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सोनाली फोगाट को दिया गया 'मेथामफेटामाइन ड्रग' कितना ख़तरनाक है
बीजेपी नेता और टिक टॉक स्टार सोनाली फोगाट की मौत से जुड़ी रोज़ाना नई जानकारियां सामने आ रही हैं.
शनिवार को गोवा पुलिस ने दावा किया कि फोगाट को उनकी मौत से कुछ घंटे पहले 'मेथामफेटामाइन' नाम की एक ड्रग दी गई थी. सोनाली को ये ड्रग उनके दो निजी सहयोगी सुधीर सांगवान और सुखविंदर सिंह ने दी थी.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, गोवा पुलिस का कहना है कि सुधीर सांगवान ने सोनाली फोगाट के पानी के गिलास में ड्रग्स मिलाई जिसे पीने के बाद बीजेपी नेता की तबीयत बिगड़ी और फिर आखिरकार उनकी मौत हो गई.
पुलिस की ओर से दी गई इस जानकारी के बाद मेथामफेटामाइन नाम के इस ड्रग्स को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. जैसे - ये ड्रग्स क्या है? कब इस्तेमाल में आता है? कितनी आसानी से मिलता है और आख़िर कितना ख़तरनाक है?
इन सवालों के जवाब के लिए हमने अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट नेशनल इंस्टीट्यूट ऑन ड्रग अब्यूज से कुछ जानकारियां जुटाई हैं.
मेथामफेटामाइन ड्रग्स क्या है?
मेथमफेटामाइन एक शक्तिशाली और उत्तेजक नशीला पदार्थ है, जो लोगों के सेंट्रल नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है.
वहीं क्रिस्टल मेथमफेटामाइन एक ऐसे तरह का ड्रग है, जो शीशे की टुकड़े या चमकदार, नीली-सफेद चट्टान की तरह नज़र आता है.
मेथमफेटामाइन रासायनिक रूप से एम्फ़ैटेमिन (ड्रग) के समान है. इसका इस्तेमाल अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एडीएचडी) और नार्कोलेप्सी जैसी समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है.
ये आपके मस्तिष्क को कैसे प्रभावित करता है?
मेथमफेटामाइन आपके मस्तिष्क में डोपामाइन (प्राकृतिक रसायन) की मात्रा को बढ़ाता है. 'डोपामाइन' दिमाग में बनने वाला एक रसायन (केमिकल) है जो संतोष और आनंद की भावनाओं को जन्म देता है. जब इसका स्तर बढ़ जाता है तो ऊर्जा में वृद्धि हो जाती है और इंसान आमतौर पर उत्साहित महसूस करता है.
यही कारण है कि लोगों को जल्द ही मेथमफेटामाइन की आदत लग जाती है और वो ख़ुद को उत्साहित और ऊर्जावान रखने के लिए इसका इस्तेमाल करने लगते हैं. इसके ज़्यादा इस्तेमाल से मौत भी हो सकती है.
अमेरिका में युवाओं के बीच बढ़ती मेथमफेटामाइन का प्रयोग एक बहुत बड़ी समस्या है. साल 2017 के आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका की आबादी के 5.4 प्रतिशत लोगों ने कम से कम एक बार ये ड्रग लिया है.
वहीं ड्रग ओवरडोज से होने वाली मौतों में से लगभग 15 प्रतिशत मौतें मेथामफेटामाइन के कारण हुई थीं.
इकोनॉमिक टाइम्स की छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत की ड्रग कंट्रोल एजेंसी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने भी साल 2016 में क्रिस्टल मेथमफेटामाइन के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता जताई थी.
कैसे होता है इस्तेमाल?
लोग मेथामफेटामाइन को सिगरेट की तरह जलाकर, दवा की तरह निगलकर, नाक के रास्ते खींचकर, इंजेक्ट कर या पानी में मिलाकर ले सकते हैं.
जैसे इस केस में दावा किया जा रहा है कि सोनाली फोगाट के सहयोगियों ने उनके पानी के गिलास में मेथामफेटामाइन मिलाया था.
क्या होता है असर?
मेथामफेटामाइन के इस्तेमाल से आपके शरीर में अत्यधिक ऊर्जा का संचार होता है.
भूख कम लग सकती है. सांसें और दिल की धड़कनें तेज़ हो सकती हैं. ब्लड प्रेशर और शरीर का तापमान भी बढ़ सकता है.
मेथामफेटामाइन दिल के दौरे का मूल कारण तो नहीं हो सकता है, लेकिन ज़्यादा मात्रा में लेने पर कार्डियक अरेस्ट हो सकता है.
वहीं लंबे समय तक ड्रग इंजेक्ट करने परएचआईवी और हेपटाइटिस B और C का ख़तरा भी हो सकता है.
सोनाली फोगाट की मौत मामला
सोनाली फोगाट की बीते 23 अगस्त को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी.
मौत के पीछे का कारण हार्ट अटैक बताया गया लेकिन परिवार की शिकायत और हत्या की आशंकाओं के बीच गोवा पुलिस ने मर्डर की धाराओं के तहत भी जांच शुरू कर दी.
पुलिस ने मामले में अब तक कुल पांच गिरफ़्तारियां की हैं.
मामले में मुख्य आरोपी सुधीर सांगवान और सुखविंदर सिंह के ख़िलाफ जहां हत्या की धाराएं लगी हैं, वहीं एडविन नून्स और गांवकर पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.
शनिवार को पुलिस ने जिस पांचवें शख्स को गिरफ़्तार किया उस पर ड्रग तस्कर दत्ता प्रसाद गांवकर को ड्रग उपलब्ध कराने का आरोप है. रामादास मंदरेकर नाम का ये शख़्स ख़ुद एक ड्रग तस्कर है.
क्या होगी सीबीआई जांच?
सोनाली फोगाट के परिजनों ने हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर से मुलाक़ात करके इस मामले की सीबीआई जांच कराने की की सिफ़ारिश करने का अनुरोध किया है.
शनिवार को सोनाली की बहन रूपेश फोगाट ने चंडीगढ़ में बताया कि सीएम खट्टर ने उन्हें गोवा सरकार को पत्र लिखकर मांग करने का भरोसा दिया था.
समाचार एजेंसी एएनआई से हुई बातचीत में आज गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने इस पर जवाब दिया है.
प्रमोद सावंत ने कहा है कि रविवार को सभी ज़रूरी औपचारिकताओं पूरी करने के बाद, यदि ज़रूरी हुआ तो सोनाली फोगाट का केस सीबीआई को सौंपा जा सकता है.
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