ओवैसी ने 'धर्म संसद' को लेकर कांग्रेस पर उठाए सवाल, कहा- हर कोई सबसे बड़ा हिंदू होने की रेस में

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी

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एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हुई 'धर्म संसद' को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है.

उन्होंने कांग्रेस पर धर्म संसद में कही गई कई बातों पर आपत्ति न जताने और शिकायत ना दर्ज करने का आरोप लगाया है.

उन्होंने धर्म संसद में महात्मा गांधी को अपशब्द कहे जाने पर सम्मेलन छोड़कर चले जाने वाले महंत राम सुंदर को लेकर भी टिप्पणी की है.

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असदुद्दीन ओवैसी ने लिखा है, "राम सुंदर छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष हैं और इनका कैबिनेट रैंक है. ये धर्म ससंसद के मुख्य संरक्षक थे. सम्मेलन कांग्रेस के बिना मुमकिन ही नहीं था. राम सुंदर के संरक्षण में ना सिर्फ़ गांधी जी को गाली दी बल्कि ये भी कहा कि इस्लाम का मक़सद राष्ट्र पर क़ब्ज़ा करना है."

"जब कालीचरण यह भाषण दे रहा था तो दर्शकों के बीच कांग्रेस नेता प्रमोद दुबे, भाजपा नेता सच्चिदानंद उपासने और नंदकुमार साय भी मौजूद थे. किसी ने अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी."

ओवैसी ने लिखा, "25 दिसंबर को यात्रा निकाली गयी थी और 26 को धर्म संसद हुआ था. 25 की कलश यात्रा में कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय और कांग्रेस के प्रमोद दुबे (रायपुर नगर सभापति) ने शिरकत की. भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह भी मौजूद थे."

"कांग्रेस के कैबिनेट मिनिस्टर रैंक के नेता के संरक्षण में हिंदू राष्ट्र, मुसलमानों का नरसंहार, लव जिहाद की बातें हुईं. एफ़आईआर सिर्फ़ गांधी जी वाले बयान पर दर्ज हुई है. क्या हम ये समझें की हमारे नरसंहार की बात चिंताजनक नहीं है?"

"राहुल गांधी को सम्मेलन से दूर रखा गया, ये निंदनीय है. क्या हम ये समझें की हिंदू बनाम हिंदुत्व वाली बातें बस जुमला थीं? बघेल जी उत्तर प्रदेश में धरना दे सकते हैं, लेकिन धर्म के नाम पर उनके अपने राज्य में क्या हो रहा है? सब इस रेस में लगे हैं की "सबसे बड़ा हिन्दू कौन?"

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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सीएम बघेल ने क्या कहा

हालांकि, इस मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि जितने कड़े उठाए जा सकते हैं उतने कड़े क़दम उठाए जाएंगे.

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, "यहां पर उत्तेजक और हिंसात्मक बातें बर्दाश्त नहीं की जाती हैं. राष्ट्रपिता के बारे में इस प्रकार की बातें बोलना निश्चित रूप से दर्शाता है कि उनकी मानसिक स्थिति क्या है. जितनी निंदा की जाए उतनी कम है, जितने भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं वह उठाए जाएंगे."

रविवार को रायपुर में एक 'धर्म संसद' में महात्मा गांधी के लिए अपशब्द कहने वाले कालीचरण महाराज के ख़िलाफ़ इस 'धर्म संसद' के आयोजनकर्ताओं में से ही एक रायपुर नगर निगम के सभापति और कांग्रेस नेता प्रमोद दुबे की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है.

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और विधायक मोहन मरकाम ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.

इस 'धर्म संसद' का आयोजन नीलकंठ त्रिपाठी की नीलकंठ सेवा संस्थान ने किया था. जबकि इस धर्म संसद के संरक्षक कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक और रायपुर के दूधाधारी मठ के महंत राम सुंदर दास थे.

नीलकंठ त्रिपाठी ने बीबीसी से कहा, "हमने छह बिंदुओं पर इस धर्म संसद का आयोजन किया था जिसकी आयोजन समिति में कांग्रेस के बड़े नेताओं के अलावा भाजपा के नेता भी शामिल थे. सनातनी हिंदुओं की ओर से आयोजित इस धर्म संसद का मुख्य बिंदु हिंदू राष्ट्र था. संसद में जिस तरह सबको अपने विचार व्यक्त करने की छूट रहती है, उसी तरह इस आयोजन में भी सबने अपने-अपने विचार प्रकट किये. लेकिन महात्मा गांधी को लेकर जो कहा गया, उससे मैं सहमत नहीं हूं."

धर्म संसद

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धर्म संसद में क्या कहा गया

इस दो दिवसीय धर्म संसद में देश के अलग-अलग इलाकों से आये हुए साधु-संतों ने हिंदू राष्ट्र, कथित रूप से हिंदुओं की कम होती संख्या, हिंदुत्व, धर्मांतरण जैसे विषयों पर भाषण दिए. कई साधुओं ने अल्पसंख्यकों को निशाना बनाते हुए विवादित भाषण भी दिए.

कई साधुओं ने हिंदू धर्म के ख़तरे में होने की बात कही तो कुछ साधुओं ने यह भी दावा किया कि पेंटागन समेत पूरे यूरोप पर हिंदुओं का क़ब्ज़ा हो चुका है और यूरोप की बड़ी आबादी हिंदू बन चुकी है. साध्वी विभानंद गिरि ने तो आरक्षण को ही ख़त्म करने की वकालत की और 'ऑनर किलिंग' को जायज़ ठहराया.

रविवार को कार्यक्रम के अंतिम दौर में अकोला, महाराष्ट्र से आये कालीचरण महाराज नामक एक साधु ने अल्पसंख्यकों पर हमला बोलते हुए कई विवादास्पद बातें कहीं.

कालीचरण महाराज

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कालीचरण महाराज ने 'जो हिंदू हित की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा' के नारे के साथ कहा, "हमारे घर की औरतें बड़ी सुशील और सभ्य हैं. ये वोट देने नहीं जाती हैं....सामूहिक बलात्कार जब होंगे तब, तब तुम्हारी घर की औरतों का क्या होगा? महामूर्ख हो. आपको नहीं बोल रहा हूं, ये उन लोगों को बोल रहा हूं, जो वोटिंग को नहीं निकलते."

उन्होंने कहा, "इस्लाम का टारगेट राजनीति के द्वारा राष्ट्र क़ब्ज़ाना है. उन्होंने हमारी आंखों के सामने 47 में क़ब्ज़ा लिया भइया. दो-दो क़ब्ज़ाया हमारी आंखों के सामने. ईरान, इराक़, अफ़ग़ानिस्तान तो पहले ही क़ब्ज़ा चुके थे. बांग्लादेश और पाकिस्तान हमारे सामने क़ब्ज़ाया उन्होंने, राजनीति के द्वारा क़ब्ज़ाया."

इसके बाद महात्मा गांधी के बारे में कालीचरण महाराज ने कहा, "मोहनदास करमचंद गांधी ने सत्यानाश कर दिया. नाथूराम गोडसे जी को नमस्कार है. मार डाला उस...को. देखो, ऑपरेशन करना बहुत ज़रूरी होता है, इन फोड़े-फुंसियों का. वरना ये कैंसर बन जाते हैं."

भाषण दे कर कालीचरण महाराज सभा स्थल से चले गये. इसके बाद धर्म संसद के संरक्षक और कांग्रेस नेता महंत रामसुंदर दास ने अपने भाषण में महात्मा गांधी को गाली दिए जाने पर आपत्ति की और अपने को इस धर्म संसद से अलग करने की बात कही.

इसके बाद देर शाम कालीचरण महाराज के ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई.

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