पश्चिम बंगाल की ममता सरकार बिचौलिया क्यों बनना चाहती है? -गवर्नर जगदीप धनखड़ -आज की बड़ी ख़बरें

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पश्चिम बंगाल के गवर्नर जगदीप धनखड़ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच तकरार बढ़ती दिख रही है
रविवार को राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर पूछा है कि प्रधानमंत्री किसान योजना के तहत केंद्र से पैसा मिलने पर राज्य बिचौलिया क्यों बनना चाहता है.
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अपने पत्र को ट्वीट करते हुए धनखड़ ने लिखा, "देश 'मिनिमम गवर्मेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' की ओर बढ़ रहा है, और ममता बनर्जी 'मैक्सिमम गवर्मेंट, मिनिमम गवर्नेंस' की ओर.
"समय आ गया है किसानों के लिए पारदर्शी बनने का"
ममता बनर्जी ने केंद्र को पत्र लिखकर कहा था कि प्रधानमंत्री किसान योजना को राज्य में लागू करने के लिए तैयार हैं लेकिन उन्होंने मांग की थी कि पैसा राज्य सरकार के ज़रिए दिया जाए.

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आर्मेनिया और अज़रबैजान की सेना के बीच सीमा विवाद को लेकर झड़प
आर्मेनिया और अज़रबैजान की सेना के बीच नागोरना-काराबाख़ क्षेत्र में विवाद को लेकर झड़प शुरू हो गई है.
अज़रबैजान के एक हेलीकॉप्टर को अब तक मार गिराया गया है. दोनों ही पक्षों ने हवाई हमले शुरू कर दिए हैं. मार्शल लॉ की भी धोषणा चुकी हुई.
अज़रबैजान का कहना है कि मोर्चे पर गोलीबारी के जवाब में उसने जवाबी कार्रवाई की है. दोनों ही तरफ आम नागरिकों की मौत हुई है.
हाल के महीनों में लंबे समय से चला आ रहा ये संघर्ष और भड़क गया है. रूस के विदेश मंत्रालय ने तत्काल संघर्ष विराम करने को कहा है. रूस ने कहा है कि बातचीत से हालात को स्थिर बनाने का प्रयास किया जाए. आर्मेनिया और अज़रबैजान दोनों ही 1991 से पहले सोवियत संघ के हिस्सा रहे थे.
नागोरना-काराबाख़ के अनसुलक्षे मुद्दे को लेकर दोनों ही पक्ष चार दशकों से संघर्ष की स्थिति में है. नागोरना-काराबाख़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अज़रबैजान के हिस्से के तौर पर देखा जाता है लेकिन इस पर आर्मेनियाई लोगों का नियंत्रण है.
जुलाई में सीमा पर हुई लड़ाई में कम से कम 16 लोगों की जान चली गई थी. इसके बाद अज़रबैजान की राजधानी बाकू में एक बड़ा विरोध-प्रदर्शन हुआ था और क्षेत्र पर फिर से नियंत्रण की मांग की गई थी.

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गुप्तेश्वर पांडेय जेडीयू में शामिल हुए
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर जनता दल यूनाइटेड में औपचारिक तौर पर शामिल हो गए.
गुप्तेश्वर पांडेय ने हाल ही में पुलिस सेवा से स्वैच्छिक रिटायरमेंट लिया था.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ शनिवार को भी गुप्तेश्वर पांडेय ने नीतीश कुमार से मुलाकात की थी.
इस मुलाकात के बाद गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा था कि चुनाव लड़ने को लेकर उन्होंने अभी तक कोई फ़ैसला नहीं लिया है.
उन्होंने कहा था, "मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने आया था और मैंने उन्हें पुलिस महानिदेशक के तौर पर कर्तव्य पालन में पूर्ण स्वतंत्रता देने के लिए उन्हें शुक्रिया कहा. चुनाव लड़ने को लेकर मैंने कोई फ़ैसला नहीं किया है."

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लेह चुनाव का बहिष्कार कर रहे संगठन फ़ैसला वापस लेने के लिए तैयार: रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार लेह के लोगों के हितों के लिए संविधान की छठी अनुसूची के तहत उपलब्ध संरक्षण पर चर्चा के लिए तैयार है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक रिजिजू ने कहा कि लेह से आया प्रतिनिधिमंडल चुनाव बहिष्कार का फ़ैसला वापस लेने को तैयार हो गया है.
पत्रकारों से बात करते हुए रिजिजू ने कहा, "आप सभी को पता है कि लद्दाख ऑटोनोमस काउंसिल के चुनाव जल्द ही होने वाले है, इसका नोटिफिकेशन पहले ही आ चुका है"
"एक मुद्दा है. आपको पता है कि एक ऐतिहासिक फ़ैसला संसद के द्वारा लिया गया था और सरकार ने लद्दाख को एक केंद्र शासित राज्य बनाया. अब सब कुछ सही चल रहा है लेकिन लद्दाख के लोगों की कुछ और मांगे हैं जो कि आंतरिक मामले जैसे भाषा की हिफ़ाज़त, आबादी, संस्कृति, नौकरियां और जम़ीन से जुड़ी हैं जिनके लिए वो संविधान के तरह प्रावधान चाहते हैं."
"मैं 10 दिन पहले लेह में था जब ये मांग सामने आई थी. कल लद्दाख के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, जो कि अच्छी रही. हम अब एक समझौते पर पहुंच गए हैं. प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया गया है कि उनकी भाषा, जनसंख्या, संस्कृति, ज़मीन और नौकरियों से जुड़े सभी मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा."
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में अक्तूबर में लद्दाख ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल (एलएएचडीसी यानी लद्दाख स्वायत्त पर्वत विकास परिषद) के चुनाव होंगे. 05 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर का विशेष संवैधानिक दर्जा समाप्त कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था. उसके बाद से ये पहले चुनाव हैं.
हालांकि लद्दाख के सभी राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक संगठन और पार्टी एक साथ आ गए हैं और चुनावों का बहिष्कार कर दिया है. ये संगठन लद्दाख के लिए संविधान में अधिक सुरक्षा चाहते हैं.

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कोरोना के भारत में 24 घंटे में 88,000 से अधिक मामले
भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 88 हज़ार 600 नए केस सामने आए हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय के दिए आंकड़ों के मुताबिक़ पिछले 24 घंटे में कोरोना से 1,124 मौतें हुई हैं.
इसी के साथ भारत में कोरोना के अब तक कुल 59 लाख 92 हज़ार 533 मामले हो चुके हैं.
वहीं इनमें से अब तक 49 लाख से ज़्यादा लोग ठीक हुए हैं.
कोरोना से भारत में मौत का आंकड़ा 94 हज़ार पार कर चुका है जबकि 9.56 लाख मरीज़ अभी भी संक्रमित हैं.
वहीं, इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च के मुताबिक़ अब तक सात करोड़ 12 लाख से ज़्यादा सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं.
पूरी दुनिया में कोरोना वायरस सबसे अधिक प्रभावित अमरीका के बाद भारत दूसरे स्थान पर है. अमरीका में कुल संक्रमण के मामले 72 लाख के पार हैं जबकि पूरी दुनिया में इससे 3.3 करोड़ लोग संक्रमित हुए हैं.
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