गुजरात-हिमाचल चुनावः नतीजे आज, मतगणना जारी

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लंबे चुनाव अभियान और दो चरणों के मतदान के बाद अब नतीजों का वक़्त है. गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों के लिए मतगणना जारी है. दोपहर तक तस्वीर साफ़ हो सकती है.
गुजरात की कुल 182 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में 1 दिसंबर और 5 दिसंबर को वोट डाले गए. सरकार बनाने के लिए किसी भी दल को कम से कम 92 सीटें जीतनी होंगी.
गुजरात में बीते 27 सालों से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और अगर एग्ज़िट पोल को सही माना जाए तो एक बार फिर से बीजेपी की ही सरकार बनती दिख रही है.
टीवी चैनलों पर प्रसारित अधिकतर एग्ज़िट पोल के मुताबिक़, बीजपी आसानी से बहुमत हासिल कर रही है और 117 से 151 तक सीटें जीत सकती है.
हालांकि चुनावी एग्ज़िट पोल हर बार सही नहीं साबित होते हैं. लेकिन गुजरात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का गृह राज्य है और बीजेपी यहां पारंपरिक रूप से मज़बूत स्थिति में रही है.
अब तक गुजरात में मुख्य मुक़ाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही रहा है.
साल 2017 में हुए पिछले चुनाव में बीजेपी ने 99 सीटें जीती थीं और इससे पिछले चुनाव के मुक़ाबले 16 सीटों का नुक़सान उठाया था.
वहीं कांग्रेस ने मज़बूती से लड़ते हुए 77 सीटें जीती थीं और पिछले चुनाव के मुक़ाबले 16 सीटों की बढ़त हासिल की थी.
लेकिन इस बार चुनाव मैदान में आम आदमी पार्टी भी है जो अब तक दिल्ली और पंजाब में कांग्रेस से सत्ता छीन चुकी है. आम आदमी पार्टी ने गुजरात में आक्रामक चुनाव अभियान चलाया है और भारत के पश्चिमी छोर पर बसे इस प्रांत में अपनी राजनीतिक ज़मीन बनाने की कोशिश की है.
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गुजरात में 64.33 फीसदी मतदान हुआ
एक दिसंबर को पहले चरण में 19 ज़िलों की 89 सीटों पर मतदान हुआ था. इसके लिए 788 उम्मीदवार मैदान में थे. चुनाव आयोग के मुताबिक़, पहले चरण में औसत मतदान प्रतिशत 63.31 फ़ीसदी रहा.
वहीं दूसरे चरण में 5 दिसंबर को 14 ज़िलों की 93 सीटों पर वोटिंग हुई थी जिसके लिए 833 प्रत्याशी मैदान में थे. चुनाव आयोग के मुताबिक़, दूसरे चरण में औसत मतदान प्रतिशत 65.30 फ़ीसदी रहा.
राज्य में सबसे कम 57.59 प्रतिशत मतदान बोटाड में और सर्वाधिक 78.42 प्रतिशत मतदान नर्मदा ज़िले में दर्ज किया गया.
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, राज्य में कुल 4.91 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत थे जिनमें से 3.16 करोड़ लोगों ने वोट किया. चुनाव आयोग के मुताबिक़ राज्य में औसतन 64.33 फ़ीसदी मतदान दर्ज किया गया.
गुजरात में कुल 2.53 करोड़ पुरुष मतदाता पंजीकृत थे जिनमें से 66.74 फ़ीसदी पुरुषों ने वोट किया. जबकि 2.37 महिला मतदाताओं में से 61.75 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया.
कांग्रेस ने ख़ारिज किए एग्ज़िट पोल
ऐसे में इस बार गुजरात चुनाव में मुक़ाबला त्रिकोणीय हो गया है और नतीजे चौंका भी सकते हैं. एग्ज़िट पोल के अनुमान के मुताबिक़, कांग्रेस 16-51 तक सीटें जीत सकती है जबकि आम आदमी पार्टी 2-13 तक सीटें जीत सकती है.
हालांकि कांग्रेस ने इन एग्ज़िट पोल को ख़ारिज किया है. कांग्रेस के मीडिया प्रमुख जयराम रमेश ने एक टिप्पणी में कहा, "अब वक्त आ गया है जब एग्ज़िट पोल ही एग्ज़िट हो जाएं."
उन्होंने कहा, "एग्ज़िट पोल में जो सवाल पूछे जाते हैं वो अनुचित हैं. हम जानते हैं कि कौन इन पोल को करता है और किसके प्रभाव में करता है और क्यों करता है. मैं इन एग्ज़िट पोल में विश्वास नहीं करता हूं."
वहीं गुजरात बीजेपी के प्रमुख सीआर पाटिल ने एग्ज़िट पोल पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि बीजेपी गुजरात में चुनाव जीतने के मक़सद से नहीं बल्कि रिकॉर्ड बनाने के मक़सद से लड़ रही है.
उन्होंने कहा कि गुजरात के लोगों ने इस चुनाव को अपनी लड़ाई बना लिया है और बीजेपी रिकॉर्ड सीटें जीतकर सरकार बनाएगी.
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बीजेपी ने लगाया पूरा ज़ोर
गुजरात बीजेपी की साख के लिए भी बेहद अहम है. दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली बीजेपी के दो शीर्ष नेताओं की कर्मभूमि गुजरात रहा है.
लेकिन साल 2017 में कांग्रेस भले सरकार न बना पाई हो, लेकिन बीजेपी को कमज़ोर करने में कामयाब रही थी. ऐसे में इस बार बीजेपी ने गुजरात में अपनी पूरी ताक़त झोंक दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में ताबड़तोड़ रैलियां कीं.
नरेंद्र मोदी ने सौराष्ट्र से लेकर सूरत तक कई रैलियां कीं और सोमनाथ मंदिर की यात्रा भी की.
प्रधानमंत्री ने वलसाड, वेरावल, धोरारजी, आमोरी और बोटाड में रैलियों को संबोधित किया. सौराष्ट्र के इन इलाक़ों में पिछले चुनाव में बीजेपी की स्थिति काफ़ी ख़राब रही थी.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी फ़ायरब्रांड और उत्तेजक चुनाव प्रचार किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव अभियान शुरू होते ही सितंबर में ही तीन बार राज्य का दौरा किया. चुनाव के अंतिम दिनों में वो बेहद सक्रिय रहे.
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान 2002 के दंगों की याद मतदाताओं को दिलाई और कहा, "गुजरात दंगों के ज़िम्मेदार लोगों को सबक सिखाया गया और गुजरात में शांति स्थापित हुई."
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आम आदमी पार्टी का जोशीला प्रचार
दिल्ली और पंजाब में सरकार चला रही आम आदमी पार्टी ने अपने गर्वनेंस मॉडल को गुजरात के लोगों के सामने पेश करने और उन्हें रिझाने की कोशिश की.
आम आदमी पार्टी चीफ़ अरविंद केजरीवाल ने गुजरात के कई दौरे किए और दर्जनों रैलियां कीं.
आम आदमी पार्टी ने अपना पूरा फ़ोकस अच्छी शिक्षा व्यवस्था और मुफ्त बिजली देने पर रखा.
हालांकि चुनाव के अंतिम दिनों में गुजरात में आम आदमी पार्टी का चुनाव प्रचार कुछ कमज़ोर होता नज़र आया और पार्टी ने दिल्ली के एमसीडी चुनावों पर अधिक फ़ोकस किया जहां वो बीजेपी को सत्ता से हटाने में कामयाब रही है.
बीजेपी ने भी गुजरात में कांग्रेस से बड़ी चुनौती आम आदमी पार्टी को ही माना और आम आदमी पार्टी के नेता बीजेपी स्टार प्रचारकों के निशाने पर रहे.
आम आदमी पार्टी ने गुजरात के लोअर मिडिल क्लास पर भी फ़ोकस रखा और राज्य में पार्टी प्रमुख गोपाल इटालिया बीजेपी के ख़िलाफ़ काफ़ी आक्रामक रहे. इटालिया पटेल समुदाय से हैं और उन्होंने इसका फ़ायदा उठाने की कोशिशें भी कीं.
कांग्रेस का साइलेंट चुनाव प्रचार
गुजरात में इस बार कांग्रेस ने शोर शराबे के बजाए ख़ामोशी से मतदाताओं तक पहुंचने की रणनीति पर काम किया.
राहुल गांधी 'भारत जोड़ो यात्रा' की वजह से व्यस्त रहे और गुजरात चुनाव में उनकी मौजूदगी ना के बराबर ही रही.
लेकिन पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ज़मीनी स्तर पर मतदाताओं से जुड़ने की कोशिश की और पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की.
हालांकि गुजरात चुनावों पर नज़र रख रहे अधिकतर विश्लेषक ये मान रहे हैं कि आम आदमी पार्टी की मौजूदगी ने बीजेपी से अधिक नुक़सान कांग्रेस को पहुंचाया है. इसके अलावा असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने भी कई सीटों पर कांग्रेस को चोट पहुंचाई हैं.
एग्ज़िट पोल के नतीजों में कांग्रेस 2017 के अपने आंकड़े के करीब पहुंचती भी नहीं दिख रही है. यदि कांग्रेस अपने पिछले प्रदर्शन को दोहरा पाती है और आम आदमी पार्टी अपने लिए गुजरात में कुछ जगह बना पाती है तो गुजरात के समीकरण दिलचस्प हो सकते हैं.
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किन सीटों पर रहेगी नज़र?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल घाटलोडिया (अहमदाबाद शहर में), पाटीदार नेता हार्दिक पटेल वीरमगाम सीट (अहमदाबाद ज़िले में) से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. गांधीनगर दक्षिण सीट से अल्पेश ठाकोर भी भाजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं. इन सीटों पर इन उम्मीदवारों के प्रदर्शन और इन्हें मिलने वाले वोटों पर पैनी नजर रहेगी.
इसके अलावा, दलित नेता जिग्नेश मेवाणी बनासकांठा ज़िले की वडगाम सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं, और गुजरात विधानसभा में विपक्ष के नेता सुखराम राठवा छोटा उदयपुर ज़िले के जेतपुर से उम्मीदवार हैं.
भाजपा के बागी नेता मधु श्रीवास्तव वडोदरा ज़िले की वाघोड़ा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं. इन सीटों पर भी नज़र रहेगी.
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