BBC Hindi: बीते हफ़्ते की वो ख़बरें, जो शायद आप मिस कर गए

नमस्ते. उम्मीद है कि आप अच्छे होंगे, खुश होंगे और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहे होंगे.

हम जानते हैं कि रोज़मर्रा की आपा-धापी के बीच आपके लिए देश-दुनिया की हर ख़बर पर नज़र रखना मुश्किल रहता होगा.

ऐसे में हम लाए हैं बीते सप्ताह की कुछ दिलचस्प और अहम ख़बरें, जिन पर शायद आपकी नज़र ना गई हो.

ये पाँच ख़बरें आपने पढ़ लीं तो ये समझिए कि आप पूरी तरह से अपडेटेड हो गए.

पाकिस्तान के नए सेनाध्यक्ष आसिम मुनीर कौन हैं

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अल्वी ने देश के नए आर्मी जनरल के तौर पर लेफ़्टिनेंट जनरल आसिम मुनीर के नाम पर मंज़ूरी दे दी है.

इससे पहले सूचना प्रसारण मंत्री मरियम औरंगज़ेब ने घोषणा की थी कि आसिम मुनीर देश के अगले आर्मी चीफ़ होंगे.

इस वक़्त लेफ़्टिनेंट जनरल आसिम मुनीर पाकिस्तानी सेना में क्वार्टरमास्टर जनरल के तौर पर सेवा दे रहे हैं.

वे अगला चीफ़ ऑफ़ आर्मी स्टाफ़ बनने की दौड़ में शामिल जनरलों में सबसे वरिष्ठ थे.

दिलचस्प है कि उनका लेफ़्टिनेंट जनरल का कार्यकाल, जनरल बाजवा के रिटायरमेंट के दो दिन पहले ही 27 नवंबर को ख़त्म हो रहा है. पूरी स्टोरी यहां पढ़ें.

पाकिस्तान पर इंग्लैंड को भरोसा नहीं, सेलिब्रिटी शेफ़ लेकर आ रही है क्रिकेट टीम

पाकिस्तान के क्रिकेट हलकों में यह ख़बर बड़ी दिलचस्पी के साथ पढ़ी और सुनी गई कि पाकिस्तान दौरे पर आने वाली इंग्लैंड की क्रिकेट टीम अपने साथ उमर मज़ियान नाम का एक शेफ़ लेकर आ रही है.

लोग इस बात में भी दिलचस्पी ले रहे हैं कि उमर मज़ियान कौन हैं और उनका खेल की दुनिया से क्या कनेक्शन है?

सबसे पहले यह जानना ज़रूरी है कि इंग्लैंड को अपने साथ शेफ़ लाने की ज़रूरत क्यों महसूस हुई.

इस सवाल का जवाब पाकिस्तान में इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पिछले दौरे के मौक़े पर लाहौर में हुई कप्तान मोईन अली की प्रेस कॉन्फ्रेंस से मिलता है.

इसमें उन्होंने कहा था कि खाने के मामले में कराची अच्छा है, लेकिन लाहौर में खाने की गुणवत्ता के मामले में उन्हें निराशा हुई है.

एक वेबसाइट के मुताबिक़ इंग्लैंड के कुछ खिलाड़ियों ने पाकिस्तान दौरे से लौटने के बाद खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की थी. पूरी कहानी यहां पढ़ें.

ज़ाकिर नाइक को लेकर क़तर पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

भारत को क़तर में चल रहे वर्ल्ड कप फुटबॉल के उद्घाटन समारोह के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन विवादास्पद इस्लामी प्रचारक ज़ाकिर नाइक के वहाँ पहुँचने की ख़बरों से भारत में सवाल उठने शुरू हो गए हैं.

हालाँकि क़तर ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं की है उसने नाइक को बुलाया है या नहीं, लेकिन सोशल मीडिया में उनके क़तर पहुँचने की चर्चा ख़ूब है.

कतर के सरकारी स्पोर्ट्स चैनल अलकास के प्रजेंटर अलहाजरी ने ट्वीट किया, ''शेख़ ज़ाकिर नाइक कतर में हैं और वो पूरे वर्ल्ड कप के दौरान कई धार्मिक लेक्चर देंगे. ''

कुछ और ट्वीट में भी ज़ाकिर नाइक के कतर पहुँच कर उनके लेक्चर की पुष्टि हुई है.

ज़ाकिर नाइक भारत में मनी लॉन्ड्रिंग और हेट स्पीच के मामले में अभियुक्त हैं, इसलिए उनके क़तर पहुँचने पर सवाल उठाए जा रहे हैं. पूरी कहानी यहां पढ़िए..

भारत के पहले रॉकेट प्रक्षेपण का एक चर्च से रहा है ख़ास कनेक्शन

21 नवंबर, 1963 को भारत पहली बार अंतरिक्ष में रॉकेट प्रेक्षपण करने में कामयाब हुआ था. यह प्रक्षेपण केरल के तिरूअनंतपुरम के नज़दीक स्थित थुम्बा से किया गया था. इस वैज्ञानिक उपलब्धि का कोई कनेक्शन किसी चर्च से हो सकता है, यह जानना बहुत दिलचस्प है.

दरअसल भारत में स्पेस रिसर्च के अभियान की शुरुआत जाने-माने वैज्ञानिक डॉक्टर विक्रम साराभाई के नेतृत्व में हुई थी. साराभाई गुजरात के बहुत बड़े टैक्सटाइल उद्योगपति अंबालाल साराभाई के बेटे थे, लेकिन उनकी पारिवारिक उद्योग धंधे से ज़्यादा दिलचस्पी भौतिक विज्ञान में थी.

विक्रम साराभाई कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने के बाद भारत लौटे थे. उन्होंने अपने घर पर ही फिजिकल रिसर्च लेबोरटरी (पीआरएल) की स्थापना की थी.

सीवी रमन के शिष्य रहे विक्रम साराभाई की होमी जहांगीर भाभा से भी अच्छी दोस्ती थी. भाभा की सलाह पर भारत ने अपना अंतरिक्ष अभियान शुरू किया था और इस कार्यक्रम के सर्वेसर्वा बनाए गए थे डॉक्टर विक्रम साराभाई. पूरी कहानी यहां पढ़ें.

आयुष्मान खुराना ने बताया क्यों रीमेक फ़िल्में नहीं करना चाहते

ऋतिक रोशन, अक्षय कुमार, अजय देवगन, सैफ़ अली ख़ान, वरुण धवन और कार्तिक आर्यन जैसे स्टार रीमेक फ़िल्मों में काम कर रहे हैं. वहीं हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाने वाले आयुष्मान खुराना रीमेक फ़िल्मों से अब तक कोसों दूर रहे हैं.

अपनी आगामी फ़िल्म ऐन ऐक्शन हीरो के लिए बीबीसी से रूबरू हुए आयुष्मान खुराना ने रीमेक फ़िल्मों पर टिप्पणी करते हुए कहा, "मेरा रीमेक पर विश्वास नहीं है. मैं वास्तविक कंटेंट में ही काम करता हूँ. मेरी फ़िल्में दक्षिण भारत में रीमेक हो रही है जैसे 'बधाई हो', 'अंधाधुन' और 'आर्टिकल15'. मुझे लगता है कि मैं उत्तर भारत से इकलौता अभिनेता हूँ जिसकी फ़िल्मों की रीमेक दक्षिण भारत में हो रही है."

हाल फ़िलहाल में कई रीमेक फ़िल्में आईं पर दर्शकों को लुभा नहीं पाईं.

इस पर आयुष्मान का मानना है, "भारत के दर्शक अब ग्लोबल दर्शकों में तब्दील हो गए हैं. अब भाषा की दीवार नहीं है. दर्शक तुर्की, कोरियाई, फ़ारसी और दक्षिण भारतीय फ़िल्में भी देख रहे हैं."

आयुष्मान का मानना है कि जब तक रीमेक में कुछ नया ना कहना हो तब तक रीमेक बनाने का कोई फ़ायदा नहीं है. पूरी कहानी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)