जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने की नीरव मोदी की खुलकर तरफ़दारी- प्रेस रिव्यू

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सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने शुक्रवार को भारत से लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के मामले में भारत सरकार की याचिका के ख़िलाफ़ गवाही दी.
इकोनॉमिक टाइम्स ने इस ख़बर को तीसरे पन्ने पर प्रमुखता से छापा है.
अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार लंदन कोर्ट में चल रही सुनवाई में जस्टिस काटजू ने कहा कि नीरव मोदी को भारत में स्वतंत्र और निष्पक्ष सुनवाई का मौक़ा नहीं मिलेगा.
उनकी गवाही को भारत सरकार की ओर से अभियोजन पक्ष ने चुनौती दी और उनसे जुड़े विवादों पर भी सवाल पूछे.
काटजू ने लंदन कोर्ट में लिखित बयान भी दाखिल किया था जिसमें उन्होंने दावा किया कि अगर नीरव मोदी को भारत वापस भेजा जाता है तो उन्हें बलि का बकरा बना दिया जाएगा.
अख़बार के अनुसार काटजू ने कहा है कि भारतीय न्यायपालिका और सीबीआई में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष राजनीतिक हस्तक्षेप है.
उन्होंने लिखा है कि 'अब तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) सिर्फ़ 15 मामलों में ही सज़ा दिलवा पाया है.'
इस बयान में पूर्व सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा है कि भारत में जांच एजेंसियां अपने राजनीतिक आकाओं के मुताबिक़ ही काम करती हैं.

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नीतीश कुमार को लिखी चिट्ठीरघुवंश प्रसाद का इशारा?
पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने राष्ट्रीय जनता दल से इस्तीफ़ा देने के बाद बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक चिट्ठी लिखी है.
फ़ेसबुक पर अपनी चिट्ठी को पोस्ट करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से तीन मांगों को पूरा करने का आग्रह किया है.
उनकी मांग है कि मनरेगा के फ़ायदों को कृषि क्षेत्र तक पहुंचाया जाए.
इसके अलावा उन्होंने नीतीश कुमार से कहा है कि 15 अगस्त को पटना में और 26 जनवरी को वैशाली में राष्ट्रध्वज फहराने का फ़ैसला करें.
उनकी तीसरी मांग है कि भगवान बुद्ध के भिक्षापात्र को अफ़ग़ानिस्तान से वैशाली लाया जाए.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़ उन्होंने अपने पत्र में जेडीयू में शामिल होने की कोई बात नहीं लिखी है लेकिन उनके इस पत्र को एक इशारे की तरह लिया जा रहा है.

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कंगना रनौत की फ्लाइट के दौरान मौजूद रिपोर्टर्स पर होगी कार्रवाई
कंगना रनौत की बुधवार को चंडीगढ़ से मुंबई की इंडिगो फ्लाइट के दौरान रिपोर्टर्स के बीच मची अफ़रा-तफ़री के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने इंडिगो से कार्रवाई करने को कहा है.
इन सभी वीडियो में देखा जा सकता है कि कंगना की फ्लाइट के दौरान कई मीडिया संस्थानों के कर्मी फ्लाइट में मौजूद हैं. वे बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए कंगना तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं.
द हिंदू अख़बार ने डीजीसीए के अधिकारी के हवाले से लिखा है, "फ्लाइट में फ़ोटोग्राफ़ी करना एयरक्राफ्ट नियमों का उल्लंघन है. हमने एयरलाइन को उचित कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं."
रिपोर्टर्स के इस बर्ताव को लेकर कई दूसरे यात्रियों को असुविधा हुई और इसे लेकर उन्होंने ट्विटर पर अपना ग़ुस्सा ज़ाहिर किया.

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'पाकिस्तान को करनी होगी आतंकवाद पर तुरंत कार्रवाई'
भारत और अमरीका ने गुरुवार को संयुक्त बयान में पाकिस्तान को चरमपंथी संगठनों के ख़िलाफ़ तत्काल कार्रवाई करने को कहा है.
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक़ भारत-अमरीका आतंकवाद निरोधी संयुक्त कार्य समूह की 17वीं बैठक और इंडिया-यूएस डेजिग्नेशन डायलॉग के तीसरे सत्र के बाद ये साझा बयान दिया है.
ये बैठक 9-10 सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के ज़रिए हुई.
दोनों देशों ने इस्लामाबाद से मुंबई हमले और पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले सहित अन्य चरमपंथी हमलों के दोषियों के ख़िलाफ़ त्वरित कानूनी कार्रवाई की भी मांग की.
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