कोझिकोड विमान हादसा: अस्पताल के बाहर अपनों की तलाश में परिजन- ग्राउंड रिपोर्ट

कोझिकोड विमान हादसा: अस्पताल के बाहर कहीं खुशी, कहीं गम
    • Author, मुहम्मद साबिथ
    • पदनाम, स्थानीय पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

कोझिकोड के अस्पतालों के बाहर लोगों की भावनाएं उफान पर हैं. कुछ अपनों के बच जाने से ख़ुश हैं तो कुछ अपनों के जाने के ग़म में डूबे हैं.

कोझिकोड विमान हादसे में घायल लोगों को एमआईएमएस अस्पताल और बेबी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया है.

मामूली रूप से घायल लोगों के परिजन ये जानकर ख़ुश हैं कि उनके अपनों की जान बच गई है. वहीं कुछ लोग अस्पताल के बाहर हादसे में मारे गए अपने रिश्तेदारों के शव मिलने का इंतज़ार कर रहे हैं. कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें अपने रिश्तेदारों की सेहत के बारे में बहुत जानकारी नहीं मिल पाई है.

अस्पताल के बाहर वो लोग भी दिख रहे हैं जो हादसे की ख़बर मिलने के बाद रक्तदान करने पहुंचे हैं.

ज़िला प्रशासन के मुताबिक़ इस समय एमआईएमएस अस्पताल में 35 लोगों का इलाज चल रहा है जबकि बेबी मेमोरियल अस्पताल में 25 घायल भर्ती हैं. अभी तक एमआईएमएस अस्पताल आए चार लोगों और बीएमएच अस्पताल आए दो लोगों को मृत घोषित किया गया है.

अस्पताल, कोझिकोड विमान हादसा

डिप्टी कलेक्टर और एमआईएमएस अस्पताल में घायलों की देखरेख कर रही हिमा ने बीबीसी हिंदी से कहा, 'एमआईएमएस में 39 घायलों को लाया गया था जिनमें से चार को मृत घोषित किया गया है.'

हिमा के मुताबिक़ चार और घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है. उन्होंने ये भी बताया कि अस्पताल में भर्ती सभी अन्य घायलों का कोविड टेस्ट नेगेटिव है.

ज़िला प्रशासन के शीर्ष अधिकारी अब्दुल रहमान ने बीबीसी को बताया कि बेबी मेमोरियल अस्पताल में 28 घायलों को लाया गया था जिनमें से दो को मृत घोषित किया गया है. एक घायल को डिस्चार्ज किया गया है.

उन्होंने बीबीसी से कहा, 'अस्पताल में अभी भर्ती 25 लोगों में से सिर्फ़ एक की हालत गंभीर है.' क

सुधीर वारियाथ
इमेज कैप्शन, सुधीर वारियाथ

दुबई में कोविड रिपोर्ट नेगेटिव, मौत के बाद पॉज़िटिव

मल्लापुरम ज़िले के रहने वाले करुणाकरन वारियाथ अस्पताल के बाहर अपने परिजनों के साथ इंतज़ार कर रहे हैं. उनके भतीजे सुधीर वारियाथ हादसे का शिकार हुए हैं. बीती रात अस्पताल में उनकी मौत हो गई.

सुधीर के परिजनों ने बीबीसी को बताया कि हादसे के बाद उनकी कोविड रिपोर्ट पॉज़ीटिव आई थी. वो अधिकारियों से उनके अंतिम संस्कार के बारे में जानकारी मिलने का इंतज़ार कर रहे हैं. परिजनों का ये भी कहना है कि सुधीर के यात्रा शुरू करने से पहले दुबई में कोविड रिपोर्ट नेगेटिव आई थी.

46 साल के सुधीर दुबई की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में अकाउंट मैनेजर के पद पर काम कर रहे थे. हाल ही में कोरोना महामारी की वजह से उनकी नौकरी चली गई थी.

कोझिकोड विमान हादसा

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उनके चाचा करुणाकरण कहते हैं, 'वो एक अच्छे आदमी थे, अब उनके पीछे परिवार में मां, पत्नी और दो बच्चे हैं जिनकी उम्र पांच साल और दस साल है.'

उन्होंने खाड़ी के अलग-अलग देशों में दो दशकों तक काम किया. दुबई में क़रीब पंद्रह साल काम किया.

एमआईएमएस अस्पताल में भर्ती घायल लोगों में दंपती खदीजा नसरीन और इरफ़ान भी शामिल हैं. अस्पताल के बाहर इंतज़ार कर रहे उनके परिजनों को अभी उनकी हालत के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. उन्हें नहीं पता की उनकी चोटें कितनी गंभीर हैं.

खदीजा और इरफ़ान मल्लापुरम के पोन्नानी के रहने वाले हैं.

नसरीन के रिश्ते के भाई सिराज ने बीबीसी को बताया कि वो कोविड महामारी शुरू होने से कुछ दिन पहले ही दुबई गईं थीं. इरफ़ान तीन सालों से दुबई में काम कर रहे हैं.

सिराज कहते हैं कि परिवार अस्पताल से उनकी सेहत के बारे में जानकारी मिलने का इंतज़ार कर रहा है. अस्पताल ने कुछ रिश्तेदारों को अंदर आने की अनुमति दी है लेकिन ये रिपोर्ट लिखे जाने तक वो अस्पताल से बाहर नहीं आए थे.

कोझिकोड विमान हादसा

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स्वयंसेवक

अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और पीड़ितों के परिजनों के अलावा अस्पताल के बाहर कई स्वयंसेवक भी हैं जो रक्तदान करने आए हैं.

केशवन नंबूथीरी (56) गणित शिक्षक हैं और वो हाल ही में सरकारी स्कूल से रिटायर हुए हैं. उन्हें पता चला था कि अस्पताल के बाहर रक्तदान करने वालों की ज़रूरत है. ये पता चलते ही वो तुरंत अस्पताल की ओर निकल पड़े थे.

वो अपनी बेटी तीर्था राज (19) और बेटे अक्षय राज (25) के साथ एमआईएमएस अस्पताल पहुंचे.

तीर्था और अक्षय ने शनिवार को अस्पताल में रक्तदान किया है.

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एयरपोर्ट प्रशासन पर आरोप

कुछ जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि विमान हादसे के लिए कुछ हद तक एयरपोर्ट प्रशासन भी ज़िम्मेदार है.

कोझिकोड से सांसद के मुरलीधरन का कहना है कि एयरपोर्ट प्रशासन, जिसमें एयरपोर्ट के निदेशक भी शामिल हैं, ने एयरपोर्ट के हालात सुधारने पर ध्यान नहीं दिया है.

मुरलीधरन आरोप लगाते हैं, एयरपोर्ट प्रशासन स्थानीय सांसदों के साथ भी सहयोग नहीं कर रहे हैं. मुरलीधरन भारतीय संसद की सिविल एविएशन कंसलटेटिव समिति के सदस्य भी हैं. वो कहते हैं, 'जब मैंने व्यक्तिगत तौर पर निदेशक से मुलाक़ात की थी तब भी वो एयरपोर्ट से जुड़ी समस्याओं पर बात करने के लिए तैयार नहीं थे.'

बीबीसी हिंदी ने एयरपोर्ट अधिकारियों को कई कॉल किए लेकिन कोई जवाब नहीं मिल सका.

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