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एमएस धोनी के संन्यास पर क्या बोले बचपन के दोस्त और कोच
- Author, रवि प्रकाश
- पदनाम, रांची से, बीबीसी हिंदी के लिए.
15 अगस्त की शाम रांची का मौसम खुशगवार था. बारिश कभी थमती, तो कभी रुकती. कहीं धुंध, तो कहीं सर्द हवाएं. लोग जश्न-ए-आजादी में रमे थे. तभी शाम 7.25 पर कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी ने अपने इंस्टाग्राम पर 4 मिनट का एक वीडियो डालकर सबको चौंका दिया.
इस वीडियो में उऩकी कई तस्वीरों के साथ पार्श्व में गाना बजा रहा था - मैं पल दो पल का शायर हूं, पल दो पल मेरी कहानी है, पल दो पल मेरी हस्ती है, पल दो पल मेरी जवानी है... धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी. यह भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत बड़ी खबर थी.
यह ऐसा झटका था, जिसके लिए रांची और इस देश के लोग तैयार नहीं थे. जैसे ही यह ख़बर टीवी चैनलों के स्क्रीन पर आई, रांची के उनके दोस्तों की आंखों में आंसू थे. उन्होंने अपने किसी साथी से यह योजना साझा नहीं की थी.
सबने एक झटके से कहा - यह धोनी का हेलिकाप्टर शाट था, जिसे कैच करना किसी के वश में नहीं.
महेंद्र सिंह धोनी के बचपन के दोस्त सीमांत लोहानी इस ख़बर से सकते में हैं लेकिन उन्हें इत्मीनान है कि धोनी जो भी निर्णय लेंगे, सही लेंगे. उन्होंने सोच समझ कर यह निर्णय लिया होगा.
सीमांत लोहानी ने बीबीसी से कहा, ''वह अपने एरा का सबसे बड़ा खिलाड़ी है. उसने परफ़ार्म करके दिखाया है. देश को हर कप लाकर दिया. भारतीय क्रिकेट के इतिहास में वह अपनी तरह का इकलौता और अलबेला खिलाड़ी है. उसे हर क्रिकेट प्रेमी सदियों तक याद रखेगा. मैं व्यक्तिगत तौर पर उसके संन्यास की खबर सुनने के लिए तैयार नहीं था लेकिन वह धोनी है. हमारा धोनी. हम उसे प्यार करते हैं. यह देश उसे प्यार करता है. वह महान है. शायद महान लोग ऐसा ही करते हैं.''
धोनी गुरुवार की दोपहर रांची से चेन्नई गए थे. समझा जा रहा है कि वे आइपीएल के अपने मैच खेलेंगे. गुरुवार को उनके जाते वक्त किसी को इसकी भनक नहीं थी कि वे चेन्नई जाकर संन्यास की घोषणा करने वाले हैं.
उनके बचपन के कोच केशव रंजन बनर्जी धोनी के इस फ़ैसले से हैरान नहीं हैं.
उन्होंने बीबीसी से कहा, ''वे चेन्नई गए हैं. उन्होंने वहां जाने के बाद अपना फिटनेस लेवल देखा होगा और यह निर्णय लिया होगा. वे बगैर सोचे-समझे कोई निर्णय नहीं लेते हैं. यह बचपन से उनकी आदत नहीं है. हमलोग उनके हर निर्णय के साथ हैं. लेकिन, याद रखिएगा वह भारतीय क्रिकेट टीम के इकलौते ऐसे कप्तान थे, जिन्होंने हर फार्मेट में भारतीय टीम को जीत विश्व विजेता बनाया.''
''यह आसान नहीं होता कि एक ही कप्तान टी-20 और 50 ओवर दोनों तरह के मैचों का चैंपियन हो. धोनी ने ऐसा किया. हर ट्राफी जीती. देश का नाम ऊंचा किया. मेरी शुभकामनाएं उनके साथ हैं. उन्होंने नए खिलाड़ियों के लिए जगह बनायी है. यह निर्णय आसान नहीं होता. मेरा धोनी चैंपियन था, है और रहेगा.''
केशव रंजन बनर्जी धोनी के संन्यास की घोषणा वाले पोस्ट की आख़िरी पंक्तियां दुहराते हैं.
धोनी के वीडियो की वे पंक्तियां हैं - कल नई कोंपले फूटेंगी. कल नए फूल मुस्काएंगे और नई घास के नए फर्श पर नए पांव इठलाएंगे. वे मेरे बीच नहीं आए, वे मेरे बीच नहीं आए. मैं उनके बीच में क्यों आऊं. मैं उनके बीच मे क्यों आऊं. उनकी सुबहों और शामों का मैं एक भी लम्हा क्यों पाऊं. मैं पल दो पल का राही हूं.
इस बीच रांची में लोग रो रहे हैं. उनके फार्म हाउस के बाहर लोगों की भीड़ जमने लगी है.
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