मुस्लिमों को टिकट नहीं देना मजबूरी है? अमित शाह बोले- 'राजनीतिक शिष्टाचार है'- प्रेस रिव्यू

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बीजेपी और सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद नंबर दो की हैसियत के तौर पर देखे जाने वाले भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि बीजेपी का मुसलमानों से वही रिश्ता है, जो एक भारत के नागरिक से होना चाहिए.
लेकिन बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में किसी भी मुसलमान को टिकट क्यों नहीं दिया? न्यूज़-18 के इस सवाल पर अमित शाह ने कहा कि चुनाव में कौन वोट देता है, यह भी तो देखना पड़ता है.
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने भी इस इंटरव्यू के एक अंश को प्रमुखता से प्रकाशित किया है.
क्या मुसलमानों को टिकट नहीं देना राजनीति मजबूरी है? इस पर अमित शाह ने कहा कि मजबूरी नहीं है बल्कि राजनीतिक शिष्टाचार है.
अमित शाह ने कहा, ''चुनाव जीतना निश्चित तौर से ज़रूरी है, लेकिन जीत के बाद भेदभाव का आरोप हो, तब पूछना चाहिए. सरकार संविधान के आधार पर चलती है और सरकार को जनता चुनती है. राजनीतिक प्रकृति तो इसी से जुड़ी है.''
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कर्नाटक में हिजाब विवाद पर अमित शाह ने कहा, ''मेरा व्यक्तिगत मानना है कि स्कूल में सभी धर्म के स्टूडेंट्स को ड्रेस कोड को अपनाना चाहिए. मामला अभी अदालत में है और सुनवाई चल रही है. अदालत को जो फ़ैसला आएगा, उसे मानना चाहिए. मेरी व्यक्तिगत राय तभी तक होती है, जब तक अदालत फ़ैसला नहीं देती है. जब अदालत फ़ैसला देगी तो सभी को स्वीकार करना होगा.''
क्या बहुजन समाज पार्टी अपनी प्रासंगिकता खो चुकी है? इस सवाल के जवाब में अमित शाह ने कहा, ''बीएसपी की प्रासंगिकता ख़त्म नहीं हुई है. बीएसपी को वोट मिलेगा. सीटें कितनी मिलेंगी ये नहीं कह सकता. उनका जो जाटव वोट बैंक है, उनके साथ ही रहेगा. मुसलमान भी बड़ी संख्या में बीएसपी को वोट करेंगे.''
अमित शाह ने कहा कि ब्राह्मण वोट की बात करना मुद्दों से भटकाना है. गृह मंत्री ने ओवैसी के बारे में कहा कि उनको लेकर युवाओं में आकर्षण है. अमित शाह ने कहा कि ओवैसी पर यूपी में हमला क़ानून व्यवस्था की उपेक्षा नहीं है और अगर ऐसा होता को संदिग्धों को गिरफ़्तार नहीं किया जाता.
योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के चुनाव को 80 फ़ीसदी बनाम 20 फ़ीसदी का कहा था. क्या उनके कहने का मतलब हिन्दू बनाम मुसलमान था? इस सवाल के जवाब में अमित शाह ने कहा, ''मुझे नहीं लगता है कि ऐसा है. कोई वोट प्रतिशत के हिसाब से उन्होंने कहा होगा. चुनाव में ध्रुवीकरण है लेकिन यह ग़रीबों का ध्रुवीकरण है.''

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''जो हिन्दू मुझे वोट नहीं करेगा, उसकी नसों में मुस्लिम ख़ून''
इंडियन एक्सप्रेस की एक ख़बर के अनुसार, बीजेपी विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि जो हिन्दू उन्हें वोट नहीं देगा, उसकी नसों में मुस्लिम खू़न है. राघवेंद्र प्रताप सिंह के इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
डुमरियागंज के विधायक हिन्दू युवा वाहिनी के भी प्रभारी हैं. राघवेंद्र प्रताप सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा है कि उन्होंने यह बयान पाँच दिन पहले दिया था लेकिन यह दूसरे संदर्भ में था. सिंह ने कहा कि उनका इरादा किसी को धमकाना नहीं था.
वीडियो में राघवेंद्र सिंह कह रहे हैं, ''आप बताइए कि क्या मुझे कोई मुसलमान वोट करेगा? अगर कोई हिन्दू दूसरे पक्ष को वोट करेगा तो उसकी नसों में मुस्लिम ख़ून होगा. वे ग़द्दार हैं...इतने अत्याचारों के बावजूद अगर एक हिन्दू उस पक्ष में जाता है तो उसे सार्वजनिक तौर पर अपना चेहरा दिखाने का कोई हक़ नहीं है.''

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अमित शाह ने पंजाब में नए गठबंधन के संकेत दिए
हिन्दी अख़बार दैनिक जागरण ने पहले पन्ने पर एक ख़बर लगाई है- अमित शाह ने पंजाब में नए गठबंधन के संकेत दिए. अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, पंजाब में कम मतदान के कारण किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के अनुमानों के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में नए गठबंधन के संकेत दिए हैं.
एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में अमित शाह ने किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में राष्ट्रपति शासन की संभावनाओं को ख़ारिज कर दिया. कहा कि यह आँकड़ों की बात है और दो तीन पार्टियां मिलकर सरकार बना सकती हैं.

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