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'बीजेपी समर्थक' बाबर की हत्या: पुलिस, परिजन और पार्टी ने क्या-क्या कहा?
- Author, अनंत झणाणें
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ से
उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में कुशीनगर में भाजपा को वोट देने और उसके लिए प्रचार करने वाले शख्स बाबर अली की हत्या का मामला सामने आया है.
बाबर की पत्नी फातिमा खातून का आरोप है कि उनके पति को "गांव के कुछ मुसलमानों ने पीट कर छत से इसलिए नीचे फ़ेंक दिया क्योंकि विधानसभा चुनावों में बाबर ने भाजपा को वोट दिया था और पार्टी के प्रत्याशी के लिए प्रचार किया."
क्या कहती है इस मामले में पुलिस की एफआईआर?
21 मार्च को कुशीनगर के थाना रामकोला में दर्ज की गई एफआईआर के मुताबिक़ घटना 20 मार्च की शाम साढ़े छह बजे के क़रीब कठघरही गाँव की है.
बाबर अली की पत्नी फातिमा खातून की तहरीर के मुताबिक़, "बाबर अली ने विधान सभा चुनावों में बीजेपी प्रत्याशी पंचानन पाठक के साथ प्रचार प्रसार किया और भाजपा के पक्ष में अपना वोट दिया. पंचानन पाठक की जीत पर बाबर ने खूब पटाखे फोड़े और मिठाइयां बाटीं. ये हमारे समाज के लोगों को अच्छा नहीं लगा रहा था, और वो इसका बदला लेने की फिराक में थे."
"20 मार्च को मौके का फायदा उठा कर अजीमुल्लाह, सलमा, तहिद और आरिफ़, लाठी डंडा और टांगी लेकर आए और बाबर पर हमला बोल दिया. बाबर किसी तरह से जान बचा कर घर में भागा और छत पर चढ़ गया. वो लोग ईंट-पत्थर चलाकर मारने लगे और घर में घुस कर सभी लोगों ने मेरे पति को बुरी तरह मारा पीटा और छत से नीचे फेंक दिया."
"और योगी मोदी मुर्दाबाद करते नीचे पहुंच गए. बाबर को गंभीर चोटें आईं. उन्हें रामकोला सीएचसी ले जाया गया जहाँ से वो गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज पहुंचे और बाद में उन्हें लखनऊ में इलाज के लिए पीजीआई अस्पताल में भर्ती किया गया."
लखनऊ में चल रहे इलाज के दौरान बाबर की 25 मार्च को मौत हो गई.
पुलिस ने चार अभियुक्त अजीमुल्लाह, अजीमुल्लाह के बेटे आरिफ़, सलमा और तहिद को गिरफ़्तार कर लिया है और इनके ख़िलाफ़ चोट पहुँचाने, उकसाने, शांति भंग करने, बिना इजाज़त घर में घुसने और ग़ैर इरादतन हत्या करने की कोशिश का मामला दर्ज हुआ था.
बाबर की मौत के बात क्या धाराएं बदलेंगे इसके लिए बीबीसी ने पुलिस से जानकारी हासिल करने की कोशिश की लेकिन डीआईजी और ज़िले के एसपी से फ़ोन पर संपर्क नहीं हो सका.
क्या है बाबर के भाई का आरोप?
बाबर के भाई चंदे आलम मुंबई में काम करते हैं.
वे कुशीनगर में मीडिया को बताते हैं कि, "हमारा भाई बीजेपी का प्रचारक था और अपनी छोटी सी दुकान चलाता था. वो प्रचार प्रसार भी करता था और अपने धंधा भी चलता था. यह पाठक (विधायक) का प्रचार कर रहे थे. पट्टीदार लोग यही सोच रहे थे कि यह भाजपा को वोट न दें, और यह भी हमारी तरह सपा को वोट दें. लेकिन यह नहीं माना. बोला हमारा अधिकार है. मैं जहाँ चाहूँ वहां दूं. जहाँ हमको फायदा है मैं वहीं वोट दूंगा, तो आप क्यों दबाव दे रहे हैं हमको. मारने वाले जितने हैं, सबको जलन होती थी कि तू ऐसे क्यों कर रहा है, हमारे साथ क्यों नहीं रह रहा. तो यह लोग साज़िश किए और जम कर पथराव किए."
बाबर के भाई चंदे आलम कहते हैं कि पथराव और तोड़ फोड़ की एक घटना एक-डेढ़ महीने पहले की भी है जिसके बाद उनका आरोप है कि अभियुक्त बाबर को पैसे देकर मरवाने की धमकी भी दे रहे थे.
वे कहते हैं, "एक दिन पूरे मोहल्ले वाले लोग पथराव किए और घर पर तोड़ फोड़ किए. उसके बाद ये उसे मारने का मौका ढूंढ रहे थे. यह बीजेपी के प्रचार प्रसार में लगा हुआ था जिसकी वजह से लोग गुस्सा थे. कई बार इन्हें धमकी भी मिली."
चंदे आलम का यह भी दावा है कि इस बारे में बाबर ने प्रशासन से मदद भी मांगने की कोशिश की लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली. स्थानीय मीडिया से बात करते हुए वे कहते हैं, "हमारा भाई बहुत दौड़ा, अपनी ज़िन्दगी के लिए भीख माँगी, एसपी दफ़्तर में गया, थाना रामकोला में गया, डीएम साहब के पास गया. लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई."
वे 20 मार्च की घटना के बारे में बताते हैं कि जैसे ही बाबर अपनी दुकान से घर आया तो उस पर हमला हुआ, पथराव हुआ और छत से नीचे फ़ेंक कर उसे बुरी तरह ज़ख़्मी कर दिया गया.
चंदे आलम चिंता ज़ाहिर करते हैं कि इस घटना के बाद उन्हें और उनके परिवार को आगे भी प्रताड़ित किया जा सकता है.
क्या कहना है कठघरही गांव के प्रधान का?
मीडिया से बात करते हुए बाबर की पत्नी फ़ातिमा ख़ातून ने कठघरही गांव के प्रधान विनोद चौरसिया पर भी आरोप लगाया है, "विनोद प्रधान ने कहा कि अगर वो साइकिल पर वोट नहीं देता तो मार डालो. मैं दस लाख खर्च करने को तैयार हूं. बगल के परवेज़ ने धमकी दी कि हम दस लोग हैं, आपस में जुटाकर दस लाख खर्च कर देंगे, और तुम्हें मार डालेंगे."
फ़ातिमा के आरोपों के बारे में बीबीसी ने प्रधान विनोद चौरसिया से बात की तो उन्होंने इस आरोप को निराधार बताया और कहा कि, "फातिमा यह आरोप उनके ख़िलाफ़ प्रधानी का चुनाव हार चुके प्रत्याशी के कहने पर लगा रही हैं. प्रधान का कहना है कि उन्होंने फ़ातिमा की मदद की और जिस परवेज़ पर वो आरोप लगा रही हैं, उसी के पिता ने बाबर को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज तक इलाज के लिए पहुँचाया और उसे 8,000 रुपये से मदद भी की."
प्रधान विनोद चौरसिया कहते हैं कि, "भाजपा में उन्होंने (बाबर ने) वोट दिया है. ऐसा नहीं है कि नहीं दिया है. प्रचार भी किया है."
विनोद चौरसिया के मुताबिक़ दोनों पक्षों में ज़मीन और नाली का पुराना विवाद था जिसे लेकर वो अक्सर आपस में भिड़ जाते थे.
विनोद चौरसिया कहते हैं कि, "बाबर पेशे से मुर्गा काट कर बेचता है. उनके मुताबिक़ मामला 20 मार्च को तब बिगड़ा जब बाबर ने सलमा के घर की दहलीज़ पर मुर्गा काट कर उसका ख़ून और मलबा फेंका. इसको लेकर कहासुनी हुई. इससे गुस्सा हो कर बाबर ने सलमा पर हमला बोला और फिर वहां पर मौजूद आरिफ़ और ताहिद भी बाबर के साथ मारपीट करने लगे."
विनोद कहते हैं, "वो अकेला था, यह तीन थे. बाबर अकेला था तो लाज़मी है ज़्यादा मार खाया होगा. और यह तीन थे तो ज़्यादा मारे होंगे. उसके बाद वो भाग कर छत पर गया और वहां से ये एक पहेली है कि वो छत से गिर कर मरा या कोई ईंटा चला कर मारा, कैसे गिरा वो, अभी ये स्पष्ट नहीं हो पा रहा है."
मामले में चौथे अभियुक्त के बारे में विनोद चौरसिया कहते हैं कि, "अज़ीमुल्लाह उस समय नहीं था. उसका टेंट हाउस का काम है वहां गया था. उसकी भौजाई ने बताया कि वो सिधावे ग्राम सभा में गया था."
लेकिन प्रधान विनोद चौरसिया बाबर के भाजपा को वोट देने और उसके लिए प्रचार करने को उसकी हत्या का कारण नहीं मानते हैं. वे कहते हैं कि उसे मुद्दा बनाया जा रहा है.
प्रधान कहते हैं कि उन्होंने ख़ुद भाजपा का समर्थन किया था और विधानसभा चुनावों में भाजपा को वोट दिलाया था. चौरसिया दावा करते हैं, "भाजपा 500 से 550 वोट हमारी ग्राम सभा से पाई है. आप गांव में किसी से भी पता कर लीजिएगा, यह चीज़ है ही नहीं."
क्या कहना है पुलिस का?
बाबर की हत्या से जुड़े पुलिस के पहले दो अभियुक्तों की गिरफ़्तारी से जुड़े बयानों में दोनों पक्षों के फ़रवरी में हुए नाली के विवाद की वजह से हुई मारपीट का भी ज़िक्र है और पुलिस का कहना है की उस मामले में मुक़दमा दर्ज कर निरोधात्मक करवाई की थी.
यूपी पुलिस ने कहा, "जनपद कुशीनगर में एक ही संप्रदाय के दो गुटों के मध्य हुई. मारपीट में घायल युवक बाबर की इलाज के दौरान मृत्यु की घटना में मुख्य अभियुक्त सहित दो नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर शेष अभियुक्तों की गिरफ़्तारी हेतु टीमों का गठन किया गया है. लापरवाही के कारण एसएचओ को लाइन हाज़िर किया गया है. दोनो पक्षों में फ़रवरी में हुए नाली के विवाद में स्थानीय थाने द्वारा निरोधात्मक कार्यवाही की गयी थी."
लेकिन इस मामले में जांच से जुड़ा सबसे ताज़ा बयान गोरखपुर के डीआईजी जे रविंद्र गौड़ का है. सोमवार रात को वो बाबर के परिवार वालों से मिलने पहुंचे और उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि परिवार ने चार गिरफ़्तार किए गए अभियुक्तों के अलावा और लोगों की भूमिका के बारे में भी पुलिस को बताया है और पुलिस इसकी तफ़्तीश करेगी और जांच में शामिल कर साक्ष्य जुटा कर कार्रवाई करेगी. बाबर के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी.
तो आखिर बाबर की हत्या की वजह क्या नाली से जुड़ा विवाद था या उनका भाजपा को वोट देना या बीजेपी लिए प्रचार करना था?
इस सवाल के जवाब में डीआईजी जे रविंद्र गौड़ ने मीडिया से कहा, "एफ़आइआर में जो कुछ भी कहा गया, वही पुलिस का वर्ज़न है. एफ़आइआर के एक एक चीज़ की हम लोग विवेचना कर रहे हैं."
मीडिया ने डीआईजी से यह भी सवाल पूछा कि परिवार वालों का आरोप है कि 20 मार्च से लेकर 27 मार्च तक पुलिस इनके दरवाज़े पर एक बार भी देखने तक नहीं आई.
इसके जवाब में डीआईजी जे रविंद्र गौड़ ने कहा, "परिवार की जितनी चीज़ें हैं, हम लोग उसकी जांच करेंगे, अगर पुलिस कि तरफ से कोई लापरवाही है तो अभी थाना अध्यक्ष को हमने हटा दिया है, आगे भी हम कार्रवाई करेंगे."
इस मामले में फिलहाल बीट सब इंस्पेक्टर, बीट पुलिस अधिकारी (बीपीओ) और लापरवाही के चलते थाने के एसएचओ दुर्गेश कुमार सिंह को लाइन हाज़िर किया गया है.
बाबर के परिवार को मिली योगी सरकार से मदद
बाबर की मौत के बाद कुशीनगर के कसया से भाजपा विधायक पंचानन पाठक भी बाबर के परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने बाबर को कंधा भी दिया और मिट्टी दी.
गांव में मीडिया से पंचानन पाठक ने कहा, "जो भी इसमें संलिप्त हैं उसे छोड़ा नहीं जाएगा. यहाँ सारे अधिकारी हैं, एसडीएम साहब हैं, सीओ साहब हैं, एसएचओ हैं. जो भी इसमें हैं, छोड़ा नहीं जाएगा. खोजकर पकड़वाएंगे इनको."
न्यूज़ एजेंसी एएनआई से योगी सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा है कि, "कुशीनगर की घटना में अभियुक्तों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई होगी. योगी सरकार ने प्रदेश में क़ानून का राज स्थापित किया है. मामले की जांच होगी और पुलिस अभियुक्तों को जल्द ही खोज निकालेगी."
न्यूज़ एजेंसी एएनआई के ट्वीट के मुताबिक़ प्रदेश के मुखयमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबर के परिवार के लिए दो लाख रुपये मुआवज़े का एलान किया है और पुलिस को मामले की निष्पक्ष जांच करने को कहा है.
मंगलवार को कुशीनगर से भाजपा सांसद विजय कुमार दुबे के प्रतिनिधि शशांक दुबे ने परिवार से मिल कर ये कहा कि परिवारवालों को सीधे दो लाख रुपये मुआवज़े की रक़म दे दी गई है और परिवार के सदस्यों के नाम राशन खाते में चढ़ा दिया गया है.
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