बनारस में गाड़ी में EVM मिलने पर प्रशासन का क्या कहना है?

अखिलेश यादव

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    • Author, अनंत झणाणे
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ

यूपी में मतदान ख़त्म होने के बाद समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने अचानक मंगलवार शाम प्रेस कॉऩ्फ्रेंस कर वाराणसी में ईवीएम के अलावा बरेली और सोनभद्र में बैलेट पेपर से जुड़ी धांधली का आरोप लगाया.

वाराणसी दक्षिण सीट के काउंटिंग सेंटर के बाहर मंगलवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने एक गाड़ी रोकी, जिसमें ईवीएम ले जाई जा रही थी. सोशल मीडिया पर इससे जुड़े कई वीडियो वायरल हो गए.

इसमें सेंटर के बाहर भारी तादाद में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गाड़ी को रोक कर उसकी हवा निकाल दी और ईवीएम उठा कर दिखाते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे.

इस ख़बर के वायरल होने के बाद अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉऩ्फ्रेंस कर ईवीएम से धांधली और छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए कहा, "2017 में 47 सीटें ऐसी थीं, जो भाजपा 5000 से कम फासले से जीती थी. जो आज बनारस में देखने को मिला है, जहाँ ईवीएम ले जाई जा रही थीं. एक ट्रक पकड़ा गया और दो ट्रक लेकर भाग गए.''

अखिलेश यादव ने कहा, ''अगर सरकार यह वोट की चोरी नहीं कर रही थी तो कम से कम बताए कि एक गाड़ी रोकी गई, पकड़ी गई तो दो गाड़ियां क्यों भागीं? अगर कोई चोरी नहीं थी तो प्रशासन ने इतना इंतज़ाम क्यों नहीं किया? क्या वजह है कि बिना सुरक्षा और बिना इंतज़ाम के ईवीएम जा रही हैं."

अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव ज़िलों के डीएम को फ़ोन कर काउंटिंग की गति को धीरे रखने के लिए कह रहे हैं.

अखिलेश यादव ने सवाल उठाया, "ईवीएम के बारे में यह मानना है कि अगर वेयर हाउस में रखी हो या किसी स्ट्रॉन्ग रूम में रखी हो तो बिना प्रत्याशी की जानकारी के उसे मूव नहीं कर सकते हैं."

उन्होंने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों को काउंटिंग सेंटर के अपने कैमरों के साथ पहरा देने को कहा.

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बनारस में काउंटिंग सेंटर के बाहर क्या हुआ

दरअसल, मंगलवार शाम समाजवादी पार्टी ने वाराणसी दक्षिण मतगणना केंद्र के बाहर ईवीएम से लदी हुई गाड़ी रोकी और ईवीएम में धांधली के आरोप लगाने लगे.

सपा के सहयोगी दल और सुभासपा (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के बेटे वहाँ मौजूद थे और उन्होंने फ़ेसबुक पर भी इस घटना से जुड़ी जानकारी पोस्ट की है.

सपा का आरोप है कि मतगणना केंद्र से जुड़ी तीन गाड़ियां निकलीं, जिसमें से एक को पार्टी का पहरा दे रहे कार्यकर्ताओं ने रोक दिया और उसमें से 20 ईवीएम बरामद की.

वाराणसी के डीएम कौशल राज किशोर

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डीएम ने क्या कहा

लेकिन, वाराणसी के डीएम कौशल राज किशोर ने इस बात से इनकार किया कि यह पोलिंग में इस्तेमाल की गई ईवीएम हैं.

वाराणसी से स्थानीय मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "कल वाराणसी के काउंटिंग कर्मचारियों की एक कॉलेज में ट्रेनिंग है. उसके लिए 20 EVM मशीनें ले जाई जा रही थीं. उसे एक छोटी गाड़ी में सवार कुछ लोगों द्वारा रोका गया. उन लोगों में यह भ्रम हुआ कि कहीं ये वो EVM मशीनें तो नहीं हैं. बाद में यहाँ भीड़ हो गई थी. सभी अधिकारियों ने उन्हें समझाया. अब सभी पार्टियों के प्रत्याशियों और अध्यक्षों को बुलाया गया है कि आप सभी स्पष्ट कर लीजिए कि जो EVM ले जाई जा रही थीं वह सभी ट्रेनिंग के लिए थीं."

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एएनआई एजेंसी को दिए गए बयान के मुताबिक़ कौशल राज किशोर ने कहा कि सभी चीज़ें स्पष्ट कराई जा रही हैं और प्रशासन ने अब निर्णय लिया है कि बुधवार को कर्मचारियों की काउंटिंग ट्रेनिंग बिना EVM के ही करवा दी जाएगी.

लेकिन इस आश्वासन के बावजूद रात भर वाराणसी में भारी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मतगणना केंद्र पर पहरा दिया.

ईवीएम

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बरेली और सोनभद्र में बैलट पेपर को लेकर लगे क्या आरोप?

अखिलेश यादव ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रे़ंस में बरेली और सोनभद्र का भी ज़िक्र करते हुए आरोप लगाए कि बरेली में, "एक स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर एक कचरे की गाड़ी में तीन बक्से सील पकड़े गए. एक बक्से में सादा बैलट पेपर था और दो बक्सों में मोहरों, रजिस्टर और सील करने का सामान था. करीबन 500 बैलट पेपर पकड़े गए."

बरेली से भी वायरल वीडियो सामने आए, जिसमें कूड़ा बटोरने वाली नगर निगम की गाड़ी में संदूक नज़र आ रहे हैं और उनमें से कागज़ और सीलों की बरामदगी दिख रही है.

समाजवादी पार्टी के बरेली से बहेड़ी विधानसभा सीट के प्रत्याशी अताउर रहमान का आरोप है, "हमारे कार्यकर्ताओं ने गाड़ी रोकी. जब उन्हें रोका गया तो वो गाड़ी लेकर भागने लगे. उसमे तीन बॉक्स थे. नेताओं और कार्यकर्ताओं को बॉक्स खोल कर दिखाए गए. उसमें बिना इस्तेमाल किए हुए बैलट पेपर हैं और लिस्ट थीं की कौन-से वोट पड़े और कौन-से नहीं पड़े. हमारा कहना यह है की 14 तारीख़ को मतदान हुआ है, तो यह इतने दिन बीच में वहां क्यों रखे गए. 14 को या 15 तारीख़ को आ जाने चाहिए थे. लेकिन यह आज लाए गए."

वीडियो कैप्शन, केशव प्रसाद मौर्य: यूपी के डिप्टी सीएम किस सवाल पर भड़क गए?

पोस्टल बैलेट से जुड़े इन आरोपों का खंडन करते हुए बरेली के डीएम और निर्वाचन अधिकारी शिवकांत द्विवेदी ने कहा, "आरओ ने थोड़ी ग़लती कर दी. गाड़ी चुनाव से संबधित स्टेशनरी और ख़ाली बॉक्स ला रही थी. अब वो कूड़े के गाड़ी में थी तो इसलिए लोगों ने आपत्ति की. सब लोग बाद में आए, संतुष्ट हो गए, उन्होंने स्ट्रॉन्ग रूम देख लिया. किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है. सारी ईवीएम हमारी सुरक्षित हैं. इस बात पर लोग मान कर वापस लौट गए. इसकी जांच हो रही है, कोई ज़िम्मेदार होगा उसके ख़िलाफ़ करवाई होगी."

सोनभद्र में भी इससे मिलते-जुलते आरोप सामने आए की मतगणना केंद्र के बाहर दो गाड़ियो में सादा मतपत्र, मोहर, स्टैम्प पैड बरामद हुए. ज़िले की घोरावल विधानसभा से 11 हज़ार 900 सादा मतपत्र बक्से से मिलने की बात सामने आई. स्थानीय मीडिया द्वारा लिए गए वीडियो में यह बरामदगी देखने को मिली.

लेकिन, सोनभद्र प्रशासन के उप ज़िलाधिकारी घोरावल ने लिखित जानकारी दी कि घोरावल सीट को 11,900 बैलेट यूनिट मतपत्र जारी किए गए थे और चुनाव में इस्तेमाल के बाद बचे हुए बैलट पेपर को गाड़ी से भिजवाया जा रहा था.

मतगणना केंद्र पॉलिटेक्निक के रास्ते के बाहर कुछ राजीतिक पार्टी के सदस्यों ने गाड़ी रोकी और आपत्ति की. अधिकारियों के आदेश पर मौक़े पर मौजूद लोगों के सामने बॉक्स को सील-मुहर बन्द कर कोषागार में सुरक्षित रखवा दिया गया.

यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
इमेज कैप्शन, यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य

बीजेपी का अखिलेश यादव पर पलटवार

समाजवादी पार्टी ने बनारस, सोनभद्र और बरेली में हुई घटनाओं की लिखित शिकायत लखनऊ में चुनाव आयोग से की है और संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की मांग की है. अखिलेश यादव की अपील के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के कई ज़िलों में मतगणना केंद्रों पर रात भर पहरा दिया.

अखिलेश यादव के इन आरोपों का खंडन करते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट कर कहा, "सपा गठबंधन के तथाकथित सभी बड़े नेता चुनाव हार चुके हैं. मतगणना के पहले नौटंकी बंद करो, चुनाव आयोग ने सभी प्रत्याशियों को ईवीएम मशीन की रखवाली की अनुमति है, परंतु यूपी अब जातिवादी, परिवारवादी, गुंडागर्दी, दंगाईयों के विरुद्ध ईमानदारी से काम करने वाली पार्टी की सरकार के साथ है और रहेगी."

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केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं करते हैं.

भाजपा के उत्तर प्रदेश में प्रचार प्रमुख केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, "जब जनता ने कर दिया दफ़ा, तो अब ईवीएम हो गई बेवफ़ा. अखिलेश यादव 10 मार्च तक का भी इंतज़ार नहीं कर पाए, आज से ही ईवीएम की बेवफ़ाई का करुण क्रंदन शुरू कर दिया. कुछ नया सोचिए."

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