अयोध्या: राम मंदिर कितना बड़ा, कितने दिनों में और कैसे बनेगा? - प्रेस रिव्यू

अयोध्या

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत बीजेपी के कई नेता आगामी पांच अगस्त को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में पहुंचकर राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे.

अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण दूरदर्शन पर किया जाएगा. इस कार्यक्रम में लगभग 200 लोगों को शामिल किया जाएगा.

राम मंदिर की इमारत को बनाने का काम अहमदाबाद के एक आर्किटेक्ट चंद्रकांत सोमपुरा को दिया गया है. चंद्रकांत सोमपुरा के बाबा प्रभाशंकर सोमपुरा ने ही प्रभास पाटन में सोमनाथ मंदिर का निर्माण किया था.

अब चंद्रकांत सोमपुरा और उनके बेटे अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में लगे हुए हैं.

चंद्रकांत सोपुरा के मुताबिक़, इस मंदिर में तीन गुंबद होंगे और मंदिर की ऊंचाई 161 फ़ीट होगी.

राम मंदिर

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पौराणिक पात्रों सीता, लक्ष्मण, गणेश और हनुमान के लिए अलग अलग मंदिर बनाए जाएंगे. इस मंदिर के निर्माण में 6 लाख क्युबिक फ़ीट पत्थर लगेगा.

अगर इस मंदिर के निर्माण में लगने वाले समय की बात की जाए तो सोमपुरा के मुताबिक़, ये मंदिर आगामी तीन से चार सालों में बनकर तैयार हो जाएगा.

इसके साथ ही इस इमारत में 366 खंबे होंगे और सीड़ियों की चौड़ाई 16 फ़ीट होगी.

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स्कूल-मेट्रो खुलने की संभावनाएं कम

मेट्रो

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केंद्र सरकार की ओर से आने वाले दिनों में स्कूल और मेट्रो ट्रेन को खोले जाने की संभावनाएं बेहद कम हैं.

अंग्रेज़ी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा है कि मेट्रो रेल सेवाओं के साथ-साथ जिम और स्विमिंग पूल आदि को भी आने वाले समय में बंद रखा जा सकता है.

68 दिन लंबे चले पूर्ण लॉकडाउन के ख़त्म होने के बाद केंद्र सरकार ने अनलॉक-1 और अनलॉक-2 के तहत जून और जुलाई में धीरे-धीरे प्रतिबंधों को हटाना शुरू किया था ताकि आर्थिक गतिविधियों को एक बार फिर शुरू किया जा सके.

इसके तहत कंटेनमेंट ज़ोन के बाहर ज़्यादातर गतिविधियों पर प्रतिबंध हटा लिए गए हैं.

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'जम्मू-कश्मीर में 4G इंटरनेट से कुछ समस्या नहीं आएगी'

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल ने गृह मंत्रालय से कहा है कि केंद्र-शासित प्रदेश के प्रशासन को 4G इंटरनेट सेवाएं बहाल करने से किसी तरह की दिक़्क़त नहीं है.

अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने इस ख़बर को प्रमुखता से छापा है.

कश्मीर

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अख़बार से बात करते हुए जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल जी सी मुर्मू ने कहा है, "हमने इसे लेकर प्रतिनिधित्व किया है...मुझे लगता है कि 4G से किसी तरह की दिक़्कत नहीं होगी. मुझे इस बात का डर नहीं है कि लोग इसका कैसे इस्तेमाल करेंगे. पाकिस्तान अपना प्रोपोगेंडा करेगा चाहें 2G हो 4G. ये हमेशा होता रहेगा. मुझे इसमें कोई दिक़्कत नज़र नहीं आती है."

जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट को लेकर प्रशासन के रुख़ में ये एक बड़ा बदलाव है क्योंकि दो महीने पहले तक प्रशासन इसके पक्ष में नहीं था.

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'कर्नाटक और केरल में हैं कई इस्लामिक स्टेट एजेंट'

संयुक्त राष्ट्र ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि भारतीय उप-महाद्वीप में इस्लामिक स्टेट और अल-क़ायदा के 150 से 200 सदस्य मौजूद हैं.

अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक़, भारत के कर्नाटक और केरल में काफ़ी ज़्यादा सदस्य मौजूद हैं.

इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि एक्यूआईएस (अल-क़ायदा इंडियन सब-कॉन्टिंनेट) संगठन कथित रूप से इस क्षेत्र में हमला करने की योजना भी बना रहा है.

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