सुशांत सिंह राजपूत केस: मुंबई पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल किया अपना जवाब

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सुशांत सिंह राजपूत मामले में मुंबई पुलिस ने आज सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाख़िल कर दिया है.
मुंबई पुलिस ने कहा है कि सीबीआई को बिहार सरकार की सिफ़ारिश पर सुशांत सिंह मामले में एफ़आईआर दर्ज नहीं करनी चाहिए थी.
सुप्रीम कोर्ट के सामने दाख़िल किये गए अपने जवाब में महाराष्ट्र पुलिस ने कहा है "इस मामले में मौजूदा तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए, एफ़आईआर को ज़ीरो एफ़आईआर के तौर पर बांद्रा पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित किया जाना चाहिए."
सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र पुलिस की ओर से दायर इस जवाब में आगे कहा गया है कि अब तक इस मामले में मुंबई पुलिस की तरफ से निष्पक्ष, उचित और पेशेवर तरीके से जांच की गई है और आगे भी की जाएगी.
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मुंबई पुलिस ने बताया, "अब तक इस मामले में मुंबई पुलिस ने 56 लोगों के बयान दर्ज किये हैं और हर एंगल से मौत के संभावित कारणों और परिस्थितियों की जांच कर रही है."
सुप्रीम कोर्ट ने पांच अगस्त को क्या कहा था?
इसी महीने की पांच तारीख़ को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जाँच सीबीआई से कराने की बिहार सरकार की सिफ़ारिश मान ली है.
इसके बाद मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस रॉय ने कहा, "एक प्रतिभाशाली अभिनेता की दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थिति में मौत हो गई. कोर्ट इस मामले में महाराष्ट्र सरकार का पक्ष जानना चाहती है."

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जस्टिस रॉय ने महाराष्ट्र पुलिस से हलफ़नामा दायर कर ये बताने को कहा है कि उन्होंने जाँच में प्रोफ़ेशनल तरीक़े से काम किया है.
जस्टिस रॉय ने कहा कि "ये सबके हित में है कि इस मामले में सच सामने आए."
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के पुलिस अधिकारी को क्वारंटीन करने के लिए मुंबई पुलिस की आलोचना की और कहा कि ये सही संदेश नहीं देता है.
रिया चक्रवर्ती के वकील श्याम दीवान ने कहा कि वे चाहते हैं कि बिहार में कराई गई एफ़आईआर मुंबई ट्रांसफ़र हो.
लेकिन सुशांत सिंह राजपूत के पिता के वकील विकास सिंह ने ये कहते हुए इसका विरोध किया कि मामले की जाँच में महाराष्ट्र पुलिस, बिहार पुलिस को सहयोग नहीं दे रही है.
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि "इस मामले में एक पार्टी मुंबई पुलिस से जाँच चाहती है और दूसरी पार्टी बिहार पुलिस से. केंद्र सिर्फ़ इस मामले की जाँच चाहता है ताकि कोई सबूत नष्ट न हो."
जस्टिस रॉय ने कहा कि सभी पक्षों को सुनने के बाद वे ये निर्देश दे रहे हैं कि तीन दिन के अंदर सभी पक्ष अपना जवाब दें. जिसके तहत आज मुंबई पुलिस ने अपना जवाब दिया है.
कोर्ट ने पांच अगस्त से एक सप्ताह बाद फिर इस मामले की सुनवाई की तारीख़ तय की.
मुंबई पुलिस और बिहार पुलिस में तकरार
सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जाँच को लेकर मुंबई पुलिस और बिहार पुलिस में जम कर तकरार चल रही है. दोनों एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं.
बिहार पुलिस जब इस मामले की जाँच के लिए मुंबई पहुँचीं, तो इसे लेकर एक नया विवाद शुरू हो गया. इस मामले की जाँच के लिए मुंबई पहुँचे बिहार पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी विनय तिवारी को क्वारंटीन कर दिया गया था. इस पर बिहार पुलिस के महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडे ने कड़ी आपत्ति जताई थी.
सुशांत सिंह राजपूत के परिजनों ने मुंबई पुलिस पर आरोप लगाए हैं कि वो इस मामले की ठीक से जाँच नहीं कर रही है. सुशांत सिंह के पिता ने ये भी आरोप लगाया था कि उन्होंने फरवरी में भी मुंबई पुलिस को ये सूचना दी थी कि सुशांत की जान को ख़तरा है.
लेकिन मुंबई पुलिस ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर ये कहा कि सुशांत के बहनोई ने मुंबई पुलिस के अधिकारी को वॉट्सऐप पर जानकारी दी थी. लेकिन उन्होंने इस बारे में लिखित शिकायत नहीं की और कहा कि वे अनौपचारिक रूप से ऐसा कह रहे हैं. लेकिन मुंबई पुलिस ने ये स्पष्ट कर दिया था कि बिना लिखित शिकायत के जाँच नहीं हो सकती.
पिछले दिनों रिया चक्रवर्ती ने ट्वीट कर गृह मंत्री अमित शाह से सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जाँच सीबीआई से कराने की मांग की थी.
उन्होंने लिखा था- "सर, मैं सुशांत सिंह राजपूत की गर्लफ़्रेंड हूं. सुशांत की मौत को एक महीना गुज़र चुका है. मुझे सरकार पर पूरा भरोसा है. मैं चाहती हूं कि इस मामले में इंसाफ़ सुनिश्चित हो, इसलिए इसकी जांच सीबीआई से कराई जाए. मैं बस ये जानना चाहती हूं कि सुशांत ने किस दबाव में इतना बड़ा क़दम उठाया."
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