री फ़ूमियो किशिदा अपनी एक दिवसीय यात्रा पर सोमवार सुबह भारत पहुंच गए हैं.
अंग्रेजी अख़बार द हिंदू में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, जापानी प्रधानमंत्री अपने इस भारत दौरे पर जापान की हिंद-प्रशांत रणनीति और सुरक्षा को लेकर अपनाए जापान के नए रुख पर एक अहम भाषण देंगे.
इससे लगभग 15 साल पहले जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने भी अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान हिंद-प्रशांत सहयोग को लेकर बात की थी.
पीएम मोदी और फ़ुमियो किशिदा एक-दूसरे साथ मुलाक़ात करने के बाद दिल्ली के बुद्ध जयंती पार्क में भी जाएंगे जहां एक बोधि वृक्ष है जिसका संबंध गौतम बुद्ध से बताया जाता है.
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