अदानी समूह ने तीन दिन में गंवाए 5.6 लाख करोड़, क्या बचाने आया अबू धाबी: प्रेस रिव्यू

गौतम अदानी

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इमेज कैप्शन, अदानी समूह के संस्थापक गौतम अदानी

अदानी समूह को हिंडनबर्ग रिपोर्ट सामने आने के बाद से अब तक कुल 5.6 लाख करोड़ रुपये का नुक़सान हुआ है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक़, पिछले तीन बिज़नेस डेज़ यानी 25, 27 और 30 जनवरी को हुई ट्रेडिंग में अदानी समूह की बाज़ार पूंजी में 29 फ़ीसद की गिरावट दर्ज की गयी है. इसकी क़ीमत भारतीय मुद्रा में लगभग 5.6 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है.

अदानी समूह ने रविवार की शाम अमेरिकी फ़ॉरेंसिक फ़ाइनेंशियल कंपनी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर अपना 413 पन्नों लंबा जवाब दिया था.

अदानी समूह ने अपने जवाब में इस रिपोर्ट को 'भारत पर हमला' क़रार दिया था. लेकिन इसके बाद भी सोमवार को बाज़ार बंद होने तक अदानी समूह से जुड़ी ज़्यादातर कंपनियों के शेयर मूल्यों में गिरावट दर्ज की गयी.

अख़बार के मुताबिक़, अदानी समूह की बाज़ार पूंजी में सोमवार को 1.4 लाख करोड़ की गिरावट दर्ज की गयी है.

अदानी समूह की कंपनियों में दर्ज की गयी गिरावट

ये रिपोर्ट आने के बाद से अदानी समूह के संस्थापक गौतम अदानी की नेटवर्थ में भी गिरावट दर्ज की गयी है.

इसकी वजह से वह दुनिया के पांच सबसे अमीर लोगों की सूची से बाहर हो गए हैं.

फ़ोर्ब्स रियलटाइम बिलियनेर लिस्ट के मुताबिक़, गौतम अदानी इस समय अपनी 88.2 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दुनिया के आठवें सबसे अमीर शख़्स हैं.

हालांकि, इस पूरे एपिसोड में अदानी समूह के लिए अबू धाबी से राहत की ख़बर आई है.

अबू धाबी के शाही परिवार से जुड़ी इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी ने अदानी समूह के एफ़पीओ में 3,260 करोड़ रुपये का निवेश करने का एलान किया है.

अदानी

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अंग्रेजी अख़बार द टेलीग्राफ़ में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, अदानी समूह ने फ़ॉलो ऑन पब्लिक ऑफ़र के ज़रिए 4.55 करोड़ शेयर बाज़ार में उतारे थे जिसमें से अबू धाबी ने 16 फ़ीसद शेयर ख़रीदने का एलान किया है.

अदानी समूह के इस एफ़पीओ को ख़रीदने की अंतिम तारीख़ 31 जनवरी है, लेकिन सोमवार के दिन का बाज़ार ख़त्म होने तक इसके सिर्फ़ तीन फ़ीसद शेयरों को ख़रीदा गया था.

हालांकि, हिंदू बिज़नेस लाइन ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में बताया है कि मंगलवार को अदानी समूह के एफ़पीओ में दुबई और भारत स्थित कुछ फ़ैमिली ऑफ़िसों से 9000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा सकता है.

फ़ैमिली ऑफ़िस से आशय उन फ़र्मों से है जो बेहद अमीर लोगों को उनकी संपत्ति को संभालने में मदद करती हैं.

अख़बार को सूत्रों ने बताया है कि ऐसे कई फ़ैमिली ऑफ़िसेज़ ने अदानी समूह में अपनी रुचि दिखाई है जिसकी औपचारिक घोषणा जल्द हो सकती है.

ये निवेश अबू धाबी की ओर से 3200 करोड़ रुपये के निवेश के साथ-साथ एंकर निवेशकों की ओर से छह हज़ार करोड़ के अतिरिक्त होगा.

राहुल गांधी

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कांग्रेस की उम्मीदों को लगा धक्का, 23 में से सिर्फ़आठ विपक्षी दल पहुंचे श्रीनगर

राहुल गांधी ने नेतृत्व वाली भारत जोड़ो यात्रा के समापन समारोह में पहुंचने वाले विपक्षी दलों की संख्या सिर्फ़ आठ रही.

अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 23 राजनीतिक दलों को इस मौके पर शामिल होने के लिए पत्र लिखा था.

कांग्रेस को उम्मीद थी कि जितनी पार्टियों को न्योता भेजा गया है, उनके नेता श्रीनगर पहुंचेंगे या अपने प्रतिनिधियों को श्रीनगर भेजेंगे.

कांग्रेस के संचार प्रमुख जयराम रमेश ने इस महीने की शुरुआत में ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था - 'आप तीस तारीख़ को श्रीनगर में बैठक होती देखेंगे. इस बैठक का उद्देश्य ये होगा कि अब जब भारत जोड़ो यात्रा पूरी हो गयी है तो 2024 के चुनावों को ध्यान में रखकर क्या किया जाए. इस बारे में कुछ विचार-विमर्श होगा.'

लेकिन कांग्रेस पार्टी की ओर से बुलावा भेजे जाने के बाद भी 23 में से सिर्फ़ आठ राजनीतिक दल श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम पहुंच सके.

इस मौके पर राजद और जदयू की ग़ैर-मौजूदगी कांग्रेस को सबसे ज़्यादा खली क्योंकि वह इन दोनों पार्टियों के साथ बिहार में सत्तारूढ़ महागठबंधन में साझीदार है.

हालांकि, राहुल गांधी के साथ नेशनल कॉन्फ्रेंस समेत कई विपक्षी दलों के नेता इस कार्यक्रम में जुटे.

राहुल गांधी ने इस मौके पर यात्रा से जुड़े कई संस्मरण साझा किए.

उन्होंने कहा - 'एक वक्त ऐसा आया जब मुझे लगा कि मैं नहीं चल पाऊंगा. उस वक़्त एक बच्ची दौड़ती हुई आई और बोली-मैंने तुम्हारे लिए कुछ लिखा है, अभी मत पढ़ो, बाद में पढ़ना. उसने लिखा था कि आपके घुटनो में दर्द है, जब आप उस पर वज़न डालते हैं तो ये और दर्द होता है. मैं आपके साथ नहीं चल सकती क्योंकि मेरे माता-पिता नहीं चलने दे रहे, लेकिन मुझे पता है कि आप मेरे लिए चल रहे हैं और ये पढ़ कर मेरा दर्द गायब हो गया.'

जोशीमठ

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इमेज कैप्शन, ज़मीन धसकने से क्षतिग्रस्त हुआ होटल

जोशीमठ विस्थापितों को सरकार ने दिए तीन विकल्प

उत्तराखंड के चमोली ज़िले के जोशीमठ में ज़मीन धसकने से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और विस्थापन के लिए सरकार ने तीन विकल्पों का प्रस्ताव रखा है.

अमर उजाला में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, ज़िलाधिकारी स्तर पर बनी कमेटी के सुझावों पर अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में बनी उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) ने तीनों विकल्पों पर अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है. अब इन्हें राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाएगा. आपदा प्रभावितों को भूमि और भवनों के क्षति की एवज में एकमुश्त समाधान (वन टाइम सेटलमेंट) के साथ ही घर के बदले घर और भूमि के बदले भूमि का विकल्प भी दिया गया है.

सोमवार को राज्य सचिवालय में अपर मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में हुई एचपीसी की बैठक में ज़िलाधिकारी चमोली के प्रस्तावों पर चर्चा के बाद तीन विकल्पों पर मुहर लगाई गई.

बैठक की जानकारी देते हुए सचिव आपदा प्रबंधन डॉक्टर रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि जोशीमठ के आपदा प्रभावित अपनी मर्ज़ी से तीनों में से किसी एक विकल्प का चुनाव कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि ज़मीन का मुआवज़ा सर्किल रेट के आधार पर तय किया जाएगा जिसे कैबिनेट बैठक के दौरान तय किया जाएगा.

डॉक्टर सिन्हा ने बताया कि भवनों का मुआवज़ा केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के निर्धारित मानकों के अनुसार दिया जाएगा. इसके अलावा बड़े होटलों को पूरा मुआवज़ा दिया जाएगा. जबकि छोटी-छोटी दुकानों और होटलों (ढाबों) को भी दो विकल्प दिए जाएंगे. पहले विकल्प के तौर पर छोटे दुकानदार और ढाबा संचालक एक साथ पूरा मुआवज़ा ले सकेंगे. जबकि दूसरे विकल्प के तौर पर विस्थापित की जाने वाले जगह पर 15 वर्गमीटर में दुकान बनाकर आवंटित की जाएगी.

उन्होंने बताया कि कितने भवन हटाए जाएंगे, कितनों की रेट्रोफ़िटिंग की जाएगी, इस पर केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) की अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद निर्णय लिया जाएगा.

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