कोरोना वायरस: तीन दिन के बच्चे और मां को हुआ संक्रमण

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    • Author, कमलेश
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

एक पिता को अपने घर में नन्हीं किलकारियों के गूंजने का इंतज़ार था. ये किलकारियां गूंजी भी लेकिन अपने पीछे डर का सन्नाटा ले आईं.

मुंबई के चैंबूर के रहने वाले विक्की सिंह की पत्नी ने 26 मार्च को एक बेटे को जन्म दिया. लेकिन दंपती को कुछ देर बाद ही उन्हें पता चला उनका बच्चा कोरोना वायरस से संक्रमित हैं.

उन्होंने अपने बच्चे और पत्नी को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव कोशिश की थी लेकिन संक्रमण तो जैसा उनका पीछा कर रहा था.

विक्की सिंह का आरोप है कि उनकी पत्नी मुंबई के साई अस्पताल में भर्ती थीं जहां वो लापरवाही के कारण कोरोना वायरस से संक्रमित हो गईं. उनके बच्चे को भी ये संक्रमण हो गया.

उन्हें एक कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज का बेड दे दिया गया जिसे ठीक से साफ़ नहीं किया गया था.लेकिन अस्पताल प्रशासन ने विक्की सिंह को बताया कि अस्पताल का कमरा पूरी तरह से साफ किया गया था और पूरी सावधानी बरती गई थी.

बीबीसी ने अस्पताल प्रशासन से बात करने की कोशिश की लेकिन संपर्क नहीं हो पाया क्योंकि अस्पताल बंद कर दिया गया है.

बच्चे के पिता विक्की सिंह

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संक्रमण से बचने के लिए बुक कराए दो बेड

एक रेस्टोरेंट में मैनेजर विक्की सिंह की पत्नी गर्भवती थीं. उसी दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए 21 दिन का लॉकडाउन कर दिया गया.

उनकी पत्नी की डिलीवरी का समय नज़दीक आ रहा था इसलिए उन्होंने पहले ही साई अस्पताल में दो बेड वाला पूरा कमरा बुक करा दिया.

विक्की सिंह बताते हैं, “मैं 26 मार्च सुबह साई हॉस्पिटल गया. 11 बजे मेरी पत्नी को ऑपरेशन थियेटर में ले गए. मैंने जानबूझकर अपनी पत्नी का सीज़ेरियन कराया ताकि अचानक डिलीवरी के लिए हमें हॉस्पिटल और डॉक्टर की दिक्कत ना हो. साथ ही हम जल्दी घर जा सकें और बच्चा सुरक्षित रहे. बच्चे और पत्नी की सुरक्षा के लिए ही मैंने ट्विन रूम में दोनों बेड बुक कराए थे.”

“12 बजे मेरी पत्नी को ऑपरेशन थियेटर से बाहर लाए. वॉर्ड में शिफ्ट होने के करीब दो घंटे के बाद बताया गया कि मेरी पत्नी और बच्चे को दूसरे कमरे में शिफ्ट करना होगा. मैंने मना किया कि पत्नी का अभी ऑपरेशन हुआ है तो उसे दर्द है. फिर मुझे रिसेप्शन पर बताया गया कि कमरा इसलिए बदल रहे हैं क्योंकि उसका लॉक टूटा हुआ है. लेकिन, तब भी मैंने कमरा बदलने से मना कर दिया.”

विक्की सिंह बताते हैं कि कुछ देर बाद डॉक्टर आए तो उन्होंने बताया कि बीएमसी का नोटिस आया है इसलिए आपको कमरा बदलना पड़ेगा. विक्की सिंह को लगता है कि उस वक़्त अस्पताल ने झूठ बोला था क्योंकि पता चल गया था कि उनकी पत्नी और बच्चे को संक्रमण हो सकता है. इसके बाद उन्हें सिंगल बेड वाला रूम दे दिया.

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कोरोना संक्रमित मरीज़ का बेड

इसके बाद 27 मार्च को विक्की सिंह को अस्पताल की तरफ से खुद बताया गया कि जिस कमरे में उनकी पत्नी को रखा गया था वहां पहले एक कोविड19 मरीज़ एडमिट था. इससे विक्की बुरी तरह डर गए. इसके बाद उन्होंने अपना, पत्नी और बच्चे का कोविड19 टेस्ट कराया.

विक्की सिंह ने बताया, “डॉक्टर ने मुझे सलाह दी कि अभी कोई लक्षण नहीं हैं तो टेस्ट कराना ज़रूरी नहीं. बाद में लगेगा तो करा लेना. साथ ही कहा कि स्टाफ डरा हुआ है. फिलहाल आपके पास कोई नहीं आएगा. इसलिए आपको कमरे से बाहर नहीं निकलना है.”

“इस सबके कारण मैं बहुत परेशान हो गया. मैंने रिसेप्शन पर जाकर कहा कि आप हमारे साथ ऐसा कैसे कर सकते हैं. तभी मैंने देखा कि वहां पर कोरोना वायरस के लिए टेस्ट किया जा रहा है. मैंने हमारा भी टेस्ट कराने के लिए कहा. मैंने 13,500 हज़ार में तीनों का टेस्ट कराया. 28 मार्च को हमारे सैंपल लिए गए.”

कोरोना वायरस
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जब आई टेस्ट की रिपोर्ट

इसके बाद 30 तारीख को डॉक्टर ने विक्की सिंह को डिस्चार्ज लेने के लिए कहा क्योंकि अस्पताल बंद हो रहा था. लेकिन, विक्की के घर में एक 70 साल की दादी हैं, उन्हें कोरोना वायरस के ख़तरे को देखते हुए वो डिस्चार्ज नहीं लेना चाहते थे.

विक्की कहते हैं, “आखिरकार हमें अस्पताल से जाना पड़ा. घर जाकर तीनों की टेस्ट की रिपोर्ट भी आ गई और पता चला कि में नेगेटिव हूं लेकिन मेरी पत्नी और बच्चा कोविड19 पॉजिटिव पाए गए.”

“मेरे तो पैरों तले ज़मीन खिसक गई और मैंने फिर साई हॉस्पिटल के डॉक्टर को फोन मिलाया. उन्होंने मुझे भाभा हॉस्पिटल जाने के लिए कहा. लेकिन, हैरानी की बात थी की साई अस्पताल से आई एंबुलेंस के लिए भी मुझे पैसे मांगे गए जबकि पहले ही हमें इतना परेशान किया जा चुका था.”

भाभा अस्पताल से विक्की सिंह की पत्नी और बच्चे को कस्तूरबा अस्पताल भेजा गया. जहां तीनों को क्वरेंटाइन में रखा गया है.

विक्की सिंह ने बताया कि फिलहाल उनकी पत्नी और बच्चे की तबीयत ठीक है और अच्छा इलाज़ चल रहा है. अभी पहली टेस्ट रिपोर्ट आई है. आगे दो और रिपोर्ट आनी बाकी हैं.

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साई अस्पताल हुआ सील

न्यूज़ एजेंसी एएनाई के मुताबिक साई अस्पताल में कोविड19 का एक और मामला सामने आने के कारण अस्पताल को पूरी तरह सील कर दिया गया. बीबीस ने भी अस्पताल प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन कोई बात नहीं हो पाई.

इस पूरे मामले को लेकर विक्की सिंह का कहना हैं, “मैंने अपनी पत्नी की डिलीवरी में पूरी सावधानी बरती थी. हम घर के अंदर ही रहते थे. हमने पूरी प्लानिंग के साथ डिलीवरी कराई. मेरी पत्नी का नाम पहले कामा हॉस्पिटल, मुंबई में था. वहां पर एक बेड पर तीन मरीज बदले लेकिन चादर नहीं बदली गई, तो मुझे अपनी पत्नी को वहां रखना ठीक नहीं लगा. इसलिए मैं साई हॉस्पिटल आया. लेकिन, तब भी हमारे साथ ऐसा हो गया.”

साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से अपील है कि उनके बच्चे पर ख़ास तौर पर ध्यान दिया जाए क्योंकि वो बहुत छोटा है.

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