मध्य प्रदेशः कांग्रेस सरकार अपना ही बोझ नहीं संभाल पा रही हैः शिवराज सिंह चौहान

शिवराज सिंह चौहान

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मध्य प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोपों का नया दौर शुरू हो गया है.

प्रदेश की कमलनाथ सरकार के संकट में आने की ख़बरों के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा, "कांग्रेस सरकार अपना ही बोझ नहीं संभाल पा रही है और खुद के बोझ से ही उसकी सरकार चरमराकर गिर पड़े तो उसमें हम क्या कर सकते हैं? यह तो उनके घर का मामला है."

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राज्य सरकार के मंत्री जीतू पटवारी ने बुधवार को ये आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश के बीजेपी नेता आठ विधायकों को लेकर हरियाणा चले गए हैं और ये कमल नाथ सरकार को गिराने की साज़िश है.

इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शिवराज सिंह चौहान पर आरोप लगाते हुए पूछा, "भाजपा ने मध्य प्रदेश के कांग्रेस बसपा समाजवादी विधायकों को दिल्ली लाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है. बसपा की विधायक श्रीमती राम बाई को क्या भाजपा के पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह जी कल चार्टर फ़्लाइट में भोपाल से दिल्ली नहीं लाए? शिवराज जी कुछ कहना चाहेंगे?"

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हालांकि बीजेपी ने दिग्विजय सिंह के आरोपों से इनकार किया है.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "दिग्विजय सिंह जी के पास अब कोई काम रह नहीं गया है, इसलिए चर्चा में बने रहने के लिए कुछ न कुछ बयान देते रहते हैं. उनके बयानों पर टिप्पणी करना निरर्थक है. पूरा मध्यप्रदेश त्राहि-त्राहि कर रहा है. किसान, गरीब, माताएं-बहनें और उनके अपने विधायक तक कांग्रेस से परेशान हैं. कांग्रेस से अपना ही घर नहीं संभल रहा है, तो उसके लिए दूसरे कैसे दोषी हो सकते हैं?"

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इस मध्य प्रदेश में विधायकों की खरीदफरोख्त की ख़बरें भी आनी शुरू हो गई है. स्थानीय पत्रकार शुरैह नियाज़ी के मुताबिक़ उज्जैन के तराना से विधायक महेश परमार ने दावा किया है कि उन्हें एक बड़ी रकम का ऑफ़र दिया गया है.

कमलनाथ

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कमलनाथ सरकार संकट में

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार संकट में दिख रही है. कांग्रेस का कहना है कि आठ विधायकों को बीजेपी ने जबर्दस्ती गुड़गाँव के एक होटल में रखा है.

इन आठ विधायकों में चार कांग्रेस के हैं. इसमें सपा-बसपा के एक-एक विधायक हैं, इसमें अलावा दो निर्दलीय विधायक हैं. इन विधायकों का समर्थन भी कमलाथ सरकार को मिला हुआ है.

मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री तरुण भनोट ने टीवी चैनलों से बातचीत में दावा किया है कि उनके चार विधायकों में से एक विधायक और पूर्व मंत्री बिसाहुलाल सिंह ने फ़ोन कर बताया है कि उन्हें गुड़गाँव के आईटीसी मराठा होटल में जबर्दस्ती रखा गया है और बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है.

तरुण भनोट ने कहा कि मध्य प्रदेश कांग्रेस सरकार के दो मंत्री जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह उस होटल के पास हैं लेकिन उन्हें अंदर आने नहीं दिया गया.

भनोट ने कहा है, "हरियाणा में बीजेपी की सरकार है और उसने होटल में पुलिस की तैनाती कर दी है. यहां बीजेपी के पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा हैं और वो हमारे दोनों मंत्रियों को होटल के भीतर नहीं आने दे रहे हैं."

दिग्विजय सिंह

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दिग्विजय सिंह के आरोप

इन विधायकों के गुड़गाँव आने पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया था कि बीजेपी उनके विधायकों को रिश्वत के ज़रिए ख़रीदने की कोशिश कर रही है.

दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा ने उनके विधायकों 25 से 35 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव रखा है.

पिछले साल मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी नेता गोपाल भार्गव ने कमलनाथ सरकार पर विधानसभा में हमला बोलते हुए कहा था कि अगर उनकी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से एक इशारा किया गया तो यहां कांग्रेस की सरकार 24 घंटे नहीं टिक सकती है.

पिछले साल 24 जुलाई को गोपाल भार्गव ने विधानसभा में कहा था, ''हमारे ऊपर वाले नंबर एक या दो का आदेश हुआ तो 24 घंटे भी आपकी सरकार नहीं चलेगी.''

गोपाल भार्गव के इस दावे के बाद विधानसभा में क्रिमिनल लॉ पर मतदान हुआ था और इसमें कमलनाथ सरकार के पक्ष में 122 विधायकों ने वोट किया था. यह 231 विधायकों वाली विधानसभा में साधारण बहुमत से सात ज़्यादा विधायकों का समर्थन था. यहां तक कि दो बीजेपी विधायकों ने भी सरकार का समर्थन किया था. अभी राज्य विधानसभा में कुल 228 विधायक हैं. दो सीट संबंधित विधायकों के निधन से ख़ाली है.

कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं और बीजेपी के पास 107. बाक़ी नौ विधायकों में दो बीएसपी, एक समाजवादी पार्टी और चार निर्दलीय हैं.

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