कश्मीर: शाह फ़ैसल पर लगा PSA, कई बड़े नेता पहले से हिरासत में

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पूर्व आईएएस और जम्मू कश्मीर पीपल्स मूवमेंट (JKPM) पार्टी के प्रमुख शाह फ़ैसल के ख़िलाफ़ पब्लिक सेफ़्टी एक्ट (PSA) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

पीएसए के तहत मामला दर्ज होने पर किसी भी शख़्स को पुलिस बिना किसी अदालती कार्रवाई के तीन महीने तक हिरासत में रख सकती है और इस अवधि को कई बार बढ़ाया जा सकता है.

जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने बीती पांच फरवरी को पब्लिक सेफ़्टी एक्ट के तहत पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया था.

दोनों पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती बीते साल 5 अगस्त से ही हिरासत में थे, जब से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू और कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किया और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया.

राज्य का विशेष दर्जा ख़त्म किए जाने के एक हफ़्ते बाद 14 अगस्त 2019 को शाह फ़ैसल को हिरासत में लिया गया था.

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जम्मू और कश्मीर प्रशासन को नोटिस भेजकर उमर अब्दुल्ला की हिरासत को लेकर जवाब मांगा है.

सुप्रीम कोर्ट नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला की बहन की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर पब्लिक सेफ्टी एक्ट 1978 के तहत उमर अब्दुल्ला को हिरासत में रखे जाने को चुनौती दी है.

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बीते साल दिया था नौकरी से इस्तीफ़ा

जम्मू-कश्मीर से साल 2009 में सिविल सेवा परीक्षा टॉप करने वाले शाह फ़ैसल ने कश्मीर में हिंसा के कारण हो रही हत्याओं के विरोध में बीते साल जनवरी में अपने पद से इस्तीफ़ा देने का ऐलान किया.

अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए ये जानकारी साझा करते हुए उन्होंने लिखा, ''कश्मीर में बेरोक हत्याओं और केंद्र सरकार से किसी भी विश्वसनीय राजनीतिक पहल के अभाव में, मैंनेआईएएस पद से इस्तीफ़ा देने का फैसला किया है. कश्मीरियों की ज़िंदगी मायने रखती है.''

लोकसभा चुनाव से पहले मार्च महीने में शाह फ़ैसल ने जम्मू कश्मीर पीपल्स मूवमेंट (JKPM) पार्टी का गठन किया.

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