CBSE : 10वीं और 12वीं के बच्चे ध्यान दें, अगले साल ऐसे बनेगा रिपोर्ट कार्ड

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सोमवार को अकादमिक सत्र 2021-22 में 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए दो बार परीक्षा कराने का फ़ैसला किया है.

ये फैसला कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.

सीबीएसई ने सोमवार शाम इस बारे में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है, जिसमें सिलेबस कम करने से लेकर इम्तिहान की प्रक्रिया से जुड़े सभी सवालों के जवाब दिए गए हैं.

सीबीएसई ने सोमवार शाम जारी नोटिफिकेशन में बताया है कि अकादमिक सत्र 2021-22 में परीक्षा दो बार होगी.

इस प्रक्रिया में सिलेबस को भी दो भागों में बांटा जाएगा. साथ ही पूरे सत्र को भी दो भागों - टर्म 1 और टर्म 2 में बांटा गया है.

नवंबर-दिसंबर में होने वाली पहली परीक्षा में पहले पचास फीसदी सिलेबस से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे.

सत्र के अंत में होने वाली परीक्षा में बाक़ी बचे पचास फीसदी सिलेबस से सवाल पूछे जाएंगे, जो मार्च-अप्रैल के महीने में होंगे.

बोर्ड का तर्क है कि ये कदम इसलिए उठाया जा रहा है कि ताकि सत्र ख़त्म होने पर बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने की संभावनाएं बढ़ाई जा सकें.

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कम किया जाएगा सिलेबस

सीबीएसई ने पिछले साल की तर्ज पर इस बार भी सिलेबस कम करने का ऐलान किया है.

बीते साल कोरोना महामारी की वजह से लॉकडाउन लगने और इंटरनेट पर पढ़ाई सुचारू रूप से नही हो पाई थी.

इस वजह से सीबीएसई ने हर विषय में पढ़ाए जाने वाले टॉपिक को कम कर दिया था. इसके बाद छात्रों को हर विषय में से लगभग 30 फ़ीसद हिस्सा कम पढ़ना पड़ा था.

सीबीएसई ने अपने ऐलान में इस अकादमिक सत्र से बोर्ड परीक्षाओं के सिलेबस में तार्किकता लाने की बात कही है. सरल शब्दों में इसका मतलब सिलेबस में कटौती से ही है.

हालांकि इसका पूरा फ़ॉर्मूला जानने के लिए छात्रों को इस महीने के अंत तक इंतज़ार करना होगा.

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परीक्षा में क्या पूछा जाएगा?

सीबीएसई के इस ऐलान के बाद से छात्रों के मन में कई सवाल हैं, जैसे-

दो बार होने वाले इन इम्तिहानों में क्या पूछा जाएगा?

क्या ये इम्तिहान घर से ही देने होंगे? या इस बार छात्र स्कूल जाकर इम्तिहान दे सकेंगे?

इसके साथ ही एक सवाल ये भी है कि क्या कोविड की तीसरी लहर आने पर पिछली बार की तरह इम्तिहान कैंसल हो सकते हैं?

सीबीएसई ने इन सभी सवालों का जवाब दिया है –

  • अकादमिक सत्र 2021-22 के पहले टर्म की बोर्ड परीक्षा के नवंबर-दिसंबर महीने में होगी.
  • इस टेस्ट की अवधि 90 मिनट की होगी जिसमें रीज़निंग से जुड़े बहु-विकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे.
  • इस टेस्ट में 50 फीसदी सिलेबस से प्रश्न पूछे जाएंगे.
  • सीबीएसई परीक्षा से जुड़े प्रश्नपत्रों को स्कूल भेजेगा और ये भी बताएगा कि नंबर किस तरह दिए जाने हैं.
  • इम्तिहान ओएमआर शीट पर होंगे.
  • इस पेपर में अर्जित अंक परीक्षार्थी के कुल अंक में जुड़ेंगे.
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सीबीएसई ने दूसरी परीक्षा को लेकर भी जानकारी जारी है जिसके मुताबिक़ –

  • अकादमिक सत्र 2021-22 के दूसरे टर्म की बोर्ड परीक्षा बचे हुए 50 फ़ीसद सिलेबस के आधार पर होंगे
  • ये परीक्षा मार्च-अप्रैल 2022 तक होगी जिसकी अवधि दो घंटे की होगी.
  • इस टेस्ट में दीर्घ उत्तरीय और लघु उत्तरीय सवाल होंगे.
  • अगर कोविड की वजह से परीक्षा आयोजित नहीं हो पाती है, तो 90 मिनट का बहु-विकल्पीय पेपर लिया जाएगा.
  • इस पेपर में हासिल किए हुए अंक, फाइनल रिपोर्ट कार्ड में जुड़ेंगे.
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अगर कोविड की नई लहर आई तो...

सीबीएसई ने ये भी बताया है कि अगर आने वाले दिनों में भी कोरोना महामारी का दौर जारी रहता है और स्कूल नहीं खुल पाते हैं तो उस स्थिति में सीबीएसई बोर्ड किस तरह के कदम उठाएगा.

बोर्ड ने बताया है कि अगर टर्म 1 यानी नवंबर-दिसंबर के इम्तिहान स्कूल में नहीं हो पाते हैं तो बच्चे ऑनलाइन माध्यम से ये परीक्षा दे सकेंगे.

लेकिन ऐसी स्थिति में छात्रों के फाइनल रिपोर्ट कार्ड में टर्म 1 के टेस्ट की भूमिका कम हो जाएगी और टर्म 2 के टेस्ट की भूमिका बढ़ जाएगी.

इसके साथ ही अगर टर्म 1 टेस्ट स्कूल में आयोजित हो जाते हैं और टर्म 2 टेस्ट तक स्कूलों को बंद करना पड़ता है तो टर्म 1 के इम्तिहान में अर्जित अंकों और इंटरनल एसेसमेंट के आधार पर फाइनल रिपोर्ट कार्ड जारी किया जाएगा.

अगर दोनों ही इम्तिहान स्कूल में आयोजित न हो सके तो फाइनल रिपोर्ट कार्ड, इंटरनल एसेसमेंट, प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट वर्क और टर्म 1 एवं टर्म 2 परीक्षा में अर्जित थ्योरी मार्क्स के आधार पर तय किया जाएगा.

इसके साथ ही स्कूलों को बच्चों के असेसमेंट के आधार पर उनका प्रोफाइल बनाना होगा जिसमें यूनिट टेस्ट, प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट के आधार पर नंबर दिए जाएंगे.

कॉपी - अनंत प्रकाश

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