तीरथ सिंह रावत कैबिनेट का विस्तार 7 पुराने चेहरों को जगह- प्रेस रिव्यू

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उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए चार नए सदस्यों समेत 11 मंत्रियों को सरकार में शामिल किया है.
द इकोनॉमिक टाइम्स अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, तीरथ सिंह रावत के मंत्रिमंडल में मदन कौशिक को छोड़कर पूर्ववर्ती त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के सभी मंत्रियों को जगह दी गई है.
मदन कौशिक को प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.
10 मार्च को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अकेले ही पद और गोपनीयता की शपथ ली थी और दो दिन बाद उन्होंने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया.
अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, 11 मंत्रियों में से 8 को कैबिनेट मंत्री का जबकि तीन को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का दर्जा दिया गया है.
तीरथ सिंह रावत के मंत्रिमंडल में नए चेहरों के तौर पर कालाढूंगी से विधायक बंशीधर भगत, दीदीहाट के विधायक बिशन सिंह चुफाल, मसूरी के विधायक गणेश जोशी और हरिद्वार ग्रामीण से विधायक स्वामी यतीश्वरानंद का नाम शामिल हैं. इनमें से भगत, चुफाल और जोशी को कैबिनेट मंत्री के रूप में, जबकि यतीश्वरानंद को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में जगह दी गई है.
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री समेत मंत्रियों की अधिकतम संख्या 12 हो सकती है और 11 मंत्रियों को शपथ दिलाए जाने के साथ ही तीरथ सिंह मंत्रिमंडल पूरा हो गया है.
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह की जगह पार्टी टिकट पाकर चौबट्टाखाल से विधायक बने सतपाल महाराज को नए मंत्रिमंडल में भी नंबर दो की महत्वपूर्ण जगह दी गई है.
महाराज के अलावा, त्रिवेंद्र सिंह रावत मंत्रिमंडल के सदस्य रहे हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य, अरविंद पांडे, सुबोध उनियाल, धन सिंह रावत और रेखा आर्य भी मंत्रिमंडल में दोबारा जगह हासिल करने में क़ामयाब रहे. हालांकि, धन सिंह रावत और रेखा को तीरथ सिंह रावत मंत्रिमंडल में भी बतौर राज्य मंत्री ही शामिल किया गया है.

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दाभोलकर मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने सीबीआई को आड़े हाथों लिया
बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को डॉक्टर नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड मामले में जाँच की गति धीमी होने पर सीबीआई को आड़े हाथों लिया.
अंग्रेज़ी अख़बार द टाइम्स ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, कोर्ट की ओर से पूछा गया है कि डॉक्टर नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड को सात साल बीत चुके, इसके बाद भी इस मामले में सुनवाई शुरू क्यों नहीं हुई.
बॉम्बे हाई कोर्ट में जस्टिस एसएस शिंदे और मनीष पिटाले की पीठ ने इस मामले में सीबीआई और एसआईटी की धीमी जाँच प्रक्रिया पर सवाल उठाया है.
अदालत ने कहा, "ये स्पष्ट है. ये मामला 2013 का था. हम इस समय 2021 में है. कर्नाटक में जो घटनाएं हुई, वो हमारे राज्य की घटना के बाद हुईं. कर्नाटक में सुनवाई शुरू हो गई है. यहाँ क्यों नहीं हुई? जबकि मामले एक जैसे हैं."
इससे पहले कोर्ट को यह जानकारी दी गई थी कि कर्नाटक में कन्नड़ लेखक एम कलबुर्गी और पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले में सुनवाई शुरू हो चुकी है.
बॉम्बे हाई कोर्ट पीड़ित परिवारों की गुज़ारिश पर डॉक्टर नरेंद्र दाभोलकर और पंसारे हत्याकांड से जुड़ी जाँच की निगरानी कर रहा है. पीड़ित परिवारों की ओर से पेश हुए वकील अभय नेवगी ने कहा है कि महाराष्ट्र एटीएस ने इन चारों हत्याओं में एक संबंध पाया है. कलबुर्गी की हत्या 30 अगस्त, 2015 को हुई थी. गौरी लंकेश की हत्या 5 सितंबर, 2017 को हुई थी.
नेवगी ने कहा कि सीबीआई ने डॉक्टर नरेंद्र दाभोलकर केस में चार लोगों के ख़िलाफ़ तीन चार्जशीट पेश की हैं. लेकिन एसआईटी ने सीपीआई नेता गोविंद पंसारे की हत्या के मामले में बिल्कुल भी प्रगति नहीं की है.
सीबीआई की ओर से पेश हुए एडीशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने कहा कि "हमें जो करना चाहिए था, वो हम कर चुके हैं." उन्होंने ये भी कहा कि थाणे क्रीक में विशेषज्ञों की टीम के साथ मर्डर वैपन की तलाश की गई थी, लेकिन इसके बाद भी हत्या के हथियार की बरामदगी नहीं हुई.
सिंह ने ताज़ा रिपोर्ट पेश करने के लिए कोर्ट से समय माँगा. वहीं, एसआईटी की ओर से पेश हुए वकील मनकुंवर देश ने भी कहा कि स्टेटस रिपोर्ट जल्द ही पेश की जाएगी.
इस पर अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई में उन्हें 'कंक्रीट बयान' चाहिए. जस्टिस शिंदे ने कहा, "नहीं तो हम किसी को नहीं छोड़ेंगे. आप ये कह सकते हैं कि ये अदालत इतनी तीखी टिप्पणी कर रही है."

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डीज़ल की बढ़ती कीमतों का महंगाई पर असर
पिछले कुछ हफ़्तों से पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों में लगातार बढ़त का असर अब खुदरा महंगाई दर पर भी दिखना शुरू हो गया है.
बिज़नेस स्टेंडर्ड अख़बार में छपी ख़बर के मुताबिक़, फरवरी में खुदरा महंगाई तीन महीने के उच्चतम स्तर, 5.03 प्रतिशत पर पहुँच गई.
पेट्रोल-डीज़ल के बढ़े दाम और खाद्य पदार्थों की क़ीमतों में आई तेज़ी के बीच खुदरा महंगाई में उछाल देखा गया है. जनवरी में खुदरा महंगाई दर 4.06 प्रतिशत थी.
रिपोर्ट बताती है कि इस बात का आभास हो सकता है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित ईंधन की क़ीमतें फ़रवरी में जनवरी के मुक़ाबले कम बढ़ी हैं, लेकिन आंकड़ों का अध्ययन करें तो पता चलता है कि पेट्रोल की महंगाई फ़रवरी में बढ़कर 20.57 प्रतिशत हो गई, जो जनवरी में 12.53 प्रतिशत थी. वहीं डीज़ल की क़ीमतों में तेज़ी 12.79 प्रतिशत से बढ़कर 20.57 प्रतिशत हो गई. डीज़ल की क़ीमतों में बढ़त का असर दूसरे क्षेत्रों में भी दिखा है.

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बिग-बास्केट को खरीदेगी टाटा ग्रुप
टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड भारत के सबसे बड़े ऑनलाइन किराना स्टोर 'बिग बास्केट' को खरीदने के लिए राज़ी हो गई है.
कंपटीशन कमिशन ऑफ़ इंडिया में जमा किये गए दस्तावेज़ से इसकी जानकारी सामने आयी है.
अंग्रेजी अख़बार मिंट में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, टाटा ने सुपरमार्केट ग्रोसरी सप्लाइज़ प्राइवेट लिमिटेड में 64.3 फ़ीसदी हिस्सेदारी ख़रीदने का प्रस्ताव रखा है.
ये डील एक अरब अमेरिकी डॉलर में हुई है. लेकिन टाटा कंपनी इसमें और पूंजी लगा सकती है, जिसके बाद उसका स्वामित्व 80 फ़ीसदी तक बढ़ जायेगा.
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