सुशांत सिंह राजपूत केस: महाराष्ट्र के गृहमंत्री ने सीबीआई पर उठाए सवाल, अब तक क्या-क्या हुआ?

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महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बीते रविवार सुशांत सिंह राजपूत मामले में जारी सीबीआई जाँच से जुड़ी अंतिम रिपोर्ट नहीं आने पर सवाल उठाया है.
देशमुख ने कहा है, "महाराष्ट्र और देश की जनता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में चल रही सीबीआई जाँच रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही है. जनता मुझसे पूछती है कि इस मामले में अब तक क्या हुआ है. मैं सीबीआई से आग्रह करता हूँ कि ये उजागर किया जाए कि ये एक आत्महत्या थी या एक हत्या."
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जाँच एजेंसी सीबीआई ने पाँच महीने पहले अगस्त 2020 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस मामले में अपनी जाँच शुरू की थी.
इसके बाद से लेकर अब तक कई मौक़ों पर सीबीआई नोटिस जारी करके बता चुकी है कि वो अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुँची है.
बीती 15 अक्तूबर को सीबीआई की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज़ में बताया गया है कि "सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सीबीआई जाँच जारी है. कुछ ख़बरों में अटकलें लगाई गई हैं कि इस मामले में सीबीआई ने अपनी जाँच पूरी कर ली है. लेकिन इसे दोबारा बताया जा रहा है कि ये ख़बरें अटकलों और ग़लत सूचनाओं पर आधारित हैं."
जाँच रिपोर्ट में देरी को लेकर पर उठते सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और बिहार सरकार के बीच लंबे समय तक राजनीतिक रस्साकशी जारी रहने के बाद सीबीआई जाँच के आदेश दिए थे. इसके बाद से एनसीबी और ईडी जैसी एजेंसियां भी इस मामले में अपनी जाँच कर रही हैं.
लेकिन पाँच महीने बाद भी सीबीआई की ओर से ये नहीं बताया गया है कि ये मामला हत्या का था या आत्महत्या का.
महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख का बयान आने के बाद भी सीबीआई की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
बीबीसी ने सीबीआई के आधिकारिक प्रवक्ता से बात करके इस बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश की.
लेकिन सीबीआई प्रवक्ता ने फ़ोन पर इस संबंध में कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया. बीबीसी की ओर से सीबीआई को ईमेल भेजकर इस बारे में जानकारी माँगी गई है जिसके जवाब का इंतज़ार किया जा रहा है.
विकास सिंह ने भी साधी चुप्पी
जहाँ एक ओर सीबीआई से इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं मिल सकी है. वहीं, सुशांत के पारिवारिक वकील विकास सिंह की ओर से भी इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया गया है.
बीबीसी के साथ बातचीत में विकास सिंह ने कहा है कि “वह फ़िलहाल इस मुद्दे पर मीडिया से कोई बात करने के लिए तैयार नहीं हैं.”
लेकिन इससे पहले सितंबर और अक्तूबर महीने में विकास सिंह सीबीआई और एम्स की जाँच से असंतुष्ट होने के संकेत दे चुके हैं.
सिंह ने अक्तूबर महीने में अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा था, "एम्स की रिपोर्ट से बहुत परेशान हूं. मैं सीबीआई डायरेक्टर से एक नयी फॉरेंसिक टीम बनाने का आग्रह करने जा रहा हूं. आख़िर एम्स शरीर की ग़ैर-मौजूदगी में इतनी निश्चितता से भरी रिपोर्ट कैसे दे सकता है और वो भी तब जब कि कूपर हॉस्पिटल की ओर से इतना ग़ैर पेशेवराना ढंग से पोस्टमॉर्टम किया गया हो जिसमें मृत्यु का समय तक न डाला गया हो."
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विकास सिंह ने इस मामले में सीबीआई निदेशक को पत्र लिखकर कूपर अस्पताल की ओर से किए गए पोस्टमॉर्टम पर सवाल भी उठाए थे.
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जब ख़बर आई कि सुशांत...?
'काइ पो चे' और 'धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' जैसी लोकप्रिय फ़िल्मों से बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने वाले ऐक्टर सुशांत सिंह राजपूत 14 जून को अपने बांद्रा स्थित आवास पर मृत पाए गए थे. उनकी मौत की ख़बर आने के कुछ देर बाद ही देश भर के न्यूज़ चैनलों से लेकर सोशल मीडिया पर सुशांत सिंह राजपूत का नाम, उनकी तस्वीरें, और वीडियो वायरल होने लगे.
शुरुआती स्तर पर लोगों को यक़ीन ही नहीं हुआ कि ये ख़बर सच भी हो सकती है. लेकिन धीरे-धीरे सुशांत सिंह राजपूत की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई जिसके बाद लोगों को यक़ीन हुआ. इसके बाद मुंबई पुलिस की ओर से इसे आत्महत्या का मामला क़रार दिया गया.
महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने ट्वीट करके बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक़, सुशांत सिंह राजपूत ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या की. हालांकि, अपने ट्वीट में उन्होंने कहा था कि "मीडिया रिपोर्ट्स में सुशांत सिंह के क्लिनिकल डिप्रेशन से पीड़ित होने की बात सामने आ रही है और मुंबई पुलिस इस मामले की भी जाँच करेगी."
इसके बाद सोशल मीडिया से लेकर टीवी पर वकील, पूर्व पुलिस अधिकारियों और सिने जगत से जुड़ी हस्तियों के इंटरव्यू छाने लगे जिन्होंने सुशांत सिंह की मौत, उनके कथित रूप से डिप्रेशन के शिकार होने और उनकी हत्या किए जाने तक के क़यास लगाए.
इसके बाद इस मामले में आए बयानों, आधिकारिक गतिविधियों, और राजनीतिक हितों के चलते सुशांत सिंह की मौत की पहेली सुलझने के बजाए उलझती चली गई.
क्या क्या हुआ?
टीवी न्यूज़ पर क्या हुआ, ट्विटर-फ़ेसबुक पर किसने क्या बयान दिए उसे छोड़ दिया जाए तो सरल शब्दों में अब तक इस मामले में जो कुछ हुआ है, वो इस प्रकार है.
14 जून को सुशांत सिंह राजपूत की मौत की ख़बर आने के बाद मुंबई पुलिस ने इस मामले की जाँच शुरू की. मुंबई पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर इसे आत्महत्या का मामला माना.
मुंबई के पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह ने जाँच के दौरान कहा था, "मुंबई पुलिस की जाँच सही दिशा में चल रही है. सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए मामले की जाँच की जा रही है. सुशांत बाइपोलर डिसऑर्डर के मरीज़ थे और उनका इलाज चल रहा था. किन परिस्थितियों में उनकी मौत हुई, ये हमारे जाँच का विषय है."
इस मामले में बॉलीवुड की कई हस्तियों के बयान लिए गए जिनमें संजय लीला भंसाली जैसी हस्तियां शामिल थीं. लेकिन सुशांत सिंह के पिता केके सिंह की ओर से पटना में उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती के ख़िलाफ़ ख़ुदकुशी के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया गया.
सुशांत के पिता केके सिंह ने अगस्त में एक वीडियो जारी कर मुंबई पुलिस पर जाँच में लापरवाही का आरोप लगाया था.
उन्होंने कहा था, "25 फ़रवरी को मैंने बांद्रा पुलिस को बताया था कि वो ख़तरे में है. 14 जून को उसकी मौत हो गई. मैंने पुलिस से उन लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की माँग की है जिनके नाम 25 फ़रवरी की शिकायत में लिए गए थे. लेकिन सुशांत की मौत के 40 दिनों बाद भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. इसलिए मैंने पटना में एफ़आईआर कराई."
हालांकि, मुंबई पुलिस ने कहा था कि बांद्रा पुलिस को ऐसी कोई शिकायत लिखित में नहीं मिली थी. इसके बाद बिहार पुलिस की एक टीम इस मामले की जाँच करने के लिए मुंबई पहुंची जिसे महाराष्ट्र सरकार की ओर से कथित रूप से असहयोग का सामना करना पड़ा.
हालांकि, महाराष्ट्र सरकार की ओर से ऐसे सभी आरोपों का खंडन किया गया.
वहीं, रिया चक्रवर्ती की ओर से इस मामले की जाँच के लिए पटना की एफ़आईआर को मुंबई में शिफ़्ट करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी थी.

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इसके बाद जब इस मसले को लेकर दोनों राज्य सरकारें आमने-सामने आ गईं तो सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जाँच सीबीआई को करने का आदेश दिया.
मुंबई पुलिस ने लगभग 56 लोगों के बयान दर्ज किए जिसके बाद मामला सीबीआई को सौंप दिया.
लेकिन जहां एक ओर सीबीआई इस मामले की जाँच कर रही है. वहीं, ईडी ने आर्थिक मामलों की जाँच की. और, एनसीबी ने इस मामले में ड्रग्स चेन की जाँच शुरू की.
इस मामले में रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शौविक समेत कई लोगों को गिरफ़्तार किया गया.
रिया चक्रवर्ती पर सुशांत के लिए ड्रग्स का इंतज़ाम करने और उस दौरान पैसे के लेन-देन का आरोप है.
रिया को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8C, 22, 27A 28 और 29 के तहत गिरफ़्तार किया गया था, जिसमें ड्रग्स की तस्करी, ड्रग्स लेने के लिए बरगलाने और षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप है.
एम्स के फॉरेंसिंक मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत को हत्या नहीं बताया है. यह फॉरेंसिंक मेडिकल बोर्ड सुशांत के मामले की जाँच के लिए बनाया गया था जिसमें सात डॉक्टर शामिल थे. बोर्ड ने अपने निष्कर्षों से सीबीआई को अवगत करा दिया है.
हालांकि, सीबीआई की ओर से ताज़ा जानकारी ये है कि वह इस मामले की जाँच कर रही है और अब तक ये नहीं पता है कि सुशांत ने आत्महत्या की या उनकी हत्या की गई.
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