मिसाइल मामला: राजनाथ ने दिया बयान, पाकिस्तान ने की जर्मनी से बात, चीन और अमेरिका ने भी की टिप्पणी

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भारत की ओर से 9 मार्च को ग़लती से पाकिस्तान के क्षेत्र में जा गिरी मिसाइल के मुद्दे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को संसद में बयान दिया. उधर, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कु़रैशी ने इस मामले पर जर्मनी के विदेश मंत्री से बात की है. वहीं अमेरिका और चीन ने भी अपना-अपना पक्ष रखा है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत बयान देते हुए ये कहा कि भारत अपनी हथियार प्रणालियों की सुरक्षा और रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है. उन्होंने कहा कि कथित दुर्घटना का सटीक कारण जांच के बाद ही पता चल पाएगा.
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उन्होंने कहा, "आज मैं 9 मार्च, 2022 को हुई एक घटना के बारे में जानकारी देना चाहता हूं. यह घटना निरीक्षण के दौरान एक मिसाइल के अनजाने में छोड़े जाने से संबंधित है. नियमित रखरखाव और निरीक्षण के दौरान लगभग 7 बजे गलती से एक मिसाइल को छोड़ दिया गया था."
रक्षा मंत्री ने कहा, "बाद में पता चला कि मिसाइल पाकिस्तान के क्षेत्र में गिरी थी. जबकि इस घटना के लिए हमें खेद है, हमें राहत है कि दुर्घटना के कारण किसी को चोट नहीं आई. सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है, औपचारिक उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं."
"इस जांच से दुर्घटना के सही कारण का पता चलेगा. मैं यह भी बताना चाहूंगा कि इस घटना के मद्देनजर संचालन, रखरखाव और निरीक्षण के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा रही है. हम अपने हथियार प्रणालियों की सुरक्षा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं. यदि कोई कमी पाई जाती है तो उसे तत्काल दूर किया जाएगा."
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उन्होंने कहा, "हमारा मिसाइल सिस्टम अत्यंत सुरक्षित है। इसके अलावा हमारी सुरक्षा प्रक्रियाएं और प्रोटोकॉल उच्च स्तरीय हैं और समय-समय पर इसकी समीक्षा की जाती है. हमारे सशस्त्र बल अच्छी तरह से प्रशिक्षित और अनुशासित हैं और ऐसी प्रणालियों को संभालने में अच्छी तरह से अनुभवी हैं."

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पाकिस्तान ने जर्मनी को दी मामले की जानकारी
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने सोमवार को जर्मनी की विदेश मंत्री ऐनालिन बेयरबॉक को फ़ोन कर मिसाइल गिरने की घटना की जानकारी दी.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की ओर से जारी किए गए एक बयान में बताया गया कि विदेश मंत्री कुरैशी ने जर्मन समकक्ष से फोन पर बातचीत के दौरान उन्हें 9 मार्च 2022 को भारतीय मिसाइल के पाकिस्तानी सीमा में घुसने की जानकारी दी.
पोस्ट के मुताबिक, कुरैशी ने जर्मनी के विदेश मंत्री को बताया कि भारत ने "ग़लती" से चली मिसाइल के मसले पर खेद जताया है. कुरैशी ने ये भी कहा कि इस तरह के गंभीर मामलों का हल भारतीय अधिकारियों की ओर से दी गई इतनी साधारण सफ़ाई के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए.
पाकिस्तान ने ये भी कहा कि उनकी ओर से इस मसले की संयुक्त जाँच कराए जाने की मांग की गई है. कुरैशी ने ये भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस घटना को गंभीरता से लेना चाहिए. हालांकि, इस मुद्दे पर जर्मनी के विदेश मंत्री का पक्ष नहीं बताया गया है.
चीन बोला- जल्दी बात करें भारत और पाकिस्तान
इस बीच चीन के विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना को लेकर अपना पक्ष रखा है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की दैनिक ब्रीफ़िंग में प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि भारत और पाकिस्तान को जल्द से जल्द इस मुद्दे पर वार्ता करनी चाहिए और "गहन जांच" शुरू करनी चाहिए.
सोमवार को पाकिस्तानी समाचार एजेंसी एपीपी के एक पत्रकार के सवाल के जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "चीन ने इस बारे में प्रासंगिक जानकारियों को नोट किया है. पाकिस्तान और भारत दोनों दक्षिण एशिया के अहम देश हैं और इस क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखना भी दोनों की ज़िम्मेदारी है. चीन दोनों देशों से जल्द से जल्द वार्ता करने की अपील करता है."
उन्होंने ये भी कहा कि इस मामले की गहन जांच शुरू की जानी चाहिए और साथ में ऐसी व्यवस्था बने जिससे भविष्य में दोबारा ऐसी ग़लतफ़हमी से बचा जाए और ऐसी घटनाएँ ना हों.
अमेरिका ने क्या कहा?
मिसाइल घटना को लेकर अमेरिका ने कहा है कि ये महज़ एक दुर्घटना भर है.
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि भारत की तरफ से मिसाइल दागा जाना सिर्फ एक दुर्घटना थी.
नेड प्राइस ने कहा, " जैसा कि आपने हमारे भारतीय सहयोगियों से भी सुना है कि इस बात के कोई संकेत नहीं है कि ये दुर्घटना के अलावा कुछ और था."
"किसी अन्य जानकारी के लिए हम आपसे भारतीय रक्षा मंत्रालय से संपर्क करने को कहेंगे. उन्होंने 9 मार्च को एक बयान जारी किया था, जिसमें विस्तार से बताया गया है कि वास्तव में क्या हुआ था. हम उससे अलग कुछ नहीं कहना चाहते."
इमरान ख़ान ने क्या कहा था?

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने मिसाइल घटना पर एक रैली के दौरान ये कहा कि यदि पाकिस्तान चाहता तो कुछ कर सकता था लेकिन उसने इस मामले को अच्छे से संभाला.
इमरान ख़ान पंजाब प्रांत के हफ़ीज़ाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, "हमें धमकियां मिलती रहती हैं. अभी जो हिंदुस्तान का एक मिसाइल भी आ गया. पाकिस्तान ने बड़े अच्छे से इसका जवाब दिया...हालांकि हम कुछ और भी कर सकते थे."
क्या है मामला?

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9 मार्च को पाकिस्तान के खानेवाल ज़िले के मियां चन्नू क़स्बे में एक अप्रत्याशित घटना घटी थी. जिसमें एक बहुत ही तेज़ रफ़्तार से उड़ती हुई चीज़ स्थानीय रिहायशी इलाक़े के ऊपर आ गिरी थी.
पाकिस्तान सेना के जनसंपर्क विभाग (आईएसपीआर) के महानिदेशक मेजर बाबर इफ़्तिख़ार ने 10 मार्च को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि "मियां चन्नू में जो तेज़ गति से उड़ती हुई चीज़ गिरी वह शायद एक भारतीय मिसाइल थी."
अगले दिन, 11 मार्च, को भारतीय रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में स्वीकार किया था कि "नियमित रखरखाव के दौरान तकनीकी ख़राबी के कारण मिसाइल गलती से फ़ायर हो गया था. इस मामले में उच्च स्तरीय जांच का आदेश भी दे दिया गया है."
शनिवार को पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि वो भारत की ओर से दी गई "साधारण सफ़ाई" से संतुष्ट नहीं है. पाकिस्तान ने इस मामले में संयुक्त जांच कराए जाने की मांग की थी.
हालांकि, भारत की ओर से जारी किए गए बयान में ये स्पष्ट नहीं है कि कौन सी मिसाइल इस दुर्घटना में शामिल थी.
लेकिन पाकिस्तानी सेना के बयान से संकेत मिले हैं कि ये ब्रह्मोस मिसाइल हो सकती है.
(कॉपीः प्रियंका झा)
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