जयशंकर अमरीकी सांसद से क्यों हुए नाराज़

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भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कश्मीर मुद्दे पर अमरीकी सांसदों के दल के साथ अचानक अपनी मीटिंग रद्द कर दी.
विदेश मंत्री एस जयशंकर इस वक़्त भारत-अमरीका 2+2 बातचीत के लिए अमरीका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में हैं.
सांसदों के दल में अमरीकी सांसद प्रमिला जयपाल भी शामिल थीं. प्रमिला जयपाल ने एक प्रस्ताव में भारत सरकार के कश्मीर पर उठाए क़दम की आलोचना की थी.

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एस जयशंकर ने इस मीटिंग को कैंसिल करने की वजह बताई, "मुझे नहीं लगता कि ये रिपोर्ट जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर सही समझ को दर्शाती है और ना ही ये भारत सरकार के क़दम का सही आकलन है. उनसे मिलने में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं."
उन्होंने कहा, "मैं उनसे मिलने में दिलचस्पी रखता हूं जो निष्पक्ष हैं और चर्चा करना चाहते हैं ना कि उनसे जो पहले ही अपनी राय बना चुके हैं."
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दिसंबर की शुरुआत में अमरीकी सांसद प्रमिला जयपाल ने अमरीका के निचले सदन में प्रस्ताव रखा था. इस प्रस्ताव में भारत से अपील की गई थी कि वे जम्मू-कश्मीर पर लगी पाबंदियां जल्द से जल्द हटा दें.
भारत सरकार ने इस पर प्रतिक्रिया दी थी कि ये पाबंदियां ज़रूरी हैं ताकि कश्मीर में पाकिस्तान कोई समस्या पैदा ना कर सके.
मीटिंग कैंसिल किए जाने की ख़बर वाशिंगटन पोस्ट में भी छपी. इस ख़बर पर प्रमिला जयपाल ने भी ट्वीट किया.
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उन्होंने लिखा, "इस मीटिंग का कैंसिल होना चिंता वाली बात है. ये इस बात को और पुख़्ता करता है कि भारत सरकार किसी तरह के मतभेद को सुनने को तैयार नहीं."
इस मामले पर कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने भी ट्वीट किया.
उन्होंने लिखा, "ये भारत जैसे बड़े लोकतंत्र के लायक बात नहीं है. मुझे यक़ीन नहीं हो रहा कि एस जयशंकर अपने कूटनीतिक अनुभव के बावजूद किसी आलोचक से बात करने को तैयार नहीं, चाहे वो आपसे सहमत हो ना हो, वे किसी से भी बहस करने में सक्षम हैं. असहमति को लेकर असहिष्णुता बीजेपी की राजनीतिक विफलता है."
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प्रमिला जयपाल भारत के चेन्नई में पैदा हुईं थीं और वे पहली भारतीय-अमरीकी महिला हैं जो अमरीका के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में चुनी गईं.
इस दौरे में एस जयशंकर के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी गए हैं. ये दोनों भारतीय मंत्री अपने अमरीकी समकक्ष मंत्रियों से बातचीत के लिए अमरीका गए हैं.
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