BBC Hindi: बीते हफ़्ते की वो ख़बरें, जो शायद आप मिस कर गए

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नमस्ते जी. कैसे हैं आप? उम्मीद है कि अच्छे होंगे.
आप अपनी व्यस्त ज़िंदगी से वक़्त निकालकर इस कहानी को पढ़ रहे हैं, आपका आभार.
हमें मालूम है कि बीता हफ़्ता आपके लिए काफ़ी व्यस्त रहा होगा. ऐसे में कई ज़रूरी चीज़ों को करते हुए आपसे कुछ ख़बरें छूटी होंगी.
ऐसे में हम लाए हैं बीते सप्ताह की कुछ दिलचस्प और अहम ख़बरें जिन पर शायद आपकी नज़र ना गई हो. ये पांच ख़बरें आपने पढ़ लीं तो ये समझिए कि आप पूरी तरह से अपडेटेड हैं.
अमेरिका तेल के खेल में पिछड़ा, क्या रूस के साथ है सऊदी अरब?
दुनिया के तेल उत्पादक देशों के संगठन'ऑर्गनाइजे़शन ऑफ़ पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज़' यानी ओपेक और उसके सहयोगी देश (ओपेक प्लस) ने बुधवार को कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती करने का फ़ैसला किया है.
ओपेक के मुख्यालय वियना में चली 30 मिनट लंबी बैठक में तय किया गया कि 20 लाख बैरल प्रतिदिन तेल का उत्पादन कम किया जाएगा.
ओपेक प्लस का कहना है कि ये क़दम कच्चे तेल की क़ीमत को स्थिर करने के लिए उठाया गया है क्योंकि हाल के महीनों में वैश्विक मंदी का ख़तरा और गहरा होता जा रहा है और तेल की क़ीमत घटी है.
साल 2020 के बाद ये ओपेक और उसके सहयोगी देशों की तरफ़ से उत्पादन में की गई सबसे बड़ी कटौती है. ज़ाहिर है जब बाज़ार में कच्चे तेल का उत्पादन ही कम हो जाएगा तो दुनियाभर में इसकी कमी होगी और फिर दाम भी बढ़ेंगे. यानी आने वाले वक़्त में तेल के दाम बढ़ने की पूरी संभावना है. पूरी स्टोरी यहां पढ़िए...

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यूएई में नई वीज़ा पॉलिसी लागू, भारतीयों को नफ़ा या नुकसान?
संयुक्त अरब अमीरात ने अपनी वीज़ा पॉलिसी में पिछले महीने जिन बदलावों का एलान किया था, वे तीन अक्टूबर को लागू हो गए हैं.
देश की इमिग्रेशन पॉलिसी में बदलाव के तहत लागू नए वीज़ा नियमों के तहत पर्यटकों के लिए लंबी अवधि के वीज़ा, पेशेवरों के लिए लंबे वक्त तक रहने की सुविधा दी गई है.
एंटरप्रेन्योर, निवेशक और पेशेवरों के लिए दस साल की नई गोल्डन वीज़ा स्कीम लागू की गई है.
भारत के लिए यूएई के इन बदले नियमों की काफी अहमियत हैं क्योंकि बड़ी तादाद में भारतीय पेशेवर और श्रमिक वहां काम करते हैं.
यूएई में 34 लाख से ज्यादा भारतीय हैं. इनमें सबसे ज्यादा तादाद केरल के लोगों की है,जो वहां रोजगार और बिजनेस के लिए जाते हैं. ग्रीन वीज़ा का सबसे ज्यादा फायदा इन्हीं लोगों को होगा.
हाल के वर्षों में इसे यूएई के नीतिगत फैसलों के सबसे बड़े बदलावों में से एक माना जा रहा है. यूएई सरकार के मुताबिक देश में ज्यादा निवेशकों, पर्यटकों और पेशेवरों को आकर्षित करने के लिए नई नीति लाई गई है. पूरी स्टोरी यहां पढ़िए...

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दीपक चाहर ने वो नहीं किया, जो दीप्ति शर्मा ने किया
दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ तीसरे टी-20 मैच में भारत की टीम हार गई. हालाँकि भारत ने ये सिरीज़ 2-1 से जीत ली है.
टी-20 वर्ल्ड कप से पहले भारत ने ऑस्ट्रेलिया को भी टी-20 सिरीज़ में मात दी थी.
दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ तीसरे टी-20 में भारत की टीम का प्रदर्शन काफ़ी ख़राब रहा और भारत ये मैच 49 रनों से हार गया.
भारत ने इस मैच में विराट कोहली और केएल राहुल को आराम दिया था. इस मैच में भारत की निराश करने वाली गेंदबाज़ी और ऋषभ पंत और दिनेश कार्तिक का ग़ैर ज़िम्मेदार शॉट लगाकर आउट होने की चर्चा तो हुई है, दीपक चाहर की भी चर्चा हो रही है. दरअसल पिछले दिनों भारतीय महिला क्रिकेट टीम की गेंदबाज़ दीप्ति शर्मा को लेकर ख़ूब चर्चा हुई थी, जब उन्होंने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ वनडे मैच में नॉन स्ट्राइकर चार्ली डीन को रन आउट कर दिया था.
इस मैच के दौरान दीप्ति शर्मा गेंदबाज़ी कर रही थीं. तभी नॉन स्ट्राइकर चार्ली डीन ने गेंद फेंके जाने से पहले ही क्रीज़ छोड़ दी और दीप्ति शर्मा ने विकेट की गिल्ली गिरा दी और आउट की अपील की. बाद में चार्ली डीन को आउट करार दिया गया. पूरी स्टोरी यहां पढ़िए...

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पोन्नियिन सेलवन: मणिरत्नम की वो फ़िल्म जिसने बॉक्स ऑफ़िस पर चलाया जादू
भारत के जाने-माने फ़िल्म निर्देशक मणिरत्नम की नई फिल्म पोन्नियिन सेलवन:1 की काफ़ी चर्चा हो रही है. बॉक्स ऑफ़िस पर इस तमिल फ़िल्म को बेहतरीन प्रतिक्रिया मिल रही है, लेकिन आख़िर ऐसा इस फ़िल्म में क्या है जिसके कारण ये लोगों को थिएटर तक खींचने में सफल साबित हो रही है.
भारत के महानतम सम्राटों में से एक पर आधारित पोन्नियिन सेलवन उपन्यास को तमिल में लिखा गया अब तक का सबसे बेहतरीन उपन्यास माना जाता है.
ये नाम राजराज चोल को उनकी वफ़ादार प्रजा ने दिया था- जिसका अर्थ है राजाओं का राजा. वह उस चोल वंश के राजा थे जिसने 9वीं शताब्दी से लेकर 13वीं शताब्दी तक दक्षिण भारत के बड़े इलाके पर राज किया.
राजराज चोल वंश के पहले शासक नहीं थे, लेकिन उन्होंने चोल साम्राज्य को अपने चरम पर पहुंचाया और एक अपेक्षाकृत छोटे से हिस्से से भारत का प्रमुख साम्राज्य बनाया. उनका राजनीतिक प्रभाव श्रीलंका, मालदीव, थाईलैंड और मलेशिया तक फैला. साथ ही इस साम्राज्य के संबंध चीन के भी साथ थे. पूरी स्टोरी यहां पढ़िए...

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स्किन कैंसर का लक्षण, बचाव और इलाज जानिए
स्किन कैंसर की पहचान कैसे कर सकते हैं? त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मंजू केशरी बता रही हैं कि स्किन कैंसर के लक्षण क्या हैं, इसके बचाव और इलाज के लिए क्या-क्या ज़रूरी है.
दरअसल, स्किन पर कोई ग्रोथ इलाज के बावजूद लंबे समय तक बने रहे, किसी तिल या मोल में बदलाव होना, मोल में खुजली, ख़ून निकलना, आकार बढ़ने लगना जैसे लक्षण दिखे तो ये स्किन कैंसर हो सकता है. वीडियो यहां देखें...
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