लखीमपुर हिंसा: आशीष मिश्रा की गिरफ़्तारी आधी रात को कैसे हुई

लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में किसानों को गाड़ी से कुचलने के मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को लखीमपुर खीरी पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है.
लखीमपुर खीरी में मौजूद बीबीसी के सहयोगी पत्रकार अनंत झणाणे ने बताया कि क़रीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने शनिवार रात को उन्हें गिरफ़्तार किया.
इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के डीआईजी इंचार्ज उपेन्द्र अग्रवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि आशीष मिश्रा घंटों चली पूछताछ में सवालों का जवाब देने से बचने की कोशिश कर रहे थे और सहयोग नहीं कर रहे थे, इसीलिए उन्हें गिरफ़्तार किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि आशीष मिश्रा को मैजिस्ट्रेट के सामने पुलिस कस्टडी के लिए पेश किया जाएगा और फिर उनसे पूछताछ की जाएगी.
इस संबंध में किसानों ने जो एफ़आईआर दर्ज कराई थी, उसमें आशीष मिश्रा लखीमपुर खीरी के तिकुनिया किसान हत्या कांड के मुख्य अभियुक्त हैं.
आशीष पर हत्या, ग़ैर इरादतन हत्या और हत्या की साज़िश के साथ अन्य कठोर क़ानूनों के तहत मुक़दमा दर्ज है.

दूसरे नोटिस के बाद पूछताछ के लिए पेश हुए
लखीमपुर खीरी मामले की जाँच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने 40 वर्षीय आशीष मिश्रा को पहले भी पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था लेकिन वो ग़ैर-हाज़िर रहे थे लेकिन दूसरे नोटिस के बाद वो शनिवार को पूछताछ के लिए पहुँचे थे.
शनिवार सुबह साढ़े 10 बजे के क़रीब आशीष मिश्रा लखीमपुर खीरी पुलिस लाइन में अपना पक्ष रखने के लिए हाज़िर हुए थे और उनसे तक़रीबन 12 घंटे तक पूछताछ चली.
लखीमपुर खीरी के क्राइम ब्रांच के दफ़्तर में शनिवार को भारी पुलिस सुरक्षा बंदोबस्त था और इसी दौरान आशीष मिश्रा अपने वकील अवधेश सिंह और लखीमपुर सदर से बीजेपी विधायक योगेश वर्मा के साथ वहां पहुँचे. हालांकि, विधायक योगेश वर्मा थोड़ी देर में वहां से चले गए थे.
शनिवार रात को आशीष मिश्रा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था और तक़रीबन रात एक बजे के क़रीब उन्हें लखीमपुर खीरी जेल में भेजा गया था.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, आशीष के वकील अवधेश सिंह ने बताया कि पुलिस ने जुडिशियल मैजिस्ट्रेट से तीन दिन की हिरासत मांगी थी, जिसका विरोध किया गया था लेकिन अब सोमवार को स्थानीय कोर्ट इस पर फ़ैसला लेगी.
उनके वकील ने कहा, "वो सोमवार सुबह तक जेल में न्यायिक हिरासत में रहेंगे. सोमवार को उन्हें स्थानीय कोर्ट में ले जाया जाएगा, जहाँ सुनवाई में तय होगा कि उन्हें पुलिस कस्टडी में भेजा जाना चाहिए या नहीं."

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पिता अजय मिश्रा टेनी ने किया बचाव
आशीष मिश्रा दूसरी बार नोटिस जारी किए जाने के बाद पुलिस के पास पूछताछ के लिए पहुँचे थे. पहले नोटिस पर पूछताछ के लिए न पहुँचने पर उनके पिता और केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने शुक्रवार को कहा था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और वो अपने शाहपुर कोठी घर पर हैं.
अजय मिश्रा टेनी अपने उस बयान पर क़ायम हैं कि उनके पुत्र घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे और न ही वो किसानों पर चढ़ी किसी भी कार में मौजूद थे.
उन्होंने कहा कि आशीष अपने पैतृक गाँव बनवीरपुर में सालाना कुश्ती के कार्यक्रम में मौजूद थे, जिसका आयोजन उनका परिवार करता है.
उन्होंने कहा कि बनवीरपुर में ऐसे कई लोग हैं जो उस दिन कार्यक्रम में मौजूद थे और इस बात की गवाही देना चाहते हैं कि उन्होंने आशीष को देखा था.
अजय मिश्रा टेनी ने कहा, "अगर मेरा बेटा घटनास्थल पर होता तो वो भी मार दिया जाता."

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पूछताछ में क्या पता चला
समाचार चैनल 'एनडीटीवी' न्यूज़ वेबसाइट पर अपनी ख़बर में लिखता है कि आशीष मिश्रा को इसलिए गिरफ़्तार किया गया है क्योंकि वो हिंसा के वक़्त कहां मौजूद थे इसका सही-सही जवाब नहीं दे पाए थे.
आशीष मिश्रा ने कहा था कि वो घटनास्थल से 4-5 किलोमीटर दूर कार्यक्रम में मौजूद थे जबकि कार्यक्रम में तैनात पुलिसकर्मियों ने बताया था कि आशीष दोपहर दो से चार बजे के बीच ग़ायब थे.
'हिंदुस्तान टाइम्स' अख़बार लिखता है कि आशीष से उनकी लोकेशन और घटना में उनकी भूमिका के बारे में कई सवाल किए गए.
अख़बार ने पुलिस अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि नौ सदस्यों वाली जाँच कमिटी ने आशीष के लिए 40 सवाल तैयार किए थे, जिनमें से वे घटना के समय अपनी लोकेशन के बारे में साफ़-साफ़ कुछ नहीं बता सके.
यूपी पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (क़ानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा है कि उन्होंने छह अभियुक्तों की पहचान की है, जिनमें से तीन की हिंसा के दौरान मौत हो चुकी है, दो गिरफ़्तार हो चुके हैं. इनमें एक आशीष मिश्रा हैं जबकि एक अभियुक्त की पहचान नहीं हो पाई है.

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किसानों ने प्रदर्शन की दी चेतावनी
केंद्र के तीन कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने अब केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी की भी गिरफ़्तारी की मांग की है.
उनकी मांग है कि अजय मिश्रा को नफ़रत फैलाने, हत्या और साज़िश की धाराओं के तहत गिरफ़्तार किया जाना चाहिए और उन्हें मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा देना चाहिए. इसके साथ ही किसानों ने कहा है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे देश में प्रदर्शन होंगे.
शनिवार को SKM ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ़्रेंस की थी. इस दौरान भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की कथित पिटाई से जिन चार लोगों की मौत हुई है उसकी आशीष मिश्रा की हरकत से तुलना नहीं की जा सकती है.
तीन अक्तूबर को लखीमपुर खीरी में कारों से कुचले जाने से चार किसानों की मौत हुई थी जिसमें से एक कार आशीष मिश्रा की बताई जा रही है. इस घटना के बाद कथित तौर पर किसानों ने चार लोगों की पिटाई कर दी थी जिनकी मौत हो गई थी.

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टिकैत ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "वहां पर यह एक क्रिया की प्रतिक्रिया थी. हम उन्हें आरोपी नहीं मानते हैं. और हम इसे हत्या नहीं कह सकते हैं. जब कभी कोई एक्सीडेंट होता है तो सभ्य लोग भी ट्रैफ़िक रोक कर बीच सड़क में एक दूसरे से वाद-विवाद करने लगते हैं."
उन्होंने यह भी कहा कि 'एक पत्रकार जिनकी इस घटना में मौत हुई है उनके परिवार पर यह बात कहने के लिए दबाव बनाया गया था कि किसानों ने उनकी हत्या की थी जबकि उनके शरीर पर टायर के निशान हैं.'
टिकैत ने कहा, "सच ये है कि वे (अभियुक्त) लोगों को तीन कारों के ज़रिए मारना चाहते थे."
SKM ने किसानों से आह्वान किया है कि वो 12 अक्तूबर को मारे गए किसानों की याद में होने वाली 'अरदास' में पहुंचें और इस दिन को पूरे देश में 'शहीद किसान दिवस' के रूप में मनाया जाएगा.
अजय कुमार मिश्रा टेना का केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफ़ा और उनकी गिरफ़्तारी की मांग कर रहे SKM ने कहा है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 'शहीद किसानों की अस्थियों के साथ लखीमपुर खीरी से पूरे यूपी और हर राज्य में शहीद किसान यात्रा निकाली जाएगी.'
"यह यात्रा हर ज़िले की पवित्र या ऐतिहासिक जगहों पर पूरी होगी. 15 अक्तूबर को किसान विरोधी बीजेपी का पुतला फूंका जाएगा. 18 अक्तूबर को पूरे देश में रेल रोको आंदोलन होगा और इसके आठ दिनों के बाद लखनऊ में एक महापंचायत आयोजित होगी."
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