करतारपुर कॉरिडोर पर भारत-पाक आए नज़दीक: प्रेस रिव्यू

करतारपुर कॉरिडोर पर भारत-पाक आए नज़दीक: प्रेस रिव्यू

इमेज स्रोत, GURPREET CHAWLA/BBC

प्रस्तावित करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच कुछ मसलों पर सहमति बन गई है. अब भारतीय बिना वीज़ा के करतापुर साहिब गुरुद्वारे जा सकेंगे.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक करतारपुर कॉरिडोर को लेकर रविवार को हुई बैठक में पाकिस्तान ने भारत की ओर से रखे गए अधिकांश प्रस्तावों पर सहमति जता दी.

इनमें भारतीय पासपोर्ट धारकों एवं ओसीआइ (भारतीय विदेशी नागरिकता) कार्ड धारकों के लिए वीज़ा मुक्त यात्रा, भारत के हिस्से को जोड़ने के लिए रावी नदी के डूबे क्षेत्र पर पुल निर्माण और रोज़ाना कम से कम पांच हज़ार श्रद्धालुओं को दर्शन की इज़ाज़त शामिल है.

भारत के कई और प्रस्तावों पर 'पाकिस्तान ने सिद्धांतिक रूप से सहमति' दे दी है.

अटारी-वाघा सीमा पर चार घंटे तक चली बैठक में भारत ने अपनी सुरक्षा चिंताओं को भी रखा और पाकिस्तान को इस बारे में दस्तावेज़ सौंपे.

यू-टर्न के बाद, बागी विधायकों बोले- इस्तीफे पर बने हैं

इमेज स्रोत, FACEBOOK/H D KUMARASWAMY

यू-टर्न के बाद, बाग़ी विधायकों बोले- इस्तीफ़े पर बने हैं

यू-टर्न लेते हुए कर्नाटक के हाउसिंग मंत्री और कांग्रेस विधायक एमटीबी नागराज रविवार को एक चार्टर्ड प्लेन से मुंबई पहुंचे और सीधे उस होटल गए जहां 12 और बागी विधायक रुके हुए हैं.

इससे 12 घंटे पहले नागराज ने कहा था कि वो कांग्रेस में लौट जाएंगे और दूसरे विधायकों को भी पार्टी में वापस आने के लिए मना लेंगे.

हालात को भांपते हुए बीजेपी ने कह दिया है कि कुमारास्वामी सरकार सोमवार यानी आज सदन में बहुमत साबित करे, नहीं तो कुर्सी छोड़ दे. ये खबर हिंदुस्तान टाइम्स अखबार में है.

लगातार होते इस्तीफों से कर्नाटक की कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार संकट में आ गई है.

अफगानिस्तान: शांति वार्ता से भारत बाहर

इमेज स्रोत, Getty Images

अफ़ग़ानिस्तान: शांति वार्ता से भारत बाहर

पाकिस्तान ने अमरीका, रूस और चीन के साथ मिलकर इस सप्ताहंत तालिबान के लिए शांति समझौता तैयार किया.

ये कदम दिखाता है कि अफगान शांति वार्ता में पाकिस्तान अब अहम किरदार निभा रहा है, जबकि भारत को इससे बाहर कर दिया गया है. इस प्रक्रिया में भारत की भागीदारी ना के बराबर रही.

भारत ना तो शांति वार्ता का हिस्सा है और ना ही भारत की चिंताओं को ध्यान में रखा गया है.

भारत के लिए पूर्व अफगान राजदूत और राष्ट्रपति पद के दावेदार शाइदा अब्दाली ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया से कहा, "अफ़ग़ानिस्तान के साथ रिश्ते मज़बूत करने की भारत की 18 साल पुरानी कोशिशों को इस वक्त खोना नहीं चाहिए. भारत का मौजूदा प्रक्रिया से अलगाव की क़ीमत भारत को आगे चलकर चुकानी होगी."

मराठा आरक्षण: सामान्य छात्रों को फीस में छूट

इमेज स्रोत, EPA

मराठा आरक्षण: सामान्य छात्रों को फीस में छूट

महाराष्ट्र में सामान्य श्रेणी के जिन छात्रों को सामाजिक और आर्थिक आधार पर मिलने वाले नए आरक्षण की वजह से मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस या पोस्ट ग्रेजुएशन में दाखिला नहीं मिल पा रहा है, उन्हें इस साल से कम फीस पर प्राइवेट कॉलेज में दाखिला मिलेगा.

उनकी फीस सरकार कम करवाएगी. ये खबर इंडियन एक्सप्रेस अख़बार में है.

मुंबई में हुई एक बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ये भी कहा कि ओपन केटेगरी के लिए कॉलेजों में सीटें भी बढ़ाई जाएंगी. जो राज्य में विभिन्न सामाजिक समुदायों को आरक्षण मिलने से कम हो गई थीं.

'सेव मेरिट, सेव नेशन' के बेनर तले एक प्रतिनिधिमंडल ने फडणवीस के सामने मेडिकल कॉलेजों में सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए कम हुई सीटों पर निराशा जताई.

जिसके बाद एक आधिकारिक बयान में राज्य सरकार ने सामान्य वर्ग के लिए एमबीबीएस और पीजी में सीटें बढ़ाने की बात कही.

करतारपुर कॉरिडोर पर भारत-पाक आए नज़दीक: प्रेस रिव्यू

इमेज स्रोत, SEETU TEWARI/BBC

मिड डे मील से 900 बच्चे बीमार

मानव संसाधन विकास मंत्रालय को 2016 से घटिया खाने की 35 शिकायतें मिली हैं.

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले तीन सालों में मिड डे मील खाने की वजह से 900 से ज़्यादा बच्चे बीमार पड़े. हालांकि किसी बच्चे की मौत नहीं हुई. ये जानकारी एचआरडी मंत्रालय के अधिकारियों के हवाले से छापी गई है.

मंत्रालय को 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इतने ही वक्त में ख़राब खाने की 35 शिकायतें मिली.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "बच्चों को पका हुआ और पौष्टिक मिड डे मील भोजन देने की पूरी ज़िम्मेदारी राज्य सरकारों की है."

मिड डे मील योजना एचआरडी मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के तहत आती है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)