कोरोना: "पानी सिर के ऊपर जा चुका है", हाई कोर्ट की केंद्र को लताड़ - प्रेस रिव्यू

बत्रा हॉस्पिटल

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दिल्ली के बत्रा हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी से बारह मौतों के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को प्रदेश में 490 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए शनिवार की मध्यरात्रि तक का वक्त दिया है.

अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक ख़बर के अनुसार जस्टिस विपिन संघी और जस्टिस रेखा पिल्लई की बेंच ने केंद्र सरकार से कहा कि अगर केंद्र सरकार ऐसा न कर पाई तो केंद्र सरकार के अधिकारियों के ख़िलाफ़ अदालत की अवमानना का मामला चलाया जाएगा.

कोर्ट ने कहा, "अब पानी सिर के ऊपर जा चुका है. अब हमें कुछ कर के दिखाइए. आपको क्या लगता है कि दिल्ली में लोग मर रहे हें और हम आंखें बंद कर लें."

"केंद्र सरकार को हम आदेश देते हैं कि चाहे जैसे भी हो वो ये सुनिश्चित करे कि दिल्ली को आवंटित 490 मीट्रिक टन ऑक्सीजन शनिवार की मध्यरात्रि कर मिल जाए."

इससे पहले केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए वकील ने कोर्ट से कहा था कि दिल्ली को ऑक्सीजन की आपूर्ति से जुड़ी एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है.

कोर्ट ने ये भी कहा कि अब तक दिल्ली को एक भी दिन आवंटित मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिला है. केंद्र दिल्ली में क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंकर भी मुहैय्या कराए.

दिल्ली में ऑक्सीजन की किल्लत

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कई मरीज़ों की स्थिति गंभीर

अख़बार में छपी एक और रिपोर्ट के अनुसार अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से अख़बार लिखता है कि शनिवार सवेरे 80 मिनट के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई में बाधा आई थी जिसके कारण सांस लेने के लिए ऑक्सीजन पर पूरी तरह 12 लोगों की मौत हो गई. मृतकों में एक डॉक्टर भी शामिल थे.

अधिकारी ने कहा कि कुछ मरीज़ों के लिए अगले 24 से 48 घंटे बेहद क्रिटिकल हैं क्योंकि ऑक्सीन की कमी के कारण उनकी स्थिति और बुरी हो गई है.

एक सप्ताह पहले दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल में ऑक्सीजन प्रैशर के कम हो जाने से 20 कोविड-19 मरीज़ों की मौत हो गई थी.

जब अस्पताल के पास लिक्विड ऑक्सीजन का स्टॉक ख़त्म हो गया तब मेन गैस पाइपलाइन से लगे ऑक्सीजन सिलेंडर का सहारा लिया गया लेकिन वहां लो प्रेशर की वजह से मरीज़ों की मौत हो गई.

सीबीएसई

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20 जून तक आएंगे सीबीसई 10वीं के नतीजे

जनसत्ता में छपी एक ख़बर के अनुसार सीबीएसई की 10वीं की बोर्ड परीक्षा के नतीजे 20 जून तक आएंगे. इस साल कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण बोर्ड की परीक्षा रद्द कर दी गई थी.

अख़बार के अनुसार अंक निर्धारित कपने की नीति के बारे में परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि स्कूल की परीक्षाओं में छात्रों के परफॉर्मेंस को लेकर अंक दिए जाएंगे.

जो छात्र साल भर टेस्ट में उपस्थित नहीं हुए उनके लिए स्कूल 15 मई तक ऑनलाइन या टेलीफ़ोन पर आकलन कर उन्हें नंबर देंगे. 11 जून तक सीबीएसई को नंबर सौंपे जाएंगे जिसके बाद 20 जून तक परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे.

सीबीएसई ने 80 नंबर का एक फॉर्मूला तैयार किया है जिसके आधार पर नंबर दिए जाएंगे. इसके तहत 10 नंबर यूनिट टेस्ट, 30 नंबर अर्धवार्षिक परीक्षा और 40 नंबर प्री बोर्ड के आधार पर दिए जाएंगे. 20 नंबर इंटरनल असेसमेन्ट के आधार पर दिए जाएंगे.

वीडियो कैप्शन, कोरोना से ख़ुद को संक्रमित कराने वाला छात्र

फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स के लिए इंश्योरेंस स्कीम छह महीनों के लिए बढ़ाई गई

सरकार ने कोरोना महामारी से लड़ रहे स्वास्थ्यकर्मियों के लिए इंश्योरेंस स्कीम को और छह महीनों तक के लिए बढ़ा दिया है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक ख़बर के अनुसार शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ये फ़ैसला लिया गया है.

ये बैठक कोविड-19 एम्पावर्ड ग्रुप के काम की समीक्षा के लिए आयाजित की गई थी. बैठक में प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिया कि वो बकाया पड़े इश्योरेंस क्लेम को जल्द से जल्द सेटल करने के लिए कदम उठाएं ताकि मृतकों के परिजनों को मुश्किलों का सामना न करना पड़े.

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