नेपाल में चीन का बड़ा प्लान हुआ ठप, पैसों की आ रही कमी - प्रेस रिव्यू

जिनपिंग

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चीन की महत्वाकांक्षी परियोजना बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) परियोजना नेपाल में लगभग अटक सी गई है.

'द इकोनॉमिक टाइम्स' अख़बार लिखता है कि चीन की इस विशाल परियोजना के कई प्रोजेक्ट्स के फ़ायदे को लेकर स्पष्टता न होने और पैसों की कमी के कारण नेपाल में इसे भारी झटका लगा है.

अख़बार लिखता है कि हाल ही में जब चीन के विदेश मंत्री वांग यी नेपाल के दौरे पर पहुंचे थे तो दोनों देशों के बीच नौ समझौतों पर हस्ताक्षर हुए थे जिनमें से कोई भी BRI परियोजना से नहीं जुड़ा हुआ था.

इसके अलावा रिपोर्ट में बताया गया है कि वांग यी के दौरे के दौरान BRI की योजना पर चर्चा तक नहीं हुई क्योंकि नेपाल इस मुद्दे पर ख़ुली बातचीत चाहता है.

अख़बार सूत्रों के हवाले से लिखता है कि नेपाल के नीति निर्माताओं में BRI को लेकर यह शंका है कि इसका रणनीतिक डिज़ाइन कहीं उसे क़र्ज़ के जाल में न फंसा दे.

नेपाली प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने वांग यी से अतिरिक्त अनुदान की मांग की है. उनका कहना है कि 'इस मोड़ पर नेपाल क़र्ज़ नहीं' बल्कि अनुदान के ज़रिए चीन से अधिक परियोजनाएं चाहता है.

चीन के विशेषज्ञों का मानना है कि नेपाल में BRI परियोजनाएं लागू करना काफ़ी धीमा रहने वाला है. इसका कारण वो कई क्षेत्रों में समझौतों का दोहराव होना और इसको लागू करने में स्पष्टता न होने को बताते हैं.

निशंक

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अब पोखरियाल से ख़ाली कराया जाएगा बंगला

पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान को आवंटित हुए बंगले को उनके परिजनों से वापस लेने के बाद अब पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को भी बंगला छोड़ना पड़ सकता है.

अंग्रेज़ी अख़बार 'द इंडियन एक्सप्रेस' सूत्रों के हवाले से लिखता है कि 27 सफ़दरजंग रोड बंगले को जल्द ही ख़ाली कराने के लिए सोमवार को संपदा निदेशालय की टीम भेजी जाएगी.

सूत्रों के हवाले से अख़बार लिखता है कि पोखरियाल अब मंत्री नहीं हैं इसलिए अब वो टाइप-8 आवास के योग्य नहीं हैं.

27 सफ़दरजंग रोड बंगले को केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पिछले साल आवंटित किया गया था. यह कई सालों तक उनका घर था क्योंकि यह उनके पिता माधवराव सिंधिया को भी आवंटित था.

साल 2019 तक ज्योतिरादित्य सिंधिया के पास यह बंगला था लेकिन लोकसभा चुनाव में हारने के बाद उन्हें ये छोड़ना पड़ा था.

ज़ाकिर नाइक

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UAPA ट्राइब्यूनल ने ज़ाकिर नाइक के एनजीओ पर बैन जारी रखा

ग़ैर-क़ानूनी गतिविधियों के रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत आने वाले एंटी टेरर ट्राइब्यूनल ने मुस्लिम धर्मगुरु ज़ाकिर नाइक के एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फ़ाउंडेशन (IRF) के ख़िलाफ़ प्रतिबंध को बरक़रार रखा है.

अंग्रेज़ी अख़बार 'द न्यू इंडियन एक्सप्रेस' लिखता है कि ट्राइब्यूनल ने एनजीओ के ख़िलाफ़ पांच साल का प्रतिबंध बरक़रार रखा है. एनजीओ के ख़िलाफ़ आरोप है कि वो भारत के मुस्लिम युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए प्रेरित कर रहा है.

ट्राइब्यूनल ने कहा है कि वो केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा दिए गए तर्क से पूरी तरह सहमत है.

पिछले साल नवंबर में IRF के ख़िलाफ़ प्रतिबंध को पांच सालों के लिए बढ़ा दिया गया था. एनजीओ पर लगे प्रतिबंध की समीक्षा के लिए सरकार ने एक सदस्य का ट्राइब्यूनल गठित किया था.

ट्रक

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राजमार्गों पर आज से सफ़र होगा महंगा

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देश के राजमार्गों पर टोल में बढ़ोतरी कर दी है. बढ़ी हुईं दरें पहली अप्रैल यानी आज से लागू हो जाएंगी.

'अमर उजाला' अख़बार लिखता है कि यह बढ़ोतरी 10 रुपये से लेकर 65 रुपये तक की है. प्रतिशत में यह बढ़ोतरी 10 से लेकर 18 फ़ीसदी तक है.

छोटी गाड़ियों के लिए एक तरफ़ की टोल दर में न्यूनतम 10 रुपये की वृद्धि है, जबकि कमर्शियल वाहनों को दूरी के अनुसार अधिकतम 65 रुपये तक ज़्यादा टोल देना होगा.

NHAI हर वित्तीय वर्ष के आरंभ में टोल दरों की समीक्षा कर उन्हें बदलने का फैसला लेता है.

पेट्रोल, डीज़ल और गैस की दरों में वृद्धि के बाद केंद्र सरकार के इस फ़ैसले से आम लोगों पर महंगाई की और मार पड़ने वाली है.

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