मुंबई में भारी बारिश से 20 की मौत, पीएम मोदी ने जताया दुख

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मुंबई में शनिवार रात भर लगातार बारिश होने के कारण हुए भूस्खलन और नवी मुंबई में एक मकान की दीवार ढह जाने से कुल 20 लोगों की मौत हो गई. स्थानीय अधिकारियों ने रविवार सुबह इसकी जानकारी दी.
एक अधिकारी ने बताया कि नवी मुंबई के वाशी क्षेत्र में देर रात क़रीब एक बजे एक घर की दीवार ढह जाने से 17 लोगों की मौत हो गई.
वहीं एक अन्य अधिकारी ने बताया कि मुंबई के उपनगर विखरोली में देर रात क़रीब ढाई बजे भूस्खलन के बाद झोपड़ियों के ढह जाने से उसमें रहने वाले तीन लोगों की मौत हो गई. ये घटना विखरोली के सूर्य नगर इलाक़े में हुई. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारी बारिश के कारण हुईं इन घटनाओं में लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया है.
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प्रधानमंत्री कार्यालय ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हज़ार रुपये देने की घोषणा की है.
एक ट्वीट में पीएम मोदी ने लिखा, ''मुंबई के चेम्बूर और विखरोली में दीवार ढहने के कारण लोगों की मौत होने से दुखी हूँ. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोकसंतप्त परिवारों के साथ हैं. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ.''
स्थानीय मीडिया से बात करते हुए एनडीआरएफ़ टीम के इंस्पेक्टर राहुल रघुवंश ने बताया कि विखरोली इलाक़े से अब तक 17 से ज़्यादा शव निकाल चुके हैं. अभी दो और लोगों के फंसे होने की आशंका है. चेंबूर में जिस जगह हादसा हुआ वहाँ संकरी गलियाँ हैं, जिसके चलते टीम को राहत और बचाव का काम करने में वक्त के साथ परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है.
वहीं चेंबूर में जिस जगह बारिश की वजह से मकान गिरे वहाँ के एक चश्मदीद ने बताया कि हादसा शनिवार रात 12:30 बजे पर हुआ, जब अचानक एक के बाद एक मकान की दीवार गिरने लगीं और नींद में बच्चे मलबे में दब गए. किसी तरह आसपास के लोगों ने कई युवकों को मलबे से निकालकर रिक्शे से अस्पताल पहुँचाया. वहीं कई और लोग मिट्टी के नीचे दबे थे.

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समाचार एजेंसी पीटीआई ने लिखा है कि कल रात हुई बारिश ने मुबंई के लोगों को 26 जुलाई 2005 को हुई बारिश की याद दिला दी. तब 24 घंटे में 944 एमएम बारिश दर्ज की गई थी.
मुंबई एवं इसके उपनगरों में कई जगहों पर भारी बारिश के कारण पटरियों पर जलजमाव होने से लोकल ट्रेन सेवा प्रभावित हुई है.
बताया गया है कि मुंबई के कई इलाक़ों में कुछ ही घंटों के भीतर 200 एमएम से ज़्यादा बारिश दर्ज की गई जिसकी वजह से सेंट्रल रेलवे और वेस्टर्न रेलवे को मुंबई में सब-अरबन ट्रेन सेवाएं रोकनी पड़ी हैं.
बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग ने मुंबई को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग की भाषा में रेड अलर्ट का मतलब होता है कि प्रशासन सतर्क रहे और जो भी ज़रूरी तैयारियाँ करनी हैं, वो करे.
मौसम विभाग को भी मुंबई में बारिश की स्थिति इस तरह बदलने की उम्मीद नहीं थी. अधिकारियों ने बताया कि मुंबई में सिर्फ़ छह घंटे के भीतर 100 एमएम से ज़्यादा बारिश हुई. जबकि इतनी बारिश होने का कोई पूर्वानुमान नहीं था.

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मौसम विभाग का कहना है कि रविवार को भी मुंबई में अच्छी बारिश हो सकती है.
सेंट्रल रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि दादर, परेल, माटुंगा, कुर्ला समेत कुछ अन्य जगहों पर रेलवे ट्रैक डूब जाने के कारण, सीएसएमटी और थाणे के बीच रेल सेवाएं बंद कर दी गई हैं.
कोरोना महामारी से पहले, सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे लगभग 75 लाख यात्रियों को हर रोज़ अपनी 3,000 से ज़्यादा रेलगाड़ियों में ले जाते थे. पर महामारी के दौरान रेलवे की सुविधाएं सिर्फ़ इमरजेंसी स्टाफ़ और सरकारी मुलाज़िमों के लिए ही उपलब्ध हैं.
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