दुनिया में तेज़ी से बढ़ रहा कोविड लेकिन भारत में हो रहा कम- प्रेस रिव्यू

कोरोना

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अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी ख़बर के अनुसार, दुनिया भर के कई देशों में कोरोना संक्रमण बढ़ रहे हैं लेकिन भारत में संक्रमण लागातार घटता जा रहा है.

बीते सप्ताह देश में कोरोना संक्रमण के कारण 12 मौतें हुईं. इनमें से तीन दिन एक भी मौत कोरोना से नहीं हुई है.

मार्च 2020 में जब से भारत में कोरोना से मौत होनी शुरू हुई तब से ये आँकड़ा सबसे कम है. इस सप्ताह कोरोना के 1,103 नए केस आए जो कि 23-29 मार्च 2020 के बाद का सबसे कम संक्रमण वाला सप्ताह रहा.

23-29 मार्च 2020 को 736 कोरोना के मामले सामने आए थे और इसके अगले ही सप्ताह केस बढ़ कर 3,154 हो गए थे.

बीते पाँच महीने से कोरोना के मामले देश में लगातार घट रहे हैं. जुलाई 18-24 वाले सप्ताह के बाद से लगातार कोरोना के मामले देश में घट हैं. इस सप्ताह कोरोना के 1.36 लाख नए मामले सामने आए हैं. इसके बाद से ही सप्ताह-दर सप्ताह कोरोना के मामले घटते जा रहे हैं.

बीते सप्ताह में हुई 12 मौतें, संक्रमण से होने वाली मौतों के लिहाज सबसे कम रहा.

वहीं दूसरी ओर, एशिया और यूरोप के देशों में कोरोना के मामलों में तेजी से उछाल आया है. worldometers.info के अनुसार, दो नवंबर से ही कोरोना के मामलों का औसत दुनियाभर में बढ़ा है. दो नवंबर वाले सप्ताह में औसतन 3.3 लाख नए केस दर्ज किए गए और 18 दिसंबर को इन आँकड़ों में 55 फ़ीसदी का उछाल आ गया और नए केस 5.1 लाख हो गए.

चीन में कोरोना के नए केस बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं और ये तब से हो रहा है जब से चीन ने कोविड नीतियों के नियमों में ढील दी है. हालांकि 7-8 दिसंबर को चीन में करोना से मौत का कोई मामला सामने नहीं आया.

इस वक़्त सबसे ज्यादा नए संक्रमण के मामले जापान में सामने आ रहे हैं. जहां बीते एक सप्ताह में 10 लाख नए केस सामने आए हैं. इस सप्ताह जापान में कोरोना से 1600 मौतें हुई हैं. वहीं दक्षिण कोरिया में बीते एक सप्ताह में 4.5 लाख नए केस सामने आए हैं.

धर्म परिवर्तन कानून

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हरियाणा मे जबरन धर्म परिवर्तन क़ानून लागू करने की तैयारी पूरी

अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़, आठ महीने पहले विधानसभा में बिल पारित करने के बाद हरियाणा सरकार ने जबरन धर्म परिवर्तन क़ानून के नियमों को लागू करने की अधिसूचना जारी की है.

हरियाणा धर्म परिवर्तन ग़ैर-क़ानूनी रोकथाम नियम, 2022 के अनुसार, "जबरन धर्म परिवर्तन नहीं किया गया है, इसे करने के लिए कोई प्रलोभन और अनुचित डर पैदा नहीं किया गया है, ये साबित करने की ज़िम्मेदारी अभियुक्त पर ही होगी."

अधिसूचित नियमों के अनुसार, धर्मांतरण करने वाले व्यक्ति और धर्मांतरण कराने वाले पुजारी, इमाम, या पादरी को कारण बताते हुए प्रशासन से पूर्व अनुमति लेनी होगी. उन्हें ज़िलाधिकारी को उन लोगों का पूरा विवरण पहले ही उपलब्ध कराना होगा जो आयोजन या समारोह में शामिल होने वाले हैं.

अगर मामला शादी का है तो अभियुक्त को "मासिक रखरखाव" देना होगा और साथ ही " कोर्ट की कार्यवाही के खर्च" का भुगतान भी करना होगा. ऐसे मामले जिसमें बच्चा है तो उनमें अभियुक्त को बच्चे के लिए अलग से मासिक खर्च तब तक देना होगा जब तक की बच्चा नाबालिग हो.

हरियाणा के इस क़ानून के मुताबिक़ यदि ट्रायल के दौरान अभियुक्त की मौत भी हो जाती है, तो भी कोर्ट को उसकी संपत्ति पर शुल्क लगा कर या बेच कर रख-रखाव का भुगतान करने का अधिकार होगा.

दिल्ली की हवा

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फिर प्रदूषित हो रही है दिल्ली की हवा

द हिंदू अख़बार की एक रिपोर्ट कहती है, दिल्ली में हवा की गुणवत्ता एक बार फिर ख़राब होती जा रही है. सोमवार को दिल्ली का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 'बहुत गंभीर' रहा. सोमवार को हवा की गुणवत्ता एक्यूआई इंडेक्स पर 410 थी, वहीं रविवार को ये 353 थी.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि 'बहुत गंभीर' एक्यूआई स्वस्थ्य लोगों को तो प्रभावित करता ही है साथ ही उनके लिए काफ़ी ख़तरनाक साबित होता है जिन्हें पहले से कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है.

अख़बार लिखता है कि इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार को निशाने पर लेते हुए, दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कोई "ठोस कदम" नहीं उठाया है.

बीजेपी नेता ने उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना से मामले में हस्तक्षेप करने और सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध किया है.

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