बीजेपी-जेडीयू में तकरार के बीच नीतीश कुमार की सोनिया गांधी से बात करने की चर्चा- प्रेस रिव्यू

सोनिया गांधी और नीतीश कुमार

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बिहार में जेडीयू और बीजेपी गठबंधन की तकरार अब खुलकर सामने आने लगी है. एक दिन पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नीति आयोग की बैठक में ना जाने के बाद अब जेडीयू ने नीतीश कुमार के ख़िलाफ़ साज़िश रचे जाने का आरोप लगाया है.

इसके साथ ही दोनों पार्टियों के लोकसभा चुनाव साथ में लड़ने पर भी सवाल खड़ा हो गया है. अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस ने ये ख़बर प्रमुखता से दी है.

ये विवाद जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह पर बेहिसाब संपत्ति और अनियमितताओं के आरोपों से शुरू हुआ था.

जेडीयू ने शनिवार को आरसीपी सिंह को कारण बताओ नोटिस भेजा था जिसमें उनके ख़िलाफ़ अकूत संपत्ति की शिकायत होने और इस पर जवाब देने के लिए कहा गया था. इसके बाद आरसीपी सिंह ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया.

आरसीपी सिंह ने कहा कि जेडीयू डूबता हुआ जहाज़ है, हमारे जितने साथी हैं वो जल्द ही कूद जाएँगे और जहाज़ जल्दी डूब जाएगा.

आरसीपी सिंह जेडीयू से एकमात्र नेता थे जो पार्टी की ओर से केंद्र में मंत्री बने थे. लेकिन, इस बार जेडीयू ने उन्हें राज्यसभा का टिकट नहीं दिया और वो मंत्री भी नहीं रहे. उनके नीतीश कुमार से रिश्ते खराब बताए जाते हैं.

आरसीपी सिंह के बयान पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रजन सिंह उर्फ़ ललन सिंह ने रविवार को कहा, ''जदयू डूबता हुआ जहाज़ नहीं बल्कि दौड़ता हुआ जहाज़ है और आने वाले समय में ये पता चल जाएगा. लेकिन, कुछ लोग उस जहाज़ में छेद कर उसमें पानी घुसाना चाहते थे. नीतीश कुमार जी ने ऐसे षड्यंत्र करने वाले लोगों को पहचान लिया और जहाज़ मरम्मत करके एकदम ठीक कर दिया.''

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक उन्होंने दावा किया, ''हाल के दिनों में नीतीश कुमार के ख़िलाफ़ दो साज़िशें हुई हैं. एक 2020 का चिराग मॉडल जिसके कारण हमारी सीटें 43 पर आ गईं. एक और साज़िश बुनी जा रही थी जिसे शुरू में ही रोक दिया गया.''

आरसीपी सिंह

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अख़बार के मुताबिक़ दूसरी साज़िश में ललन सिंह का इशारा आरसीपी सिंह की तरफ़ था. उन्होंने माना कि आरसीपी सिंह ने बिना नीतीश कुमार की सहमति के बीजेपी में मंत्री पद लिया था.

चिराग पासवान ने 2020 का विधानसभा चुनाव एनडीए गठबंधन से अलग लड़ा था. उन्होंने उन सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे जहाँ से जेडीयू लड़ रही थी. पार्टी में कई लोगों को लगता है कि चिराग पासवान के पीछे बीजेपी का हाथ था.

नीतीश कुमार के ख़िलाफ़ कौन साज़िश कर रहा है इसके जवाब में ललन सिंह ने कहा, ''हम इस बारे में सही समय पर बात करेंगे. हर कोई इस बारे में जानता है.''

उन्होंने मंत्री पद को लेकर साफ़ कर दिया, ''हम अपनी 2019 की स्थिति पर कायम है कि हम केंद्र में मंत्री पद नहीं लेंगे. नीतीश कुमार इसे लेकर बिल्कुल स्पष्ट हैं.''

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह

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लोकसभा चुनाव साथ लड़ने पर सवाल

ललन सिंह ने दोनों पार्टियों के लोकसभा चुनाव साथ लड़ने पर भी संदेह जताया है. उन्होंने कहा, ''कौन जानता है कि कल क्या होगा? मेरे साथ कल कुछ भी हो सकता है. 2024 की बात क्यों करें, 2029 के बारे में पूछो?''

अख़बार लिखता है कि एक हफ़्ते पहले ही गृह मंत्री अमित शाह ने पटना में पार्टी बैठक में कहा था कि बीजेपी और जदयू 2024 का लोकसभा चुनाव और 2025 का विधानसभा चुनाव एकसाथ लड़ेंगे. इसे नीतीश कुमार को शांत करने के लिए दिये गये बयान के तौर पर देखा जा रहा था.

सीएम नीतीश कुमार

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सोनिया गांधी से नीतीश की बातचीत

वहीं, मीडिया में ऐसे भी ख़बरे हैं कि नीतीश कुमार की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाक़ात हुई है.

नवभारत टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि नीतीश कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से फ़ोन पर बात की है. दोनों के बीच काफ़ी देर तक बातचीत हुई. हालांकि, किन मसलों पर बातचीत हुई ये सामने नहीं आया है.

अख़बार के अनुसार ऐसी भी ख़बरें कि 15 दिनों में नीतीश कुमार और सोनिया गांधी ने तीन बार बात की है. वहीं, मंगलवार को राजद और जदयू ने विधानमंडल दल की बैठक बुलाई है. पहले राजद और फिर जदयू की बैठक होनी है.

सीएसआईआर में पहली बार महिला महानिदेशक

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वरिष्ठ वैज्ञानिक नल्लाथंबी कलाइसेल्वी वैज्ञानिक एवं ओद्यौगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की पहली महिला निदेशक बन गई हैं. सीएसआईआर के तहत देशभर में 38 शोध संस्थान चलाए जाते हैं.

अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स लिखता है कि उन्हें इस पद पर दो साल के लिए नियुक्त किया गया है. उनसे पहले शेखर मंडे ये पद संभाल रहे थे.

नल्लाथंबी कलाइसेल्वी को लीथियम आयन बैटरी के क्षेत्र में काम करने के लिए जाना जाता है. वर्तमान में वह तमिलनाडु के कराईकुड़ी में सीएसआईआर-सेंट्रल इलेक्ट्रोकेमिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक के पद पर कार्यरत हैं.

नई ज़िम्मेदारियों में वो वैज्ञानिक एवं ओद्यौगिक शोध विभाग के सचिव का प्रभार भी संभालेंगी.

अयोध्या

अयोध्या के बीजेपी विधायक और मेयर का अवैध ज़मीन सौदे में नाम

अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने ऐसे 40 लोगों की सूची जारी की है जिन पर ज़मीन के अवैध सौदे का आरोप है. इस सूची में बीजेपी विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा और मेयर ऋषिकेश उपाध्याय का भी नाम शामिल है.

नवंबर 2019 में राम मंदिर के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद अयोध्या में ज़मीन के अवैध सौदों और कॉलोनिया बसने के आरोप लगाए जा रहे हैं. तब से यहां ज़मीनों के दाम भी कई गुना बढ़ गए हैं.

बीजेपी सांसद लल्लू सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर ज़मीन बेचने में हो रही गड़बड़ियों की पड़ताल के लिए एसआईटी जांच की मांग की थी.

अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया लिखता है कि एडीए के उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने रविवार को ऐसी सूची जारी होने की पुष्टि की है. हालांकि, गुप्ता और उपाध्याय दोनों ने इन आरोपों से इनकार किया है और प्रधाकिरण पर मानहानि का दावा करने की चेतावनी दी है.

उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने बताया, ''हमने 40 ऐसी जगहों की पहचान की है जहां अवैध कॉलोनियां बनाई गई हैं. हालांकि, इसकी संख्या और ज़्यादा हो सकती है. हम अयोध्या को साफ़ और भ्रष्टाचार मुक्त शहर बनाना चाहते हैं ताकि यह वैश्विक स्तर का शहर बन सके.''

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