महाराष्ट्र: सातारा में गर्भवती गार्ड की पिटाई, आख़िर हुआ क्या था?

- Author, राहुल गायकवाड़
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
"मेरी पत्नी तीन महीने की गर्भवती है, बावजूद इसके वो दोनों उसे पीटते रहे. वो बुरी तरह मार रहे थे. मैंने उन्हें रोका और अपनी पत्नी का बचाव किया."
सूर्याजी थोंबरे अपनी पत्नी के साथ हुई मारपीट के बारे में बता रहे थे.
पाल्सावाडे वन्य क्षेत्र में वन्यजीवों की गिनती करने के बाद 19 जनवरी को वन सुरक्षाकर्मी सिंधु सनाप और उनके पति सुरक्षा गार्ड सूर्याजी थांबरे जब अपने घर की ओर लौट रहे थे, तब यह घटना घटी.
पाल्सावाडे के पूर्व सरपंच और वन विभाग प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रामचंद्र जानकार और उनकी पत्नी प्रतिभा जानकार ने वन सुरक्षाकर्मी दंपती पर ये हमला किया था.
इस हमले का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. लोगों ने इस पर सख़्त प्रतिक्रिया दी है और इस हमले की तीख़ी आलोचना की जा रही है.

इमेज स्रोत, SREENGRAB/SATARAPOLICE
कार्रवाई करने का भरोसा
हम घटना की जानकारी लेने के लिए हमने सातारा के वन विभाग दफ़्तर में सिंधु सनाप और सूर्याजी थोंबरे से मुलाक़ात की. मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग के कई शीर्ष अधिकारी इनसे मिल चुके हैं और उन्हें कार्रवाई करने का भरोसा दिया है.
उस दिन की घटना का विवरण देते हुए सिंधु सनाप ने बताया, "उस इलाक़े में मेरी ड्यूटी चार महीने पहले लगाई गई थी. जिस दिन से मैंने काम शुरू किया था, जानकार मुझे परेशान कर रहे थे. वो लगातार मुझे चेतावनी दे रहे थे कि मैं वन विभाग के जो काम हो रहे हैं, उसके भुगतान के लिए चेक को आगे नहीं बढ़ा रही हूं. वो मुझसे कहते थे कि मैं उनकी अनुमति के बिना वन में काम कर रही महिला मज़दूरों को जानवरों की गिनती के लिए क्यों ले जाती हूं."
सनाप कहती हैं, "17 जनवरी को जब मैं जानवरों की गिनती के लिए दो महिलाओं को अपने साथ ले गई तो जानकार की पत्नी ने मुझे जान से मारने की धमकी दी. 19 जनवरी को जब मैं फिर से महिला मज़दूरों के साथ जानवर गिनने गई तो उन्होंने तो उन्होंने कहा कि मैं बिना जानकार की अनुमति के मज़दूरों को अपने साथ क्यों लेकर गई. फिर उन्होंने मेरे पति को अपने चप्पल से मारना शुरू कर दिया. जब मैंने दख़ल दिया तो जानकार और उनकी पत्नी ने मुझे भी बहुत मारा."

सिंधु का आरोप
सिंधु का आरोप है कि जानकार इस बात से नाराज़ थे कि वो उन्हें वन कार्य के लिए आए फंड का ग़लत इस्तेमाल नहीं करने दे रहीं थीं. जानकार ने वन सुरक्षाकर्मियों से कहा था कि वो उनकी अनुमति के बिना वन में दाख़िल ना हों.
इस हमले में सनाप के चेहरे पर चोट आई है. वो तीन माह की गर्भवती हैं. घटना के बाद उनका मेडिकल चेक अप भी कराया गया है.
सहायक वन संरक्षण अधिकारी सुधीर सोनावले ने बीबीसी मराठी को बताया कि किसी वन कर्मी को जंगल में जाने के लिए या मज़दूरों को साथ ले जाने के लिए संयुक्त वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष से अनुमति लेने की ज़रूरत नहीं है.
जब जानकार की पत्नी ने सनाप को 17 जनवरी को जान से मारने की धमकी दी तो वो 19 जनवरी को अपने पति को साथ ले गई थीं. सोनावले का कहना है कि जानकार दंपती ने पहले भी कई बार सनाप को हड़काया था इसलिए उसके पति भी साथ चला गया.

आरोप है कि जब वन्यजीवों की गितनी करने के बाद दोनों लौट सतारा लौट रहे थे तब जानकार की पत्नी ने थोंबरे पर हमला किया.
थोंबरे कहते हैं, "गिनती पूरी करने के बाद मैं जानकार से बात कर रहा था, तभी उनकी पत्नी ने चप्पल से हमला किया. मेरी पत्नी ने बचाव किया तो उस पर भी हमला कर दिया गया."
इस घटना के बाद से जानकार और उनकी पत्नी लापता हो गए. पुलिस उन्हें खोज रही थी. 19 जनवरी की रात को क़रीब तीन बजे पुलिस ने शिरवाल से जानकार को फिर 20 जनवरी को उनकी पत्नी को गिरफ़्तार किया.
सातारा के पुलिस अधिक्षक अजित बोराडे के मुताबिक पुलिस ने दंपती की एक सप्ताह की हिरासत की मांग की है.
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महाराष्ट्र के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने घटना को गंभीरता से लिया है. एक ट्वीट में ठाकरे ने कहा, "अभियुक्त को गिरफ़्तार कर लिया गया है. उन पर सख़्त कार्रवाई की जाएगी. इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा."
महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चकांकर ने भी मामले का संज्ञान लिया है और सतारा पुलिस से सख़्त कार्रवाई करने के लिए कहा है.
सनाप सहायक वन संरक्षण अधिकारी सुधीर सोनावले की टीम में काम करती हैं. सोनावलो कहते हैं, "अखिल भारतीय टाइगर जनगणना का काम चल रहा है. सुबह के समय गिनती की जाती है. हर वन्य सुरक्षाकर्मी को अपने क्षेत्र में टाइगर और अन्य वन्य जानवरों की गिनती करनी होती है. टाइगर या दूसरे वन्यजीव दिखने पर उन्हें रिपोर्ट पेश करनी होती है."
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