कुएं का पानी पीने से पैदा हो रहे हैं जुड़वां बच्चे.. कौन कर रहा है ये दावा?

इमेज स्रोत, Ravi Pedapolu
- Author, शंकर वादिसेट्टी
- पदनाम, आंध्र प्रदेश से बीबीसी के लिए
एक तरफ जहां भारत अपने अंतरिक्ष मिशन चंद्रयान II को लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है वहीं दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश के एक सुदूर गांव में लोग मानते हैं कि गांव के विशेष कुएं का पानी पीने से जुड़वां बच्चे पैदा होते हैं.
दोद्दिगुंटा एक छोटा सा गांव है जिसकी आबादी 4500 है. यह गांव आंध्र प्रदेश राज्य के पूर्वी गोदावरी ज़िले के रंगमपेटा मंडल के तहत आता है. यहां के लोगों की जीविका का मुख्य साधन कृषि है. गांव में सिर्फ़ एक हाईस्कूल है. ज़्यादातर लोग खेतीबाड़ी के काम में ही व्यस्त रहते हैं.
छोटा सा ये गांव उस वक़्त चर्चा में आ गया जब एक निजी टेलीविज़न चैनल में दिखाया गया कि इस गांव में मौजूद एक ख़ास कुएं का पानी पीने से जुड़वां बच्चों का जन्म होता है.

इमेज स्रोत, Ravi Pedapolu
अभी हाल के समय तक यही कुआं गांव वालों के लिए पीने के पानी का प्रमुख स्त्रोत था. गांव पंचायत की तरफ़ से कुछ वक़्त पहले ही गांव वालों के घरों में पानी की सप्लाई के लिए नल भी लगवाए थे.
अगर कोई इस गांव में घूमे तो उसे बहुत से जुड़वां बच्चे सड़कों पर खेलते-घूमते दिख जाएंगे. हालांकि गांव में कितने जुड़वां लोग हैं इस बात का कोई आधिकारिक आंकड़ा तो मौजूद नहीं है.
अदापा वेंकटेश इस गांव के सरपंच हैं. उन्होंने बीबीसी से कहा कि इस गांव में लगभग 110 जुड़वां हैं. उन्होंने यह भी कहा कि कुएं के पानी की वजह से गांव में इतने अधिक जुड़वां हैं.

इमेज स्रोत, Ravi Pedapolu
वो कहते हैं, "आप हमारे घर में विभिन्न आयु वर्ग के जुड़वां देख सकते हैं और इस ख़ासियत की वजह से हमारा गांव मशहूर हो गया है."
लेकिन ये सब शुरू कैसे हुआ?
बीबीसी तेलुगु से बात करते हुए वेंकट राव कहते हैं कि उन्हें जहां तक याद है उसके अनुसार एक अध्यापक गांव में जनगणना के लिए आए थे. और उन्होंने ही सबसे पहले ग़ौर किया कि इस गांव में ज़्यादातर घरों में जुड़वां हैं.

इमेज स्रोत, Ravi Pedapolu
"क़रीब 15 साल पहले एक टीचर यहां जनगणना के लिए आंकड़े जमा करने आए थे और वो हर घर में जुड़वां को देखकर भौचक्के रह गए थे. बाद में उनका इसी गांव में तबादला हो गया. जब उनकी पत्नी ने बच्चों को यहां जन्म दिया तो वो भी जुड़वां ही थे. उन्होंने ही यह ख़बर स्थानीय मीडिया को दी कि उनकी पत्नी ने कुएं का पानी पिया था जिस वजह से उनके घर जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ है. और बस यहीं से हमारे गांव का नाम सुर्ख़ियों में आ गया."
अब तो आलम ये है कि सिर्फ़ इसी गांव के नहीं बल्कि दूसरे गांवों और ज़िलों से भी लोग यहां के कुएं का पानी लेने आते हैं.
हैदराबाद से इस गांव पानी लेने आईं अनिता ने बीबीसी को बताया "हमारी शादी को चार साल हो चुके हैं. हम कई डॉक्टरों से मिल चुके हैं लेकिन कुछ नहीं हुआ. हम कोशिश करने आए हैं कि शायद किस्मत हमारा साथ दे दे. हम यहां से दो कनस्तर पानी लेकर जा रहे हैं."

इमेज स्रोत, Ravi Pedapolu
लक्ष्मी इसी गांव में रहती हैं और नौ महीने पहले ही उन्होंने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया है.
लक्षमी को पूरा यक़ीन है कि गांव में मौजूद इस कुएं के पानी को पीने की वजह से ही वो जुड़वां बच्चों की मां बनी हैं. इसके अलावा वो इस बात पर भी ज़ोर देकर कहती हैं कि यह पानी कई बीमारियों को भी दूर करने वाला है. वो बताती हैं कि गांव में कई परिवार ऐसे हैं जिनके घर नल लगा हुआ है लेकिन वे इसी कुएं का पानी पीना पसंद करते हैं.
वहीं दूसरी ओर तर्क देने वाले और चिकित्सा विशेषज्ञ ऐसे किसी भी दावे को सिरे से ख़ारिज करते हैं.

इमेज स्रोत, Ravi Pedapolu
जन विजनाना के उपाध्यक्ष और तर्कवेत्ता छल्ला रवि कुमार ऐसी बातों से साफ़ इनक़ार करते हैं. वो कहते हैं, "इस बात का कोई वैज्ञानिक तर्क मौजूद नहीं है कि इस कुएं का पानी पीने से गर्भधारण करने में मदद मिलती है. पानी हाइड्रोजन और ऑक्सीजन और कुछ लवणों का मिश्रण है. कैल्शियम कार्बोनेट, आयरन और कैल्शियम पानी में होते हैं लेकिन इससे गर्भ धारण करने में तो कोई मदद नहीं होती."
वो कहते हैं, "हां ये हो सकता है कि इससे कुछ बीमारियां दूर हो जाती हों. अगर किसी कुएं का पानी जुड़वां बच्चों को जन्म देने में मदद करे तो गांव में ऐसा कोई जोड़ा ही न हो जिसके बच्चे ना हों. इस बात की पुष्टि के लिए कोई प्रमाण मौजूद नहीं है."
पानी और गर्भधारण करने के बीच कोई संबंध नहीं
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पद्मजा का कहना है कि इस धारणा के पीछे कोई सच्चाई नहीं है कि कुएं का पानी पीने से जिन लोगों की संतान नहीं हो रही है उन्हें संतान हो जाएगी और पानी पीने से जुड़वां बच्चे पैदा हो जाएंगे. उनका कहना है कि "जीन और वंशानुगत कारक जुड़वां बच्चों के जन्म के लिए ज़िम्मेदार होते हैं."

इमेज स्रोत, Ravi Pedapolu
वो कहती हैं "गर्भधारण करने के दौरान महिला का यूटेरस एक से कहीं अधिक अंडाणु मुक्त करता है और इस वजह से जुड़वां बच्चों का जन्म होता है. इसके अलावा गर्भधारण करने की क्षमता और उम्र का भी इसमें ख़ास योगदान होता है. ये पूरी तरह अवैज्ञानिक है कि पानी पीने से जुड़वां बच्चों का जन्म होता है."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
















