कौन हैं विशाल झा और श्वेता सिंह जो हैं 'बुल्ली बाई' के पीछे

साइबर क्राइम

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मुंबई पुलिस ने बताया है कि बुल्ली बाई ऐप मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है. इनमें से दो लोग उत्तराखंड के हैं जबकि एक युवक बिहार निवासी है जिसे बेंगलुरू से हिरासत में लिया गया था.

मुंबई पुलिस के कमिश्नर हेमंत नागराले ने बुधवार को पत्रकारों को बताया, "'बुली बाई' ऐप मामले में हमने बेंगलुरु से कुमार विशाल झा, उत्तराखंड से 18 वर्षीय श्वेता सिंह को गिरफ़्तार किया. हमने उत्तराखंड से आज एक और आरोपी ​मयंक रावत को गिरफ़्तार किया है."

पुलिस कमिश्नर ने साथ ही कहा कि इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि अभी ये कहना संभव नहीं है कि इस ऐप को किसने बनाया और उनका मक़सद क्या था.

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पुलिस कमिश्नर ने क्या कहा?

मुंबई पुलिस के कमिश्नर ने बताया कि इस मामले में उनके पास दो जनवरी को शिकायत आई थी जिसके बाद एफ़आईआर दायर कर जाँच शुरु की गई.

उन्होंने बताया," बुल्ली बाई ऐप और उसी नाम के ट्विटर हैंडल के जो पाँच फ़ॉलोअर्स थे, उनके बारे में हमने जानकारी ली, टेक्नीकल एनालिसिस की और उसके आधार पर हमने गिरफ़्तारियाँ कीं."

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उन्होंने बताया कि मंगलवार को सबसे पहले बेंगलुरु से कुमार विशाल झा को गिरफ़्तार किया गया, इसके बाद उत्तराखंड से श्वेता सिंह को गिरफ़्तार किया गया.

उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह एक और अभियुक्त मयंक रावत को उत्तराखंड से गिरफ़्तार किया गया जिसे मुंबई लाया जाएगा.

पुलिस कमिश्नर ने ये भी कहा कि 'ये एक संवेदनशील मामला है, जो इंटरनेट से जुड़ा है, इसलिए हम बहुत ज़्यादा जानकारी नहीं दे पाएँगे, क्योंकि इससे दूसरे लोग अलर्ट हो सकते हैं और इंटरनेट से जानकारी नहीं मिटाई जा सकती है'.

विशाल कुमार झा कौन हैं?

मुंबई पुलिस के कमिश्नर हेमंत नागराले ने अपनी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बुधवार को बताया कि इस मामले में जाँच के बाद सबसे पहले बेंगलुरु से कुमार विशाल झा को गिरफ़्तार किया गया.

उन्होंने बताया कि 22 वर्षीय अभियुक्त इंजीनियरिंग के सेकंड ईयर का छात्र है.

बेंगलुरु से बीबीसी के सहयोगी पत्रकार इमरान क़ुरैशी ने जानकारी दी है कि विशाल कुमार झा शहर के एक नामी कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष के छात्र हैं और इस कॉलेज के अधिकारियों का कहना है कि "वो एक सामान्य छात्र रहे हैं और कैंपस में उनका व्यवहार अच्छा रहा है".

कॉलेज के अधिकारी ने नाम ज़ाहिर नहीं करने की शर्त पर बीबीसी को बताया, "पिछले साल अक्टूबर से 4 दिसंबर के बीच हमने पाया कि उसका अटेंडेंस 61 प्रतिशत है. हमने उसके माता-पिता को ये जानकारी दी जिसके बाद वो क्लास में आने लगा."

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अधिकारी ने साथ ही कहा,"वो कॉलेज के होस्टल में नहीं रहता, बाहर रहता है. कैम्पस में उसे लेकर कभी कोई मसला नहीं हुआ."

अधिकारी ने ये भी पुष्टि की कि छात्र बिहार का निवासी है.

श्वेता सिंह कौन हैं?

मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने बताया है कि मंगलवार को बेंगलुरू से विकास कुमार झा की गिरफ़्तारी के बाद मिली जानकारी के बाद उत्तराखंड से श्वेता सिंह को गिरफ़्तार किया गया जिनकी उम्र 18 साल है.

मुंबई पुलिस ने उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दी है मगर उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया है कि इस युवती को उत्तराखंड के रुद्रपुर से गिरफ़्तार किया गया.

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समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार डीजीपी अशोक कुमार ने साथ ही ये भी कहा, "ये लड़की एक ग़रीब परिवार की है, उसके पिता जीवित नहीं हैं, ऐसा लगता है कि वो इन गतिविधियों में पैसे के लिए लिप्त हो गई."

हालाँकि मुंबई पुलिस कमिश्नर हेमंत नागराले ने इस मामले में दूसरे राज्यों के पुलिस की ओर से बयान दिए जाने पर आपत्ति जताई है.

बुधवार को अपनी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उन्होंने कहा,"कुछ राज्यों की पुलिस ने कुछ बयान जारी किए हैं जो हमारी दृष्टि से योग्य नहीं था क्योंकि अगर उनके पास एफ़आईआर नहीं हो तो आम तौर पर स्थानीय पुलिस इस बारे में बात नहीं करती है."

ऑनलाइन शोषण

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क्या है बुल्ली बाई ऐप?

बुल्ली ऐप एक ऐप है जिसे वेब प्लेटफ़ॉर्म गिटहब पर तैयार किया गया था. इस ऐप पर 100 से ज़्यादा मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें शेयर की जा रही थीं और ये कहा जा रहा था कि वे 'बिक' सकती हैं. इनमें कई प्रमुख महिला पत्रकारों और कार्यकर्ताओं की भी तस्वीरें शामिल थीं

इस मामले पर हंगामे के बाद ऐप को हटा लिया गया है. अब पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है.

बुल्ली बाई ऐप से पहले पिछले वर्ष भी जुलाई में इसी तरह से मुस्लिम महिलाओं की ऑनलाइन "नीलामी" का एक मामला सामने आया था.

पिछले वर्ष सुल्ली डील्स नाम का एक ऐप और एक वेबसाइट आई थी जिस पर 80 से ज़्यादा मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें अपलोड की गई थीं. सुल्ली ऐप को भी गिटहब पर ही बनाया गया था.

सुल्ली डील्स के मामले में भी पुलिस ने जाँच शुरू की, मगर इस मामले में किसी के ख़िलाफ़ भी कोई आरोप पत्र नहीं लाया जा सका है.

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