आंदोलनों की लहर लोकतंत्र की जड़ों को मज़बूत बनाएगी: प्रणब मुखर्जी - पांच बड़ी ख़बरें

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विभिन्न मुद्दों पर देश में हुए आंदोलन पर बोलते हुए कहा है कि सहमति और असहमति लोकतंत्र के मूल तत्व हैं और शांतिपूर्ण आंदोलनों की मौजूदा लहर लोकतंत्र को मज़बूत बनाएगी.

प्रणब मुखर्जी निर्वाचन आयोग की तरफ़ से आयोजित पहले सुकुमार सेन स्मृति व्याख्यान को संबोधित करते हुए बोल रहे थे.

उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की बार-बार परीक्षा हुई है. कुछ महीनों में अलग-अलग मुद्दों पर लोग सड़कों पर उतरे. ख़ासकर युवाओं ने इन ज़रूरी मुद्दों पर अपनी आवाज़ मुखर की. संविधान में उनकी आस्था दिल छू लेने वाली है.

पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि उनका मानना है कि देश मे शांतिपूर्ण आंदोलनों की मौजूदा लहर एक बार फिर हमारे लोकतंत्र की जड़ों को गहरा और मज़बूत बनाएगी.

हाल में देश में नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे. हालांकि, पूर्व राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में सीएए का ज़िक्र नहीं किया.

सीएए के समर्थन में राज ठाकरे

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने नागरिकता संशोधन क़ानून का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि वो हमेशा कहते रहे हैं कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के घुसपैठियों को बाहर फेंक देना चाहिए.

बाला साहेब की जयंती पर नए झंडे को लॉन्च करते हुए उन्होंने ये बाते कहीं.

साथ ही कहा कि जिन दलों ने सीएए के ख़िलाफ़ मोर्चा खोला है उनके ख़िलाफ़ मनसे मोर्चा खोलेगी. जो लोग बाहर से अवैध ढंग से आए हैं उन्हें शरण क्यों दी जानी चाहिए.

राज ठाकरे ने कहा कि वह अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र के गृह मंत्री या मुख्यमंत्री से मुलाक़ात करेंगे और उनके समक्ष कुछ मुद्दे उठाएंगे.

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने अपने पांच रंगों वाले झंडे को बदलकर भगवा रंग का कर दिया है जिस पर छत्रपति शिवाजी की शाही मुद्रा बनी हुई है.

मौत की सज़ा पर सुप्रीम कोर्ट

सात लोगों की हत्या के मामले में पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मौत की सज़ा का निश्चित होना बहुत ज़रूरी है. सज़ा पाने वाले दोषी को ये नहीं लगना चाहिए कि अभी रास्ते खुले हुए हैं और वो कभी भी सज़ा को चुनौती दे सकता है.

हत्या के इस मामले में दो लोगों को मौत की सज़ा सुनाई गई थी. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी.

मुख्य न्यायाधीश एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली बेंच कहा कि कोई भी हर चीज़ के लिए अंतहीन लड़ाई नहीं लड़ सकता.

इस बेंच में न्यायाधीश एसए नज़ीर और संजीव खन्ना भी शामिल थे. कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने ये बात उस दौरान कही है जब निर्भया मामले में दोषियों को होने वाली फांसी में देरी का मसला भी उठ रहा है. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से ऐसे मामलों में अपील की अवधि और अपील ख़ारिज होने पर फांसी देने की अवधि निर्धारित करने का अनुरोध किया है.

कपिल मिश्रा का विवादित बयान

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजियों का दौर शुरू हो गया है. इसी कड़ी में बीजेपी के उम्मीदवार कपिल मिश्रा ने एक विवादित बयान दिया है.

दिल्ली में मॉडल टाउन से उम्मीदवार कपिल मिश्रा ने एक ट्वीट किया है, "आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने शाहीन बाग़ जैसे मिनी पाकिस्तान खड़े किए हैं. उनके जवाब में आठ फ़रवरी को हिंदुस्तान खड़ा होगा. जब-जब देशद्रोही भारत में पाकिस्तान खड़ा करेंगे तब-तब देशभक्तों का हिंदुस्तान खड़ा होगा."

इससे पहले आम आदमी पार्टी ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की कि कपिल मिश्रा के नामांकन पत्र को रिटर्निंग अधिकारी की ओर से ग़लत तरीक़े से स्वीकार किया गया है.

पार्टी ने निर्वाचन अधिकारी से कपिल मिश्रा की उम्मीदवारी रद्द करने का अनुरोध किया था.

गर्भवती महिलाओं के वीज़ा को लेकर अमरीका के नए नियम

अमरीकी सरकार देश में प्रसव के लिए यात्रा करने वाली गर्भवती महिलाओं को रोकने के लिए एक नया नियम ला रही है.

दुनिया भर के अमरीकी दूतावासों में अधिकारियों से कहा गया है कि अगर अगर उन्हें संदेह है कि किसी गर्भवती महिला की यात्रा का मुख्य कारण अमरीकी धरती पर बच्चा पैदा करना है तो उसे वीज़ा देने से इंकार कर दें.

वर्तमान नियमों के तहत अमरीकी धरती पर बच्चे का जन्म उसे अमरीकी नागरिकता दे देता है. राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इसकी कड़ी आलोचना की है.

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