अफ़ग़ान सरकार ने हार के बीच तालिबान के सामने रखा ये प्रस्ताव- प्रेस रिव्यू

तालिबान

इमेज स्रोत, Getty Images

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की जीत थम नहीं रही है. गुरुवार को तालिबान ने रणनीतिक रूप से अहम ग़ज़नी शहर पर भी क़ब्ज़ा कर लिया.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार तालिबान ने देर रात हेरात और कंधार शहर को भी अपने नियंत्रण में ले लिया है. एक हफ़्ते में तालिबान ने कम से कम 11 प्रांतीय राजधानियों को अपने नियंत्रण में ले लिया है.

अफ़ग़ानिस्तान के गृह मंत्री ने भी ग़ज़नी शहर पर तालिबान के नियंत्रण की पुष्टि की है. ग़ज़नी शहर काबुल और कंधार हाइवे को जोड़ता है और यह अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल और तालिबान के गढ़ दक्षिण के बीच का गेटवे है.

भारत के लगभग सभी अख़बारों में तालिबान की इस जीत की ख़बर छपी है. अंग्रेज़ी अख़बार द हिन्दू में छपी रिपोर्ट के अनुसार अफ़ग़ानिस्तान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता मीरवाइज़ स्तानिकज़ई ने मीडिया से तालिबान के क़ब्ज़े की पुष्टि की है.

तालिबान समर्थकों ने सोशल मीडिया पर ग़ज़नी को अपने नियंत्रण में लेने का वीडियो भी डाला है. कहा जा रहा है कि अफ़ग़ान सरकार अपने राज्यों के गवर्नर से नाराज़ है कि तालिबान से बिना लड़े सरेंडर कर रहे हैं.

छोड़िए X पोस्ट
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त

अफ़ग़ानिस्तान के टोलो न्यूज़ के अनुसार ग़ज़नी प्रांत के गवर्नर दाऊद लाग़मानी को और उनके सहयोगियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है. इस गिरफ़्तारी की पुष्टि अफ़ग़ानिस्तान के गृह मंत्रालय ने की है. जब तालिबान ने ग़ज़नी प्रांत के आधे हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया था तो दाऊद काबुल के लिए रवाना हो गए थे. इसी दौरान उन्हें गिरफ़्तार किया गया.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार काबुल की ओर से क़तर में तालिबान के साथ बातचीत में सत्ता में साझेदारी को लेकर प्रस्ताव रखा गया है.

एएफ़पी के अनुसार क़तर के दोहा में अफ़ग़ान सरकार की टीम के एक अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा है कि हिंसा रोकने के लिए अशरफ़ ग़नी की सरकार ने तालिबान को सत्ता में शामिल होने का पेशकश की है.

ग़ुलाम फ़ारूक़ मजरोह नाम के एक वार्ताकार के अनुसार तालिबान को 'शांति के लिए सरकार'नाम से एक प्रस्ताव दिया गया है. उन्होंने कहा कि इसे लेकर और जानकारी नहीं दी गई है. अफ़ग़ान सरकार उत्तरी और पश्चिमी अफ़ग़ानिस्तान के ज़्यादातर हिस्सों को तालिबान से हार गई है.

अब अफ़ग़ान सरकार अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रही है. मई महीने में अमेरिका के बाइडन प्रशासन ने 31 अगस्त तक सभी अमेरिकी सैनिकों की वापसी की घोषणा की थी और उसके बाद से तालिबान ने अपना अभियान तेज़ कर दिया था.

ग़ज़नी पर तालिबान के नियंत्रण से दबाव और बढ़ेगा क्योंकि अफ़ग़ान सैनिकों का नियंत्रण हाइवे से भी टूटता जा रहा है. तालिबान समर्थक सोशल मीडिया पर अपनी जीत की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट कर रहे हैं. ये सोशल मीडिया पर अपनी ताक़त भी दिखा रहे हैं.

अफ़ग़ानिस्तान

इमेज स्रोत, Getty Images

एक हफ़्ते से भी कम वक़्त में तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान की 11 प्रांतीय राजधानियों को नियंत्रण में ले लिया है. लश्कर गाह में भी भीषण लड़ाई जारी है. लश्कर गाह के एक अधिकारी ने बताया कि तालिबान के लड़ाके सरकार से नियंत्रण को अपने हाथों में लेने के क़रीब पहुँच गए हैं.

बुधवार की शाम लश्कर गाह पुलिस मुख्यालय के सामने एक ज़बरदस्त कार बम धमाका किया गया था. इस ब्लास्ट के बाद क़रीब 40 पुलिसकर्मियों और एक सीनियर कमांडर ने तालिबान के सामने आत्मसमर्पण कर दिए. कंधार की जेल से भी सभी क़ैदियों को तालिबान ने रिहा कर दिया है. तालिबान जेलों को अपने निशाने पर ले रहा है और सभी क़ैदियों को रिहा कर रहा है. ज़्यादातर क़ैदी तालिबान के हैं.

1990 के दशक में कंधार तालिबान का मज़बूत गढ़ रहा है. ऐसे में कंधार पर जीत तालिबान के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से भी भारी बढ़त है. तालिबान के बढ़ते हमले के कारण अफ़ग़ानिस्तान में आम लोगों को विस्थापित होना पड़ रहा है. यहाँ मानवीय संकट गहरा रहा है. लोग अपना घर-बार छोड़ सार्वजनिक स्थानों पर शरण ले रहे हैं. अमेरिका के लिए भी चिंता बढ़ रही है लेकिन राष्ट्रपति बाइडन ने अपने फ़ैसले का बचाव किया है और कहा है कि उन्हें कोई पछतावा नहीं है.

राहुल गांधी

इमेज स्रोत, Getty Images

कांग्रेस और ट्विटर में टकराव

कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को कहा कि राहुल गांधी समेत कम से कम उसके 23 नेताओं और पार्टी से जुड़े सात अकाउंट को ट्विटर ने निलंबित कर दिया है. जिन नेताओं के अकाउंट को निलंबित किया गया है, उनमें कांग्रेस के सीनियर नेता केसी वेणुगोपाल, रणदीप सुरजेवाला, कांग्रेस के सोशल मीडिया प्रमुख रोहन गुप्ता, पार्टी का आधिकारिक ट्विटर हैंडल और कई राज्यों में कांग्रेस यूनिट के ट्विटर हैंडल शामिल हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस ख़बर को पहले पन्ने पर जगह दी है. अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार ट्विटर ने कहा है कि नियमों के उल्लंघन के कारण ये अकाउंट निलंबित किए गए हैं और जब आपत्तिजनक तस्वीरें हटा ली जाएँगी तो अकाउंट का निलंबन वापस ले लिया जाएगा.

कांग्रेस ने दिल्ली में एक बच्ची के साथ रेप और मौत के मामले में उस परिवार की तस्वीर पोस्ट की थी. कांग्रेस नेता ट्विटर की इस कार्रवाई को विरोध में अपने अकाउंट में राहुल गांधी की फ़ोटो लगा रहे हैं. कई नेताओं ने अपनी डीपी में राहुल गांधी की तस्वीर लगा ली है और नाम भी वही कर लिया है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी ट्विटर के विरोध में अपनी डीपी में राहुल गांधी की तस्वीर लगा ली है.

सोनिया गांधी

इमेज स्रोत, Getty Images

सोनिया गांधी विपक्षी नेताओं से बात करेंगी

द हिन्दू की ख़बर के अनुसार सोनिया गांधी 20 अगस्त को शीर्ष के विपक्षी नेता, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन समेत कई अहम नेताओं से वर्चुअली बात करेंगी.

द हिन्दू से कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने इसकी जानकारी दी है. इस वार्ता में एनसीपी प्रमुख शरद पवार, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, सीपीआई महासचिव डी राजा और सीपीआईएम महासचिव सीताराम येचुरी को भी बुलाया गया है.

अभी एजेंडा नहीं पता है कि किन मुद्दों पर बात होनी है. कांग्रेस के एक नेता ने अख़बार से कहा कि सोनिया गांधी इस मुलाक़ात के ज़रिए विपक्षी एकता को बनाए रखना चाहिए चाहती हैं. इस बैठक को एक संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है कि कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव को विपक्षी एकता के साथ लड़ना चाहती है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)